Abu Dhabi में होगी त्रिपक्षीय वार्ता: America, रूस के साथ यूक्रेन समझौते को तैयार

खबर सार :-

जेलेंस्की ने बातचीत से पहले ही कह दिया है कि यूक्रेन अगले महीने अबू धाबी में अमेरिका और रूस के साथ त्रिपक्षीय बैठक के लिए तैयार है, लेकिन बात जमीन छोड़ने की हुई तो वह वार्ता बीच में ही छोड़ देंगे। बैठक नवंबर में हो सकती है।
Zelenskyy, त्रिपक्षीय बैठक में होंगे शामिल, जमीन छोड़ने को तैयार नहीं

खबर विस्तार : -

कीव: धीरे-धीरे दुनिया के सामने सच आने लगा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर Zelenskyy ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं डाला जाए। वह खुद ही मौजूदा मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने को तैयार है। एक न्‍यूज प्रतिष्ठान को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने युद्धविराम को स्वीकारने के लिए हामी भर दी है। वह समझौते तक पहुंचेंगे, लेकिन यूक्रेन के लगभग 25 प्रतिशत क्षेत्र को छोड़ने के प्रस्ताव को नहीं मानेंगे।

यह भी पढ़ें :  यूरोप में Indian रक्षा उत्पादों पर भरोसा जगा, operation sindoor और आत्मनिर्भर पहल की है कामयाबी

350 में मिली केवल 24 मिसाइलें

जेलेंस्की ने अमेरिका से मिलने वाली सैन्य सहायता को लेकर कुछ बातें कही हैं। इन पर सवाल भी उठ रहे हैं। अमेरिका कीव को किन शर्ताें के आधार पर आर्थिक मदद कर रहा था। इसे अब कम कर दिया गया है। कीव की ओर से ही कहा गया है कि पिछले तीन महीनों में यूक्रेन को अपने पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अमेरिका से केवल 24 इंटरसेप्टर मिसाइलें मिली हैं।

यह औसतन हर महीने करीब 350 मिसाइलों की जरूरत होती है। यह आंकड़ा तो हैरान करने वाला है। युद्ध में ताकत तो अमेरिका दे रहा था। कीव रूस से लड़ रहा था। अमेरिका पूरी तरह से रूस को आर्थिक जर्जर बना देना चहता था। अब परिर्वन हुआ है। Zelenskyy पूछ रहे हैं कि चिंताजनक हालात अमेरिका की ओर से बनाए गए हैं?

महत्वपूर्ण मुद्दों पर होनी चाहिए बात

जेलेंस्की ने मीडिया के सामने यह बात कही है कि नेताओं के स्तर पर सीधे वार्ता की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में तकनीकी स्तर की बातचीत होगी, तभी आगे बातचीत संभव है। उनके अनुसार, कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान केवल शीर्ष नेतृत्व की बैठक में ही संभव है। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए वह बातचीत के लिए तैयार हैं। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सर्वोच्च स्तर पर बातचीत बेहद जरूरी होगी।

कीव पर 30 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले हुए

जेलेंस्की ने अमेरिकी थिंक टैंक हडसन इंस्टीट्यूट को ऑनलाइन संबोधित किया। कहा कि यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों की प्रक्रिया में भागीदारी जरूरी है। बातचीत का सही समय चुनने के लिए उन्होंने रूस के रुख पर छोड़ दिया है। फिलहाल इसे नवंबर के पहले पखवाड़े में आयोजित करने की योजना है। उन्होंने स्थिति की गंभीरता पर जोर दिया है। कहा कि गुरुवार रात को ही कीव पर 30 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया।

नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है बात

 वॉशिंगटन की ओर से जेलेंस्की पर शांति समझौते के लिए कुछ रियायतें देने का दबाव है। इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिका मध्यस्थता करना चाहता है। उन्होंने जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि वार्ताओं में प्रगति न होने के लिए कीव भी जिम्मेदार है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में इन बातों का उल्लेख किया गया है।

उधर, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को जानकारी दी है कि रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। इसके लिए संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी सही जगह बताई गई है। उन्होंने कहा कि इन वार्ताओं का मुख्य फोकस संभावित शांति समझौते के बाद रूस और यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था पर होगा। 

यह भी पढ़ें : विंटर शेड्यूल से पहले Navi Mumbai एयरपोर्ट ने बढ़ाई कनेक्टिविटी; विंटर शेड्यूल से पहले सेवाओं का किया विस्तार

अन्य प्रमुख खबरें