प्रदूषण प्रमाण पत्र में नाम की गलती पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, झांसी के अस्पताल को अंतिम चेतावनी

खबर सार :-

झांसी के सांवरिया मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के पंजीकरण में प्रदूषण प्रमाण पत्र पर गलत नाम मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने अंतिम नोटिस जारी किया है। सात दिन में सुधार न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
झांसी में नर्सिंग होम को अंतिम नोटिस, प्रदूषण प्रमाण पत्र में गलत नाम

खबर विस्तार : -

झांसी: झांसी महानगर में स्वास्थ्य नियमों और मानकों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में सांवरिया मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के पंजीकरण नवीनीकरण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रमाण पत्र में अस्पताल का नाम गलत पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने अंतिम नोटिस जारी किया है। विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को इस त्रुटि को दूर करने के लिए सात दिन का समय दिया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी के निर्देश पर उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने शनिवार को उक्त अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल के दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिसमें कई कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को इन कमियों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

प्रमाण पत्र में नाम की त्रुटि और पूर्व नोटिस

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अस्पताल के पास मौजूद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रमाण पत्र में संस्था का नाम गलत दर्ज है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में अस्पताल को पहले भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रमाण पत्र में सुधार नहीं कराया गया। नियमानुसार अस्पतालों को हर साल अपने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना होता है, और इसी प्रक्रिया के दौरान यह गलती सामने आई।

मानक उल्लंघन और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा

झांसी जनपद और महानगर में कई अस्पताल एवं नर्सिंग होम शासन के दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ संचालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे कानून का डर कम होता दिखाई देता है। पिछले वर्ष इस अस्पताल का पंजीकरण नवीनीकृत हुआ था, लेकिन इस बार नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में विसंगति पाई गई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जारी किया गया पत्र अंतिम चेतावनी के रूप में है। यदि तय अवधि के भीतर कागजी कमियों और नाम की त्रुटि को ठीक नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार अस्पताल पर ताला लगाने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। विभाग की इस कार्रवाई से नियमों की अनदेखी करने वाले अन्य निजी चिकित्सा संस्थानों में भी हड़कंप की स्थिति है।

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