तिब्बत में एक बार फिर कांपी धरती, 4.4 रही तीव्रता; पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी भूकंप के झटके

खबर सार :-

तिब्बत में गुरुवार रात को आए भूकंप के बाद शुक्रवार सुबह एक बार फिर धरती डोल उठी। इसके साथ ही पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
तिब्बत के साथ-साथ पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भूकंप के झटके

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: शुक्रवार सुबह कई देशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, तिब्बत के साथ-साथ पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी झटके महसूस किए गए। इससे एक दिन पहले, गुरुवार रात को तिब्बत में 7.0 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिससे भारी तबाही हुई। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई और लगभग 32 लोग घायल हो गए।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि शुक्रवार सुबह तिब्बत में फिर से झटके महसूस किए गए। गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद, शुक्रवार सुबह 5:54 बजे धरती फिर से कांप उठी। रिक्टर स्केल पर इस झटके की तीव्रता 4.4 मापी गई और इसका केंद्र जमीन की सतह से लगभग 15 किलोमीटर नीचे था।

पाकिस्तान में सुबह 4.9 तीव्रता का भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, पाकिस्तान में सुबह 4:56 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 28.919° उत्तरी अक्षांश और 64.678° पूर्वी देशांतर पर, 15 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, अफगानिस्तान में सुबह 5:54 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र 35.138° उत्तरी अक्षांश और 69.442° पूर्वी देशांतर पर, 25 किलोमीटर की गहराई में था। इसके अलावा, चीन में सुबह 6:05 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। NCS ने बताया कि इसका केंद्र 32.542° उत्तरी अक्षांश और 93.835° पूर्वी देशांतर पर था और यह 15 किलोमीटर की गहराई में था। 

चीन में 300 घर ढहे, राहत कार्य जारी

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, गुरुवार रात 8:03 बजे रिक्टर स्केल पर 7.0 तीव्रता का भूकंप आया था। इसका केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर, जमीन की सतह से 173 किलोमीटर नीचे था। इस भूकंप के कारण 300 से अधिक घर ढह गए। नुकसान के दायरे का अभी भी आकलन किया जा रहा है। राहत कार्य चल रहे हैं और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, तेजी से पिघलते ग्लेशियर और चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति, छिंगहाई-तिब्बत पठार पर प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को और बढ़ा सकती है।

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तिब्बत में 16 लोगों की मौत, 32 घायल

गुरुवार को तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हो गए। शहर के आपातकालीन प्रबंधन ब्यूरो के अनुसार, अभी राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं। शुक्रवार सुबह 2:25 बजे तक मिली जानकारी के मुताबिक, घायलों में से 11 लोगों की हालत गंभीर है, जबकि 21 अन्य को मामूली चोटें आई हैं। भूकंप के कारण 300 से ज़्यादा घर ढह गए हैं, और नुकसान के पूरे दायरे का अभी भी आकलन किया जा रहा है। प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने के लिए राहत कार्यों में तेज़ी लाई जा रही है।

3 सितंबर को भी तिब्बत में आया था भूकंप 

राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को भूकंप के केंद्र (एपीसेंटर) पर भेजा गया है। इसके अलावा, क्षेत्रीय अग्निशमन और बचाव विभाग ने प्रभावित इलाकों में 347 कर्मियों को तैनात किया है। इससे पहले, 3 सितंबर को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र ज़मीन से लगभग 14 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके अलावा, जनवरी 2025 में आए 6.8 तीव्रता के एक बड़े भूकंप में 120 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।

प्राकृतिक आपदाओं के असर से जूझ रहे लोग

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि बढ़ता तापमान, तेजी से पिघलते ग्लेशियर और चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि, किंघई-तिब्बत पठार पर प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को और बढ़ा सकती है। इस हालिया भूकंप ने एक बार फिर इस क्षेत्र की कमजोर स्थिति की ओर ध्यान खींचा है, जहां के लोग पहले ही पिछली आपदाओं के असर से जूझ रहे हैं। यह भूकंप 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन (एवलांच) के कुछ हफ्तों बाद आया है। उस घटना के कारण भीषण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई थी, जिसमें घर, सड़कें और पुल बह गए थे। कई जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं और हजारों लोग लापता हो गए थे। इसके अलावा, अगस्त में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ में 1,400 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। बाढ़ की इन घटनाओं से पूरे इलाके में भारी तबाही हुई, जिससे बड़ी संख्या में लोगों का जीवन प्रभावित हुआ।

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