नेपाल में फिर आया जलप्रलय ! बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ ने मचाई भयंकर तबाही

खबर सार :-

Nepal Flood News : नेपाल की बुढ़ी गंडकी नदी में भूस्खलन के कारण आई बाढ़ से तीन पुल बह गए। कई घरों में पानी घुस गया है और 22 घर खतरे में हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी के पास से हटकर ऊंचे इलाकों में जाने की अपील की है।
Nepal Flood: बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ ने मचाई भयंकर तबाही

खबर विस्तार : -

Nepal Flood News : नेपाल में कुदरत का कहर जारी है। रविवार को गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी (Budhi Gandaki River) में अचानक बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। बूढ़ी गंडकी नदी का मलबे से लदे तेज सैलाब आस-पास के गांवों में घुस गया, जिससे कई घर और पुल बह गए। जबकि कई लोग लापता होने की खबर हैं। फिलहाल प्रशासन ने तलाशी अभियान में जुटा गया है। इस भीषण बाढ़ ने दो महीने 26 अगस्त को आए जलप्रलय की याद ताजा कर दी।

मिली जानकारी के मुताबिक ऊंचे पहाड़ी इलाके में जमीन खिसकने से चुनचुबरी स्यारी नदी का बहाव रुक गया। इसके बाद यहां एक झील बनने लगी थी। पानी का यही सैलाब अचानक नीचे की ओर आ गया। इस बाढ़ में करीब 35 घर और 6 पुल बह गए, जबकि 10 से ज्यादा लोगों के लापता होने की सूचना हैं। 

अचानक आई बाढ़ ने मचाई भयंकर तबाही

बताया जा रहा है कि अचानक आए बाढ़ के तेज सैलाब में करीब छह पुल बह गए हैं। जिसमें 4 सस्पेंशन (झूला) ब्रिज शामिल हैं। अरुघाट, त्रिपुरासुंदरी और सोती-मानबू में बने पुलों के अलावा, धारचे रूरल म्युनिसिपैलिटी का एक बेली ब्रिज भी तबाह हो गया है। इसके साथ ही, पैदल चलने वालों के लिए बने कई छोटे पुल (फुटब्रिज) भी बह गए हैं। जबकि 10 से ज्यादा लोग लापता है।

प्राकृतिक आपदा के बारे में स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह 4 बजे से ही जलधाराओं से तेज गड़गड़ाहट की आवाजें आने लगी थीं। पानी का बहाव बार-बार रुकता और फिर अचानक तेजी से आगे बढ़ता, जिससे लोगों को अपना सामान समेटने का भी समय नहीं मिला; वे बस अपने घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। हालांकि नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह ही बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी थी।

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नेपाली पीएम ने दिए राहत एवं बचाव कार्य के आदेश

उधर हालात की गंभीरता को देखते हुए, नेपाल के प्रधानमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों के लिए नेपाली सेना की टीमों को तुरंत हवाई और जमीनी रास्तों से तैनात किया है। काठमांडू से एक संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया टीम (जॉइंट रैपिड रिस्पॉन्स टीम) को भी हवाई मार्ग से भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जगत इलाके से छह लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया। यह इलाका भूस्खलन की चपेट में है। 

26 अगस्त को आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही

इससे पहले 26 अगस्त को नेपाल की भोटे कोशी नदी में भी जबरदस्त बाढ़ आई थी। इस जलप्रलय 1,400 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और 6,000 से ज़्यादा लोग लापता हो गए। 
 रसुवा ज़िले से शुरू हुई बाढ़ नुवाकोट और धाडिंग तक फैल गई। इससे कुल 281 मेगावाट क्षमता वाली आठ चालू पनबिजली परियोजनाएं और 388 मेगावाट क्षमता वाली चार निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित हुईं। गल्छी-बेट्रावती-रसुवागढ़ी सड़क और पृथ्वी राजमार्ग के बड़े हिस्से नष्ट हो गए।

इतना ही नहीं इस 48 सस्पेंशन ब्रिज और 31 मोटर वाले पुल भी प्रभावित हुए हैं। बूढ़ी गंडक में आई यह भयंकर बाढ़ उस विनाशकारी बाढ़ जैसी है जो दो महीने पहले भोटे कोशी नदी में आई थी। इन विनाशकारी बाढ़ों के कारण नेपाल को लगभग 1.66 अरब अमेरिकी डॉलर का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कुल नुकसान का 83% हिस्सा बुनियादी ढांचे से जुड़ा है। 

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