लाखों की रकम का पता लगा रही ईडी, जम्मू में आतंकी नेटवर्क के तार जुडे

खबर सार :-

देश के अलग-अलग ठिकानों पर आतंकी श्रोत्रों और मनी लॉंड्रिंग मामले को लेकर डाले जा रहे छापे में मिल रही बड़ी रकम। 2 नवंबर को भी प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली और कोलकाता के सात ठिकानों पर छापे डाले थे।
श्रीनगर में ईडी की कार्रवाई, आतंकी फंडिंग केस में चार ठिकानों पर छापे

खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः आतंकी फंडिंग के मामले में ईडी की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में की गई है। इसके पीछे माना जा रहा है कि मनी लॉडिंग केस और आतंकी गतिविधि में संलिप्त श्रोतों का पता लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई शुरू की है। ईडी ने कश्मीर के कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया हुआ है। इस कार्रवाई को आतंकी फंडिंग के नजरिये से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 

एक साथ कई ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई

श्रीनगर में करीब चार ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय जिस मनी लांड्रिंग मामले की जांच कर रहा है, उसका कनेक्शन डार से जुड़ा हुआ है। वह लश्कर ए तैयबा के लिए काम कर रहा था। इस मामले के तहत की गई कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें उमर आदिल डार मुख्य आरोपी बताया गया है। यद्यपि डार 4 साल से जेल में बंद है। उसके पास भारी मात्रा में नगदी भी मिली थी। उमर आदिल डार को पहले अपने साथियों के साथ भारी मात्रा में नकदी और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित आपत्तिजनक साहित्य ले जाते हुए पकड़ा गया था। भारत विरोधी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता रही है। वैसे भी उसका संबंध जिस संगठन से रहा, वह आतंकी गतिविधि के लिए जाना जाता है।

दो नवंबर को भी मिली थी बड़े पैमाने पर रकम

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, आतंकी फंडिंग मामले में ईडी के श्रीनगर जोनल ऑफिस ने श्रीनगर के चार ठिकानों पर छापे डाले हैं। इस दौरान पता लगाया जा रहा है कि अपराध से अर्जित आय के स्रोत क्या रहे हैं? उनके वित्तीय नेटवर्क और फंडिंग की सीमा कहां तक रही है? इसके अलावा आतंकी वित्त पोषण गतिविधियों से संबंधित सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। 2 नवंबर को भी प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली और कोलकाता के सात ठिकानों पर छापे डाले थे। इसमें सॉफ्टवेयर आयात के नाम पर विदेश में अवैध रूप से धन भेजने का मामला सामने आया था। छापे के दौरान करीब 47 लाख रुपए और विदेशी मुद्रा जब्त की गई थी। इस पूरे मामले की जानकारी में और नाम भी सामने आ सकते हैं।

आय की रकम के श्रोत्रों की जानकारी जुटाई जा रही

आज की कार्रवाई भी उमर आदिल डार और उसके साथियों से जुड़े आतंकी फंडिंग केस से संबंधित है। आरोप है कि उमर आदिल डार प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रहा था। हालांकि, अब जांच का दायरा बढ़ गया है। इसमें कई राज्य जुड़ चुके हैं। ईडी के तार पहले कोलकाता, दिल्ली, अब कश्मीर से विशाखापत्तनम सब-जोनल कार्यालय जांच में जुटे हैं। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की थी। इस मामले में अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) की प्रारंभिक अनुमानित राशि करीब 1,500 करोड़ रुपये थी।

सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह हो सकता है कि अब इनके साथ कहां-कहां गतिविधि चलाने वाले लोग रह रहे हैं। क्योंकि बताया जा रहा है कि आतंकवाद के मामलेे पर पाकिस्तान सरकार भी अब नरम नहीं है। उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है। हाल में ही पाकिस्तान के पीएम ने सख्ती दिखाने का भरोसा दिया था। रही बात भारत की तो वह पाकिस्तान की फजीहत तब तक कराएगा, जब तक उसके देश से आतंक को पनाह बंद नहीं कर दिया जाता है। 

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