ढाका की हवा बेहद खतरनाक स्तर पर, दुनिया के प्रदूषित शहरों की लिस्ट में शीर्ष पर
खबर सार :-
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हवा की गुणवत्ता बेहद अस्वस्थ स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार सुबह ढाका का AQI 213 दर्ज किया गया, जो दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में सबसे ज्यादा रहा।
खबर विस्तार : -
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हवा की गुणवत्ता बहुत अस्वस्थ स्तर पर पहुंच गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार सुबह 11:10 बजे ढाका का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 213 दर्ज किया गया, जिससे यह दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में सबसे ऊपर आ गया।
यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (UNB) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि AQI पैमाने के आधार पर, ढाका की हवा की गुणवत्ता को "बहुत अस्वस्थ" (very unhealthy) की श्रेणी में रखा गया है। यह स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इस सूची में मलेशिया का कुआलालंपुर 208 AQI के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि सिंगापुर 179 AQI के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
301 से ऊपर की रीडिंग 'खतरनाक'
AQI मानकों के अनुसार, 301 से ऊपर की रीडिंग को 'खतरनाक' माना जाता है; 201 से 300 के बीच की रीडिंग 'बहुत अस्वस्थ' होती है; 151 से 200 के बीच की रीडिंग 'अस्वस्थ' श्रेणी में आती है; और 101 से 150 के बीच की रीडिंग को 'संवेदनशील समूहों के लिए अस्वस्थ' माना जाता है। UNB रिपोर्ट में बताया गया है कि ढाका लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्याओं से जूझ रहा है। आमतौर पर, सर्दियों के महीनों में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है और मानसून के मौसम में इसमें सुधार होता है।
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पांच प्रमुख प्रदूषकों के आधार पर AQI की गणना
AQI की गणना पांच प्रमुख प्रदूषकों के आधार पर की जाती है: पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और ओजोन।
वायु प्रदूषण से दुनियाभर में हर साल 70 लाख मौतें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में हर साल 70 लाख (7 मिलियन) लोगों की मौत होती है। इन मौतों के मुख्य कारणों में हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों का कैंसर और गंभीर श्वसन संक्रमण शामिल हैं। WHO के आंकड़ों से पता चलता है कि दुनिया की लगभग पूरी आबादी (99 प्रतिशत) ऐसी हवा में सांस लेती है जो WHO की गाइडलाइन सीमा से अधिक प्रदूषित है और जिसमें प्रदूषकों का स्तर बहुत अधिक है। कम और मध्यम आय वाले देशों के लोग इसका सबसे अधिक शिकार होते हैं।
बांग्लादेश में हर दिन लगभग 242 लोगों की मौत
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स की एक स्टडी में पाया गया कि बारीक कणों (PM2.5) से होने वाले एयर पॉल्यूशन के कारण बांग्लादेश के छह बड़े शहरों में हर दिन लगभग 242 लोगों की मौत होती है और इससे सालाना लगभग 23 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान होता है। स्टडी से पता चलता है कि PM2.5 पॉल्यूशन के कारण ढाका, चट्टोग्राम, राजशाही, खुलना, सिलहट और बारिशाल में हर साल लगभग 88,240 लोगों की समय से पहले मौत हो जाती है, यानी हर 1,00,000 लोगों पर लगभग 260 मौतें।
23 अरब डॉलर के सालाना नुकसान का अनुमान
द डेली स्टार की रिपोर्ट में बताया गया है कि स्टडी में PM2.5 पॉल्यूशन से बांग्लादेश को होने वाले सालाना आर्थिक नुकसान का अनुमान लगभग 23 अरब डॉलर लगाया गया है। यह स्टडी जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ और इंफॉर्मेटिक्स डिपार्टमेंट के तहत 'क्लाइमेट चेंज, एयर क्वालिटी एंड हेल्थ रिसर्च (C2AHR) यूनिट' द्वारा 2013 से 2021 तक के डेटा का एनालिसिस करके की गई थी।
FAQ
1. AQI क्या है?
हवा की गुणवत्ता व प्रदूषण की मात्रा की जांच के लिए AQI (Air Quality Index) मानक का इस्तेमाल किया जाता है।
2. हवा की गुणवत्ता कैसे तय की जाती है?
हवा की गुणवत्ता AQI के माध्यम से तय की जाती है। AQI की गणना पांच प्रमुख प्रदूषकों के आधार पर की जाती है: पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और ओजोन।
3. वायु प्रदूषण से दुनियाभर में हर साल कितने लोगों की मौत होती है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में हर साल 70 लाख (7 मिलियन) लोगों की मौत होती है।
4. वायु प्रदूषण से कौन सी बीमारी होने का खतरा रहता है?
वायु प्रदूषण की वजह से मुख्य रूप से हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों का कैंसर और गंभीर श्वसन संक्रमण जैसी बीमारियां होती हैं।
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