डीजल की कीमतों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा: ट्रंप के बयान को ज़ेलेंस्की ने पूरी तरह से झूठे कहा

खबर सार :-

रूस ने अमेरिका को कम दाम पर तेल दिया। इससे कीव को नाराजगी है। अब कीव और अमेरिका में अनबन चल रही है। एक दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
Zelenskyy ने कहा, मुद्दों से भटका रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

खबर विस्तार : -

कीव/वॉशिंगटन, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर Zelenskyy की अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच खांई बन गई है। एक तीखा हमला बोलते हुए ट्रंप के बयानों को ‘पूरी तरह से झूठा’ बताया है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि ट्रम्प अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों पर से ध्यान भटका रहे हैंं। बता दें कि ट्रंप ने हाल में ही कहा था कि रूस की तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन ने हमले किए हैं।

यह बातें पूरी तरह से सच नहीं हैं। असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है। वैसे भी अब वॉशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसका कारण साफ है। रूस ने अमेरिका को सस्ते दाम पर तेल दिया है। जबकि कीव का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट की प्रमुख वजह ईरान से जुड़ा संघर्ष है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित समुद्री यातायात शामिल हैं। जेलेंस्की और ट्रंप के बयान रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे से संबंधित हैं। 

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दोनों परिस्थिति में नुकसान कीव का हो रहा

रूस की अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) ने कहा है कि स्टीवन बार्टलेट के पॉडकास्ट ‘द डायरी ऑफ ए सीईओ’ में बातचीत के दौरान ज़ेलेस्की ने कहा कि रूसी डीजल निर्यात का अमेरिका में ईंधन की कीमतों पर सीधा प्रभाव सीमित है। कीव के सवाल वाजिब हैं। उन्होंने ट्रम्प के दावों को निराधार कहा। अमेरिकी राष्ट्रपति के ऊर्जा की कीमतों को लेकर चिंता को परपंच कहा। कहा कि अमेरिकी कंपनियां दूसरे देशों को ऊर्जा का निर्यात क्यों जारी रखती हैं? कीमत इतनी खल रही हैं तो वह तेल का कारोबार न करें।

लेंस्की ने ट्रम्प पर ईरान से जुड़े संकट से ध्यान हटाने के लिए यूक्रेन को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यद्यपि कई देश तेल को लेकर मौजूदा ऊर्जा संकट की जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य को मान रहे हैं। पर अमेरिका अपने हित रूस से साध रहा है। तभी से यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। एक ओर वह समुद्री जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं तोे दूसरी ओर रूस से निकट संबंध बना रहे हैं। इन दोनों परिस्थिति में नुकसान कीव का हो रहा है। बताया जा रहा है कि मॉस्को ने तत्काल डीजल की आपूर्ति के अलावा नवंबर में अतिरिक्त बड़े पैमाने पर आपूर्ति की योजना बताई है। यह स्तर काफी बड़ा है। 

वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए मुश्किलें हैं बढ़ीं 

अब कीव की बदनामी भी हो रही है। कहा जा रहा है कि मुनाफा मिल रहा था,इसलिए युद्ध को लगातार कीव चाह रहा था। का कहना है कि वह लगातार यूक्रेन से रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की अपील करते रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति का तर्क है कि ऐसे हमलों से ईंधन की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होती है और कीमतों में तेजी आ सकती है। ट्रम्प ने कहा है कि ज़ेलेंस्की की जिद के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं।

उन्होंने पहले भी कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तुलना में ज़ेलेंस्की के साथ बातचीत करना अधिक कठिन रहा है, जेलेंस्की जिद पर युद्ध जारी रखना चाह रहे हैं। कहा कि यूक्रेन को ऐसा नेतृत्व चाहिए, जो अमेरिका की मध्यस्थता संबंधी कोशिशों में बाधा न डाले। यानी अब कीव प्रशासक उनकी आंख में चुभ रहा है। यह स्थानीय स्तर का मामला देश से बाहर उठाया जा रहा है। कारण है कि सितंबर में कुछ अमेरिकी बाजारों में डीजल की कीमतें 6.50 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गईं। कैलिफोर्निया के कुछ इलाकों में यह आंकड़ा 8 डॉलर प्रति गैलन के पार चला गया।

ज़ेलेंस्की की जिद के कारण नहीं रुक पाया युद्ध

इनका अमेरिका में गलत प्रभाव गया। ट्रंप के खिलाफ आवाज उठनी लगी थी। इसे नियंत्रित करना इनके लिए जरूरी हो गया है। आगामी 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी अमेरिकी प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा सकती है। इसलिए वह किसी भी तरह से इसे कंट्रोल करना चाहते हैं। यूक्रेन ने रूस के भीतर ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमले तेज किए हैं। बदले में रूस ने इन हमलों को आतंकवादी कार्रवाई कहा है। इनका जवाब उसी स्तर पर रूस ने दिया है।

यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रूस ने तहस नहस कर दिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी ज़ेलेंस्की पर वैश्विक डीजल संकट को कम करने के प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया है। मॉस्को का कहना है कि रूसी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमले अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की उपलब्धता को प्रभावित कर सकते हैं।

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