कर्नाटक विधानसभा चुनावः बेंगलुरु और गडग में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट

खबर सार :-

कर्नाटक विधान परिषद चुनावों के दौरान शुक्रवार को बेंगलुरु और गदग में मतदान केंद्रों के पास तनाव की स्थिति बनी रही। कई बार तो कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ते नजर आए। वहीं भाजपा की ओर से पुलिस पर एक तरफा पक्षपात का आरोप लगाया गया।
कर्नाटक :कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की अभद्रता, भाजपा नेता के कपड़े फाड़ें

खबर विस्तार : -

बेंगलुरु, बेंगलुरु के नागरभावी में एक मतदान केंद्र के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक मुनिरत्ना के साथ बदसलूकी की। बताया जाता है कि उन पर हमला कर मारपीट की गई। दूसरी ओर गदग में भी म्युनिसिपल कॉलेज के बाहर चुनाव नियमों में उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। जैसे ही मतदान केद्र के पास बेंगलुरु में राजराजेश्वरी नगर से भाजपा विधायक मुनिरत्ना के नागरभावी स्थित मतदान केंद्र के पास पहुंचे, माहौल तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनसे अभद्रता शूरू कर दी। सत्तापक्ष की हनक दिखाकर उनके कपड़े फाड़ दिए।

दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच मारपीट हुई

अपमानजनक नारे लगाए गए। इसी बीच दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच मारपीट शुरू हो गई। पुलिस मौके थी, लेकिन उसने शुरू में शांति का प्रयास नहीं किया।  मुनिरत्ना ने चुनाव में धांधली कराने का आरोप लगाकर कांग्रेस नेतृत्व की जमकर आलोचना की। खासकर पूर्व सांसद डी.के. सुरेश और उनके बड़े भाई, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब से डी.के. सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा चुनाव हारे हैं, तब से कांग्रेस कार्यकर्ता सुनियोजित तरीके से उन्हें निशाना बना रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के लोग अब मारपीट पर उतर आते हैं। 

बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। जहां भाजपा-जेडी (एस) गठबंधन ने कांग्रेस उम्मीदवार पुट्टन्ना के खिलाफ ए.पी. रंगनाथ को मैदान में उतारा, वहीं गदग में पश्चिमी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव दिलचस्प रहा। यहां भी विवाद चलता रहा। म्युनिसिपल कॉलेज के बाहर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाए। यह सिलसिला चलता रहा। मामला मारपीट तक पहुंच गया। भाजपा समर्थकों ने विधायक सी.सी. पाटिल के समर्थन में, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री एच.के. पाटिल के समर्थन में नारेबाजी की।

100 मीटर के दायरे में पार्टी कार्यकर्ताओं पर रोक 

 राजराजेश्वरी नगर और बेंगलुरु ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में मुनिरत्ना और डी.के. बंधुओं के बीच की कई बार टकराव हो चुका है। यह टकराव तब और बढ़ गया जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर दबाव बनाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र के अंदर आने से रोका जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में पार्टी कार्यकर्ताओं को रोक दे। इसी बात पर दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति बनी रही। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की कांग्रेस कार्यकर्ताओं से नोकझोंक हुई। पुलिस पर अपने अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया। इस बीच कांग्रेस सत्ता का हनक दिखाती रही। चुनाव नियमों को समान रूप से लागू न करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने कड़ी नाराजगी जताई। सी.सी. पाटिल ने पुलिस अधिकारियों पर भी निशाना साधा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र से हटाने की मांग की। 

तनाव का हालम यह रहा कि गदग में पुलिसकर्मियों को दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने में मशक्कत उठानी पड़ीं। किसी पार्टी का नेता शांत होता तो दूसरा जोर मारने लगता। व्यवस्था बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए मतदान हुआ। इसमें दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराए गए। 

दिनभर हार और जीत में उलझे रहे कार्यकर्ता

दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मुट्ट का मुकाबला भाजपा के के. एम. सुरेश से है। इस बात की जानकारी सभी को है कि चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। यह कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद खुद भी एक एमएलसी हैं। बताया जा रहा है कि 75 सदस्यीय विधान परिषद में पांच सीटें खाली हैं। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के पुट्टन्ना का मुकाबला जेडी (एस) के एपी रंगनाथ से है। उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कडा मुकाबला रहा। यहां कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर का मुकाबला भाजपा के शशील जी नमोशी से माना जा रहा है। पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई का सामना भाजपा के संकानूर एस. वी. से हो सकता है। कुल 43 उम्मीदवार मैदान में रहे। 

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