आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फिलीपींस रवाना
खबर सार :-
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह विदेश में होने जा रही बैठक में मुद्दों पर ही बात करेंगे। वह हमेशा गंभीर मसलों को उठाते हैं। देशों के रक्षामंत्रियों के बीच आतंकवाद पर भी बोल सकते हैं।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली, भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फिलीपींस के सेबू के लिए रवाना हुए हैं। इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े तमाम मामलों पर चर्चा होनी है। भारत और मलेशिया आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्यसमूह की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। क्षेत्रीय वार्ता साझेदारी के रूप में आसियान के साथ औपचारिक साझीदारी में नए देश भी जुड़े है।वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में भी देश का सहयोग रहता है। क्षेत्रीय विवाद समुद्री डकैती आतंकवाद और परमाणु प्रसार जैसे सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में इन देशों के बीच इस बार बातचीत हो सकती है।
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आसियान में रक्षामंत्रियों की 13वीं बैठक प्लस है होनी
उस दौर के बाद से राजनाथ सिंह का महत्व ऐसी कई बैठकों में बढ़ जाता है। आसियान में रक्षामंत्रियों की 13वीं बैठक प्लस में शामिल होने के लिए वह रवाना हुए हैं। बैठक में भारत और अन्य देशों के बीच रक्षा संबंधों की समीक्षा की जाएगी। इसमें रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के विकल्प तलाशे जाएंगे। भारत के आसियान देशों के साथ अच्छे संबंध रहे हैं। इस बार बैठक में क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश शामिल है। बैठक में कई और देशोें के प्रतिनिधि शामिल होंगे। राजनाथ सिंह से इनकी मुलाकात भी होनी है।
यहां आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में भी भारत की अहम भूमिका रहेगी। निश्चित है की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आतंकवादी के खिलाफ मुखर नजर आएंगे। आतंकवाद के लिए भारत में कोई जगह नहीं है और विश्व के देशों को इसके खिलाफ मिलकर लड़ना चाहिए। भारत इस मंच पर केवल एक भागीदारी देश के रूप में नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रहा है।
सैन्य मुद्दों पर भारत का पक्ष रखने के लिए सिंह उत्सुक
इस मंच के संबंध में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की बेहतर विकल्प तलाशे जाते हैं, जिसमें सैन्य मुद्दों पर भारत का पक्ष रखने के लिए राजनाथ सिंह उत्सुक है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी एक्ट ईस्ट नीति के तहत आसियान की केंद्रीय भूमिका तथा हिंद प्रशांत क्षेत्र शांति स्थिरता और सामूहिक विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह बैठक फिलीपींस के सेबू में 28 और 29 अक्टूबर को होनी है। सदस्य देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर विचार साझा किए जाएंगे। एडीएमएम-प्लस क्षेत्रीय देशों और संवाद साझेदारों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर चर्चा का एक प्रमुख मंच है। इसमें भारत की भागीदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने के उसके प्रयासों का हिस्सा है।
अहम मुद्दों पर फिलिपींस में इस बैठक के दौरान चर्चा होगी
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर फिलिपींस में इस बैठक के दौरान चर्चा होनी हैै।राष्ट्रीय स्तर पर राजनाथ सिंह विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के विकल्प बनाएंगे। इस बैठक का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसमें दक्षिण-पूर्व एशिया के 11 आसियान सदस्य देशों के साथ भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल होंगे। यह मंच इन देशों को रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे विचार-विमर्श करने का अवसर देता है।
आसियान शिखर सम्मेलन के जरिए जुड़ सकते हैं नए देश
आसियान शिखर सम्मेलन के जरिए भारत को सर्वोच्च नीति निर्माण का विकास करना है। आसियान शिखर सम्मेलन की बैठक महत्वपूर्ण है। भारत के लिए विदेश नीति के लिए यह बैठक एशिया प्रशांत क्षेत्र के साथ वाणिज्य संपर्क और क्षमता निर्माण के साथ-साथ रणनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने में मदद करती है। इसका उद्देश्य साझेदारी को मजबूत करना और क्षेत्र में आपसी हितों को आगे बढ़ाना है। इसलिए भारत की ओर से इस बैठक को काफी महत्व दिया जाता है। विश्व की कई बड़ी अर्थव्यवस्था में भारत का नाम भी लिया जाता है।
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