सत्य निकेतन हादसे के आरोपी को कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज; उम्र और सेहत की दलीलें नहीं आईं काम

खबर सार :-

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पुरानी इमारत गिरने के मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी हरि राम गुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी।
सत्य निकेतन हादसे के आरोपी हरि राम गुप्ता की जमानत याचिका खारिज

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने के मामले में आरोपी इमारत के मालिक हरि राम गुप्ता को पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और चार्जशीट अभी दाखिल नहीं हुई है, इसलिए इस समय जमानत देना सही नहीं होगा।

आरोपी की जमानत अर्जी पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकील ने उनकी उम्र और सेहत का हवाला देते हुए जमानत की मांग की। वकील ने तर्क दिया कि हरि राम गुप्ता बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इमारत के रोजमर्रा के कामकाज में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी। कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज कर दिया।

गवाहों ने हरि राम की भूमिका बताई

अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि भले ही हरि राम गुप्ता इमारत से कोई संबंध न होने का दावा करते हैं, लेकिन रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बताते हैं। कोर्ट ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार, इमारत का बिजली कनेक्शन अभी भी हरि राम गुप्ता के नाम पर है। इसके अलावा, पूछताछ के दौरान कुछ गवाहों ने इमारत के निर्माण और उसमें चल रहे काम में उनकी भूमिका के बारे में बताया है। कोर्ट ने पाया कि जांच से पता चला है कि इमारत से हर महीने एक लाख रुपये से ज्यादा का किराया आता था। इस आय को देखते हुए, यह पता लगाने के लिए गहन जांच की जरूरत है कि इमारत के रखरखाव और मरम्मत पर असल में कितना खर्च किया गया था। 

ये भी पढ़ेंः- दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से 6 की मौत, बचाव अभियान जारी

कोर्ट ने कहा- यह लापरवाही का मामला

कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यह लापरवाही का मामला है और मामले की तह तक जाना जरूरी है। आरोपी की उम्र और सेहत से जुड़े तर्कों पर कोर्ट ने उनकी अहमियत तो मानी, लेकिन कहा कि अभी ऐसी कोई मेडिकल इमरजेंसी नहीं है जिससे यह लगे कि न्यायिक हिरासत में रहते हुए उनकी हालत का प्रबंधन नहीं किया जा सकता। जमानत अर्ज़ी खारिज करते हुए कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि आरोपी को सभी निर्धारित दवाएं समय पर मिलें और उनकी सेहत का उचित ध्यान रखा जाए।

हादसे में 7 लोगों की गई थी जान

गौरतलब है कि 6 सितंबर को सत्य निकेतन में एक पुरानी इमारत का कुछ हिस्सा गिर गया था। इस दुखद घटना में सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में पांच छात्र और दो मजदूर शामिल थे। यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित है, जहां PG में रहने वाले और कोचिंग क्लास लेने वाले बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। इमारत जर्जर हालत में थी और अवैध निर्माण के आरोप भी सामने आए थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने 7 सितंबर को बिल्डिंग के मालिक हरि राम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया। इन तीनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) और लापरवाही से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

FAQ

1- सत्य निकेतन हादसा कब हुआ?

दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को एक पुरानी इमारत का एक हिस्सा गिर गया था। उस समय इमारत में अवैध निर्माण की भी बात सामने आई थी।

2- हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?

इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल थे। इसके अलावा कई लोग घायल हुए।

3- मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

इस मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने मुख्य आरोपी बिल्डिंग मालिक हरि राम गुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दिया है।

ये भी पढ़ेंः- सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: हाई कोर्ट का MCD को जांच का निर्देश

 

अन्य प्रमुख खबरें