पनामा में तीन दिन बाद फिर आया 6.1 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप, दहशत में घरों से भागे लोग; सरकार ने लगाया आपातकाल

खबर सार :-

मध्य अमेरिकी देश पनामा में तीन दिन बाद दोबारा जबरदस्त भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई। सरकार ने देश में आपातकाल की घोषणा की है।
पनामा में एक बार फिर डोली धरती, 6.1 तीव्रता के भूकंप से दहशत

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: मध्य अमेरिकी देश पनामा में मंगलवार तड़के फिर से जबरदस्त भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे ठीक तीन दिन पहले इस इलाके में दो बड़े भूकंप आए थे। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई। इसका केंद्र जमीन की सतह से 10 किलोमीटर नीचे था और इसका एपीसेंटर (भूकंप का केंद्र-बिंदु) कोइबा द्वीप के उत्तर-पूर्व में 29 किलोमीटर दूर था।

भूकंपों के सिलसिले की वजह से पनामा में दहशत का माहौल है। मंगलवार तड़के भारतीय समयानुसार सुबह 4:50 बजे लोगों ने एक और जबरदस्त झटका महसूस किया। एक बार फिर भूकंप से सड़कों और इमारतों को नुकसान पहुंचा। सुबह-सुबह झटके महसूस होते ही लोग खुले इलाकों की ओर भागने लगे। पनामा में इससे ठीक तीन दिन पहले शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के दो बड़े भूकंप आ चुके थे। उन झटकों (जिनकी तीव्रता 7.7 और 6.6 थी) के बाद से ही देश में डर का माहौल बना हुआ है। 

100 मील दूर तक महसूस हुए झटके

US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, शुक्रवार सुबह पनामा के दक्षिणी सिरे के पास लॉस सैंटोस प्रांत के टोनोसी इलाके में 7.7 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया था; इसके झटके 100 मील से ज्यादा दूर राजधानी तक महसूस किए गए, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। दिनभर कई आफ्टरशॉक्स (बाद के झटके) आए और उसके बाद 6.6 तीव्रता का एक और जबरदस्त भूकंप आया। दो जबरदस्त भूकंपों के बाद पनामा के लोग दहशत में थे। इसका असर राजधानी पनामा सिटी तक महसूस किया गया। 

घरों से बाहर दहशत में रहे लोग

कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और लोगों के घरों की दीवारों में दरारें आ गईं। डरे हुए लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए और पूरी रात खुले इलाकों में रहे। दहशत के कारण लोगों ने वापस घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं की। वे सुबह तक बाहर ही रहे और हालात के बारे में जानकारी का इंतजार करते रहे। अभी तक इस ताजा भूकंप से हुए नुकसान के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

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भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

जबरदस्त भूकंप के बाद, पनामा सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित समुदायों की मदद के लिए आपातकाल की घोषणा की। पनामा में गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "भूकंप के बाद भारत पनामा की सरकार और लोगों के साथ खड़ा है। हमारी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो घायल हुए हैं या प्रभावित हुए हैं, खासकर उन परिवारों के साथ जिन्होंने नुकसान और मुश्किलों का सामना किया है।"

दो मेट्रो लाइनों पर सेवाएं रोकी गईं

भूकंप आने के तुरंत बाद सोना (Sona) जिले में बिजली चली गई। शुक्रवार को लॉस सैंटोस प्रांत के टोनोसी (Tonosi) इलाके में आए भूकंप के कारण पनामा में सार्वजनिक परिवहन और हवाई सेवाएं भी बाधित हुईं। एहतियात के तौर पर, देश की दो मेट्रो लाइनों पर सेवाएं रोक दी गईं। मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। सबसे ज़्यादा नुकसान दक्षिणी तट पर स्थित कोक्ले (Coclé) प्रांत में हुआ। राजधानी पनामा सिटी में भी कुछ नुकसान हुआ।

FAQ

1- पनामा में भूकंप कब आया?

मध्य अमेरिकी देश पनामा में शुक्रवार के बाद मंगलवार तड़के (भारतीय समयानुसार) भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

2- भूकंप की तीव्रता कितनी मापी गई?

मंगलवार को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई।

3- देश में आपातकाल की घोषणा क्यों की गई?

पनामा सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित समुदायों की मदद के लिए देश में आपातकाल की घोषणा की है।

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