पीटीआई 27 सितंबर को दिखाएगी ताकत , इस्लामाबाद की सुरक्षा के लिए पंजाब के पास कम पड़े जवान

खबर सार :-

पाकिस्तान में इस्लामाबाद की सुरक्षा को लेकर सरकार बेचैन है। राज्यों से आ रही पुलिस भी कम पड़ रही है। सरकार की ताकत का सामना अब पीटीआई खुलकर करने जा रही है। भले ही सरकार एक के बाद एक विरोधी नेताओं को गिरफ्तार कर रही है।
Pakistan मेें सत्ता के लिए संग्राम, Islamabad अभेद्य दुर्ग में बदला

खबर विस्तार : -

इस्लामाबाद, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की ओर से 27 सितंबर को सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरने का ऐलान किया गया है। इसका सबसे ज्यादा असर इस्लामाबाद में पड़ रहा है। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा से सत्तापक्ष में खलबली मची हुई है।

कंटेनर वेल्डिंग कर बना दी लंबी दीवार

विरोध प्रदर्शन को किसी तरह से भी सरकार रोकना चाह रही है। ऐलान के बाद यहां इस्लामाबाद कूच की तैयारी पीटीआई कर रही है। इसमें आवाजाही को रोकने के लिए इस्लामाबाद में अलग-अलग स्थानों पर कंटेनरों की लंबी कतार लगा दी गई है। इनको उखाड़ने और गिरा पाने का मौका भी सरकार नहीं देना चाह रही है। इसीलिए कंटेनर वेल्डिंग के जरिए जोड़े जा रहे हैं। अधिकारियों ने 27 सितंबर के मार्च से पहले राजधानी में मुख्य प्रवेश और निकास बिंदुओं को सील करने की तैयारी कर चुकी है।

प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए बड़ी संख्या में कंटेनरों को रातभर लग रहे हैं। राजधानी को अभेद्य दुर्ग में बदलने के लिए कहा जा रहा है। संघीय सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। जिन राज्यों से पुलिस की ज्यादा उम्मीद थी, वह मौके पर साथ नहीं निभा रहे हैं। इसमें अधिकारियों की मदद के लिए सिंध और पंजाब से बड़ी संख्या में पुलिस मांगी गई थी। दरअसल, अब हजारों अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की जरूरत इस्लामाबाद को है। 

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जनता का विद्रोह चरम पर पहुंच रहा

जनता का विद्रोह चरम पर पहुंच रहा है। यह विरोध मार्च करने वाले इस्लामाबाद में ही एकजुट हो रहे है। पीटीआई ने जेल में बंद संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग कर सरकार के खिलाफ आवाज उठा दी है। एक समाचार संस्थान की ओर से कहा गया है कि सिंध से लगभग 1,950 पुलिस अधिकारी और कर्मी मंगलवार रात तक इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।

इस संख्य के बाद भी पुलिस का काम नहीं चलने वाला है। पंजाब ने भी 19,000 पुलिसकर्मी और अधिकारी उपलब्ध कराने को कहा है। यद्यपि यह तत्काल की व्यवस्था नहीं है। इन राज्यों की पुलिस अगले दो दिनों में राजधानी पहुंचेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यहां बड़े संस्थान पहले से ही कांप रहे हैं। 

हाईकोर्ट इस्लामाबाद भी ऐलान पर चिंतित

हाईकोर्ट इस्लामाबाद तक चिंतित है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने प्रस्तावित मार्च के संबंध में कहा है कि सार्वजनिक सड़कों और अन्य सुविधाओं में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। यहां की सरकार इतनी डरी हुई है कि एमएनए आदिल बजई को गिरफ्तार कर लिया है। अब राजधानी में हिरासत में लिए गए पीटीआई सांसदों की संख्या छह हो गई है। इन लोगों को मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमपीओ) अध्यादेश की धारा 3 के तहत हिरासत में लेकर झेलम जेल भेज दिया गया है।

राज्यों की पुलिस का विशेश ध्यान दिया जा रहा है। जिन 23,000 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के लिए पंजाब से मदद मांगी थी, उनके ठहरने की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। अब उन लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है, जो अगली लाइन पर हैं। सांसदों में सीनेटर सैफुल्ला नियाज़ी, दावर कुंडी, एमएनए सनाउल्लाह मस्ती खेल, मियां अहसान जमाल, गौस मुहम्मद और आदिल बजई हिरासत में हैं। 

 सरकार को संदेश, मार्च होकर रहेगा

उधर, पीटीआई ने अपने ऐलान पर इस बार पक्का इरादा जता दिया है। सरकार को भेजे संदेश में कहा है कि मार्च होकर रहेगा। इमरान की पार्टी ने विरोध प्रदर्शन को अपना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार बताया है। हाल में ही पाकिस्तान की सरकार ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे भी नाराजगी बढी है। पहले से ही इनके नेता इमरान खान जेल में समय बिता रहे हैं। बताया जा रहा है कि खान के परिवार के कई सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद महौल खराब हो रहा है।

यहां प्रदर्शनों की आंच कई दिनों तक रहने वाली है। इसीलिए कंटेनर जोड़े जा रहे हैं। लेकिन इनके यह कार्य सत्तापक्ष के मंत्री को भी चुभ रहा है। इधर, गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने कहा है कि सरकार विरोध प्रदर्शनों के कारण होने वाली अव्यवस्था को दोबारा होने से रोकने के लिए एक स्थायी रणनीति अपनाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शनों के कारण इस्लामाबाद को 10 से 20 दिनों तक बंद नहीं रहने दिया जाएगा।

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