वाराणसी में विंग्स ओवर गंगा एयर शो की शानदार शुरुआत, भारतीय वायु सेना ने दर्शकों का मन मोहा

खबर सार :-

वाराणसी में उड़ रहे विमान गंगा के ऊपर आसमान तक पहुंच रहे थे। एयर शो को पास से देखकर हर काई प्रभुल्लित नजर आ रहा था।
आकर्षित कर रहे थे धार्मिक नाम, केदार, त्रिदेव, अलकनंदा खूब भाए

खबर विस्तार : -

वाराणसी, भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी काशी में तीन दिवसीय एयर शो, विंग्स ओवर गंगा की शुरुआत हो गई है। यहां पर दर्शकों का भारी उत्साह देखने को मिला। आयोजन के पहले दिन, गुरुवार को, गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट, उनकी तेज गति और हवा में किए गए अद्भुत करतबों को देखकर दर्शकों ने दांतों तले उंगली दबा ली।

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हवाई जहाज को करीब से देखने की होड़ थी

एयर शो को पास से देखकर हर काई प्रभुल्लित नजर आ रहा था। इस आयोजन को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। वह काशी में पहली बार इस तरह का हवाई प्रदर्शन देख रहे थे। सुबह 10ः00 बजे से ही घाटों पर भीड़ जुटने लगी थी। हवाई जहाज को करीब से देखने के लिए गंगा के दोनों किनारों पर दर्शक कतारों में खड़े थे। इस कार्यक्रम में नमो घाट की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आसपास के घाटों पर भी विशेष अवसर की तरह ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

विमानों के सटीक फॉर्मेशन, बेहतरीन तालमेल और रोमांचक हवाई करतबों ने दर्शकों को खुश कर दिया। भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं, तकनीकी दक्षता और रणनीतिक ताकत को देखकर दर्शक हैरान रह गए। इस दौरान एक दूसरे से सवाल करते नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत नमो घाट पर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुई। प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के विभिन्न संसाधनों जैसे लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की क्षमताओं को प्रदर्शित करना था।

सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के करतब दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहे। इसके अलावा, एक विंटेज हार्वर्ड विमान की मौजूदगी ने इस एयर शो की भव्यता में चार चांद लगा दिए। इस एयर शो का मुख्य आकर्षण विभिन्न हवाई फॉर्मेशन थे। इनके नाम स्थानीय और सांस्कृतिक संदर्भों पर रखे गए थे। जैसे केदार, सारंग, ओंकार, गंगा, रुद्र, भागीरथी, त्रिदेव, अलकनंदा, भैरव, कैलाश, त्रिलोचन और दशाश्वमेध।

गंगा के दोनों किनारों पर दर्शक कतारों में खड़े थे

अनुशासित उड़ान, सटीक तालमेल और शानदार हवाई करतबों के जरिए एयर वॉरियर्स ने अपनी पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में भारतीय सेना के दो ALH हेलीकॉप्टर, और भारतीय नौसेना का एक P-8I विमान तथा एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे। भारतीय वायु सेना की 'गरुड़' स्पेशल फोर्स भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेगी। यहां एयर शो में भाग लेने वाले विमान केवल वाराणसी से नहीं, देश के 12 एयरबेस से उड़ान भर रहे थे।

वाराणसी में उड़ रहे विमान गंगा के ऊपर आसमान तक पहुंच रहे थे। इनके इंजनों की गड़गड़ाहट और रोमांचक हवाई करतबों के बीच कभी तो डर बना देते थें। यह एयर शो काशी के निवासियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना की ताकत और कार्यकुशलता को प्रदर्शित करता है। भारत की वायुसेना को कमजोर समझना किसी की भूल बन सकती है। इन विमानोें ने युवाओं के बीच देश की वायु शक्ति और रक्षा क्षमताओं के प्रति जागरूकता पैदा की है।

नौसैनिक एयर स्टेशन से उड़कर शो में शामिल हुआ

यहां आने वाला जहाज  चेन्नई के पास अरक्कोणम स्थित नौसैनिक एयर स्टेशन से उड़कर शो में शामिल हुआ है।  हेलीकॉप्टर बेड़े में लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH), चिनूक, ALH Mk-III, ALH Mk-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और Mi-17 V5 अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, परिवहन और सहायता विमानों के समूह में C-295, C-130, AEW&C, An-32 और P-8I शामिल हैं।

भारत में एयरबेस की कमी नहीं है। भारतीय वायु सेना की व्यापक परिचालन पहुंच है। रणनीतिक क्षमता और विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच बेहतरीन तालमेल भी देखने को मिलती है। इस हवाई प्रदर्शन में कुल 100 विमान हिस्सा लेंगे, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक विंटेज (पुराना) विमान शामिल हैं। लड़ाकू विमानों की श्रेणी में सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, राफेल, LCA, मिग-29 और जगुआर शामिल हैं।

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