मेलानिया Trump की मध्यस्थता से रूस और यूक्रेन के बीच अस्थायी युद्धविराम: Oleshky में राहत की उम्मीद

खबर सार :-

ओलेशकी में फंसे युद्ध का दर्द झेल रहे लोगों को उनके घर भेज दिया जाएगा। अब वह उम्मीद कर सकते हैं कि उनको किसी प्रकार से भी अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी घर वापसी कराएंगी।
Trump की पत्नी करा रहीं मध्यस्थता, Oleshky में फंसे लोगों में उम्मीद जगी

खबर विस्तार : -

मॉस्को/कीव, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच, खेरसॉन क्षेत्र के अग्रिम मोर्चे (फ्रंटलाइन) पर स्थित शहर Oleshky में फंसे नागरिकों के लिए उम्मीद की एक किरण जगी है। अभी तक यहां के लोग आजादी के लिए छटपटा रहे थे। कई देशों ने प्रयास तो किए, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलानिया ट्रम्प की मध्यस्थता चल रही है। इस मामले पर क्रेमलिन का दावा है कि रूस और यूक्रेन के बीच एक अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है।

इस सहमति के बाद जरूरतमंद नागरिकों को भोजन, साफ पानी और दवाइयों के लिए ज्यादा परेशान नहीं होेना पड़ेगा। इनको सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाएगा है।
भले ही किसी सैन्य अधिकारी की ओर से अभी युद्धविराम की बात नहीं की गई है, लेकिन दावे कई तरह के किए रहे हैं। 

29 अक्टूबर से सैन्य अभियान रोकने पर बनी सहमति

रूस के अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क रूस टुडे में एक जानकारी दी गई है कि व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को इस समझौते की घोषणा की। यदि यह बात सही है तो दोनों पक्ष 29 अक्टूबर से शहर में सैन्य अभियान रोकने पर सहमत हो गए हैं। खबरों को आधार बनाकर कुछ बातें मानी जा रही हैं। खेरसॉन क्षेत्र में अग्रिम मोर्चे के पास स्थित ओलेशकी में लगभग 1,500 से 2,000 नागरिकों के फंसने की स्थिति चिंताजनक बनी हुई हैं।

जो लोग यहां पर हैं, उनमें कुछ बीमार और बड़ी संख्या में बुजुर्ग हैं। युद्ध का असर इतना गहरा गया है कि इन लोगों मेें दवा और भोजन पानी तक नहीं पहुंच रहा है। जिनके जीवन पर संकट गहरा रहा है, उनकी ओर भी युद्ध वाले नजर नहीं दे पा रहे हैं। 

भोजन और पानी की किल्लत में जीवन

शहर में भोजन, पानी, दवाइयों का अकाल तो नहीं है, लेकिन कोशिश नहीं की जा रही है। ड्रोन हमलों के खतरे और जगह-जगह बिछाई गई बारूदी सुरंगों (लैंडमाइन्स) के कारण राहत सामग्री पहुंचाने से भी लोग डर रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में बाधा आ रही है। सच्चाई तो यह है कि जिस किसी ने ऐसा किया उसे बारूद मुक्त बनाने के प्रयास करने चाहिए। इस प्रस्तावित युद्धविराम से मानवीय सहायता कार्यों और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।

झगड़े में बच्चों की जिंदगी दांव पर 

मेलानिया ट्रम्प ने इस क्षेत्र को युद्ध से तबाह एक ऐसा अग्रिम मोर्चा करार दिया, जो तबाही के कगार पर है। यहां तो मानवीय भावनाएं भी नहीं बच सकीं। इनके साथ कुछ बच्चे भी हैं। इनको तत्काल चिकित्सा सहायता पीने के पानी की जरूरत है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार सैन्य अधिकारी फिलहाल युद्धविराम की शर्तों और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के अलावा कुछ कर नहीं सकते हैं।

उन्होंने मेलानिया ट्रम्प की भूमिका की सराहना जरूर की है। क्रेमलिन का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस महीने की शुरुआत में फोन पर बातचीत की थी। ओलेशकी में मानवीय संकट पर दोनों ने चिंता जताई थी। इसी दौरान दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रतोवा, मेलानिया ट्रम्प के कार्यालय के संपर्क में रहेंगी। 

रास्तों पर बिछाया गया है बारूद

हालांकि जब प्रयास सार्थक हो रहे हैं तो मॉस्को ने कीव पर मानवीय संकट को और गंभीर बनाने का आरोप लगाया हैैं। कहा गया है कि नागरिकों तक राहत सामग्री पहुँचाने के रास्तों को निशाना बनाया जा रहा हैै। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना स्थानीय निवासियों को शहर से बाहर जाने से रोक रही है।

यह महज आरोप हो सकते हैं, जब तक इनकी सच्चाई सामने न आ जाए। अब ध्यान प्रस्तावित युद्धविराम को लागू करने पर होगा। यदि यह समझौता प्रभावी ढंग से लागू हो जाता है, तो इससे उन नागरिकों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है। जब तक दोनों देशों की सहमति नहीें बन जाती है तब जक नतीजा भी मुस्किल है।

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