PTI का इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च आज, सरकार नहीं मना पाई विपक्ष को

खबर सार :-

पाकिस्तान की सरकार से तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की बातचीत का हल नहीं निकला है। सरकार ने उनके लॉन्ग मार्च को इजाजत नहीं दी है। बल्कि, कहा है कि इस्लामाबाद में प्रवेश की कोशिश भी की तो उसी अंदाज में निपटा जाएगा। सरकार ने पीटीआई पर बंदिशों की ऐसी कील ठोंकी है, जिससे कर्फ्यू, जैसे हालात से पीटीआई को इस्लामाबाद की ओर जा पाना मुश्किल लग रहा है।
इस्लामाबाद में आज PTI के लिए कर्फ्यू, चुनौतियों के बाद मार्च पर सरकारी कील

खबर विस्तार : -

इस्लामाबाद, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के आज 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद की ओर होने वाले लॉन्ग मार्च की सफलता पर ग्रहण लगता दिखने लगा है। सरकार की ओर से इसको रोकने के मकसद से इस्लामाबाद को छावनी बना दिया गया है। जबकि विपक्ष के बीच हुई बातचीत शनिवार को बेनतीजा रही।

PTI के मार्च को सरकार ने इजाजत नहीं दी

पीटीआई जिन मुद्दों को लेकर मार्च करना चाह रही थी, सरकार ने उनकी इजाजत नहीं दी। साथ ही दोबारा बातचीत के सवाल पर भी इंकार कर दिया। सरकार की ओर से कहा गया है कि सहमत बनाने के प्रयास बराबर किये जा रहे हैं, लेकिन अब आगे क्या होगा? इसके बारे में कुछ नहीं कहा जाएगा। पीटीआई नेता सलमान अकरम ने कहा कि दोनों पक्ष मुद्दों पर सहमत नहीं हो पाए हैं। विपक्ष के नेता  ने बताया है की जेल में बंद पीटीआई संस्थापक इमरान खान से मुलाकात और उनके निजी डॉक्टर तक पहुंचने को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। 

पीटीआई नेता सलमान अकरम राजा ने कहा कि दोनों पक्ष बुनियादी मुद्दों पर सहमत नहीं हो सके। सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने कहा कि जेल में बंद पीटीआई संस्थापक इमरान खान से मुलाकात और उनके निजी डॉक्टर तक पहुंच को लेकर मतभेद बने हुए हैं। इस बीच पीटीआई ने कहा कि लॉन्ग मार्च तय समय पर होगा। द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार सलमान ने कहा, “हमारा रुख यह था कि हम उस बिंदु की ओर आगे बढ़ सकते हैं जिस पर दोनों पक्ष सहमत हो सकें।

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खान की बहनों और वकील को मिलने की इजाजत

मतभेदों के चलते और सरकार की ज्यादतियों का परिणाम पीटीआई का लॉन्ग मार्च अपनी समय पर ही होगा। नेताओं ने कहा कि चाहे जितनी बंदिश सरकार की ओर से लगा दी जाएं लेकिन फैसला बदलने वाला नहीं है। बातचीत बेनतीजा होने के बाद पीटीआई चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने कहा, “हम चाहते थे कि बातचीत सफल हो। 
 सरकार की ओर से सुरक्षा के व्यापक का इंतजार किए गए हैं।

इस्लामाबाद को छावनी की तरह तब्दील कर दिया गया है, जबकि सीमाओं पर भी कंटेनरों से लोहालाट कर दिया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि इमरान खान के साथ मुलाकात की व्यवस्था अभी नहीं हो पाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर परिवर्तन किए गए हैं। इन बातों का भी जिक्र किया गया है कि इमरान खान की बहनों और उनके वकीलों को मिलने की इजाजत दी जाएगी, लेकिन उनके साथ समर्थक वहां नहीं जाएंगे।

मसौदे में चार बार संशोधन किया गया

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता शेरी रहमान ने कहा कि मसौदे में चार बार संशोधन किया गया। सरकार का रुख आतंकवाद-रोधी उपायों और खैबर पख्तूनख्वा सरकार की भूमिका पर केंद्रित था। सूत्रों के अनुसार, बातचीत करने वाली टीमों के साथ विचार-विमर्श के बाद गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने टेलीफोन पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ को जानकारी दी। अब्बास ने बताया कि सैन्य अभियानों के बारे में विस्थापित लोगों के संबंध में सरकार कुछ नहीं बता रही है।

प्रदर्शन से पहले पार्टी के लोगों ने कहा है कि सरकार की ओर से या उनके पक्षधरों की ओर से कोई ऐसा काम नहीं होना चाहिए जिससे तनाव पैदा हो। कहा कि राजनीति में समाधान निकले जा सकते हैं। इसमें कोई ऐसी चीज नहीं होती है, जिसका एक समय निश्चित हो। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था सरकार ना करे, जिससे लगे कि लॉन्ग मार्च का सामना आपातकाल या गवर्नर शासन से होने जा रहा है। 

सरकार आतंकवाद के मामले में समझा नहीं पाई

उन्होंने बताया कि सरकार से मांग की गई है कि बातचीत के लिए रास्ते खोले जाएं और दोनों पक्ष अगले चरण पर विचार करें, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बन सकी है। समझौते के मसौदे में कोई बदलाव नहीं हो पाए हैं। इसलिए मार्च अपने निश्चित समय पर होगा दूसरी तरफ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पीपीपी की नेता रहमान ने कहा कि मसौदे में चार बार संशोधन किया गया। सरकार की ओर से पीटीआई की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए बातचीत के प्रयास किए गए।

इनमें कहा गया है कि आतंकवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लांग मार्च और अन्य बातों पर समझौता नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकारों का कहना है कि सरकार आतंकवाद के मामले में समझा नहीं पाई है, लेकिन उन्होंने कहा कि आतंकवादी रोधी प्रयासों में अपनी भूमिका के बारे में भरोसा दिलाने में हम सफल रहे हैं।

प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार ने चेतावनी दी कि किसी भी हाल में इस्लामाबाद की सीमा में मार्च को घुसने नहीं दिया जाएगा। यदि वह ऐसा प्रयास भी करते हैं तो किसी भी तरह की अशांति से कानून निपटने की व्यवस्था कर चुकी है। प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि प्रांतीय सरकार को आतंकवाद के संबंध में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए। 

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