दिवाली: बाजारों में उमड़ी पटाखा खरीदारों की भीड़, बढ़ा ग्रीन पटाखों का क्रेज, ट्वाय ट्रेन बनी बच्चों की पसंद

खबर सार :-

दिवाली पर पटाखा खरीदने के लिए खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। खरीदारों में सर्टिफाइड ग्रीन पटाखे और नई वैरायटी के पटाखों का क्रेज बढ़ा है। बच्चों में ट्वाय ट्रेन पहली पसंद बन गए हैं।
दिवाली से पहले पटाखा बाजार में उमड़ी लोगों की भीड़

खबर विस्तार : -

अमृतसर: दिवाली से पहले, पटाखों के बाज़ारों में त्योहारों की भीड़ उमड़ पड़ी है। पर्यावरण की सुरक्षा और सुरक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच, खरीदार ज़्यादातर सर्टिफाइड ग्रीन पटाखों और नई वैरायटी को चुन रहे हैं। पिछले साल की दिवाली और इस साल की दिवाली के बारे में, चश्मीर सिंह ने कहा, "इनमें फ़र्क है। इसका मतलब है कि लोकल और आम लोगों ने योगदान दिया है। आप जो देख रहे हैं, उसको लेकर लोगों में ज़्यादा जागरूकता है। लोगों को डर है कि ज़्यादा आवाज़ वाले पटाखों से नुकसान हो सकता है, आग लग सकती है, या कोई हादसा हो सकता है। दिवाली के दौरान ऐसा अक्सर होता है, कभी उनके हाथ में पटाखा फट जाता है, या कभी गलत चीज़ उठाने पर धमाका हो जाता है।

ग्रीन पटाखों से होता है कम नुकसान

उन्होंने आगे कहा कि अब तो माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ खड़े होकर उन्हें पटाखे जलाने में मदद करते हैं। उनके मुताबिक, नए ग्रीन पटाखों के आने से पटाखों का इस्तेमाल भी आधा हो गया है। बच्चों में मोबाइल फ़ोन का भी शौक बढ़ रहा है, इसलिए इसका क्रेज़ थोड़ा कम है, लेकिन जैसे-जैसे बाज़ार पूरी तरह फैलेगा, भीड़ बढ़ेगी। अगर बाज़ार 15-20 दिन पहले लग जाता तो ज़्यादा रौनक होती। एक बिज़नेसमैन जितेंद्र सिंह ने कहा, "दिवाली का क्रेज़ हमेशा रहता है। बच्चे हर साल दिवाली का इंतज़ार करते हैं ताकि नए पटाखे खरीद सकें और उन्हें फोड़ सकें। इस बार भी दिवाली में कई खास चीज़ें हैं। ग्रीन पटाखे ज़्यादा संख्या में दिख रहे हैं, जिनसे कम नुकसान होता है।

ग्रीन दिवाली मनाने से प्रदूषण कम होगा 

उन्होंने कहा कि माता-पिता भी अपने बच्चों के साथ आ रहे हैं, और पटाखे ग्रीन हैं। बच्चे भी खुश हैं। नए तरह के पटाखे आए हैं, जैसे टॉय ट्रेन, जो पटाखा भी है और खिलौने जैसी भी दिखती है। इसी तरह, कई नई वैरायटी आई हैं। बच्चे खुश हैं, और माता-पिता भी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रीन दिवाली मनाने से प्रदूषण कम होगा और भविष्य बेहतर होगा। बच्चे भी समझ गए हैं कि ग्रीन पटाखे फोड़ना हमारी हेल्थ के लिए अच्छा है। स्कूलों में भी बच्चों को ग्रीन पटाखे फोड़ना सिखाया जाता है, क्योंकि ज़्यादा प्रदूषण से पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए, लोग अब इससे खुश हैं।

समय के साथ बदल गए पारंपरिक पटाखे

ग्रीन दिवाली के बारे में अरविंद सिंह ने कहा कि इस बार पटाखे अच्छे और ग्रीन हैं, जिससे प्रदूषण कम हो रहा है। पहले अनार, चकरी और कई दूसरे पारंपरिक पटाखे होते थे। अब समय के साथ ये भी बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे नए कपड़े, मिठाइयां, अपने घरों को रोशन करने और दीये जलाने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। इससे उनकी खुशी और बढ़ जाएगी। आप लोगों को लगातार पटाखे खरीदने आते हुए देख सकते हैं। बच्चे भी अपने परिवार के साथ देखे जा सकते हैं। इस साल ग्रीन दिवाली मनाई जा रही है, और लोग इसमें उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं।

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