17 हजार फीट की ऊंचाई पर गिरी बिजली, लखनऊ में प्लेन की emergency landing
खबर सार :-
इंडिगो एयरलाइंस को बड़ी समझदारी के साथ हादसे का शिकार होने से बचा लिया गया है। यह विमान emergency landing के बाद सुरक्षित है। लखनऊ पहुंचे इस विमान के सभी यात्री भी सलामत हैं। यह 17 हजार फिट ऊपर उड रहा था। इस पर विजली गिरने की जानकारी दी गई है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ, पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो एयरलाइंस को बड़ी सूझबूझ के साथ emergency landing करा कर सुरक्षित किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग ना मिल पाती तो कोई बड़ा हादसा होने का डर था। इस दौरान मौसम भी बेहद खराब था। खराब मौसम और परिस्थितियों की पुख्ता जानकारी के लिए एक टीम को निरीक्षण पर लगाया गया है।
अभी तक सामने की जो परिस्थितियों हैं, उनके आधार पर कहा जा रहा है की मौसम में खराबी होने के कारण बिजली गिरी थी। इससे विमान का अगला हिस्सा कुछ क्षतिग्रस्त हुआ है। विमान हादसों की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। अभी पिछले ही दिन नाइजीरिया में विमान हादसा हुआ था। इसमें सैनिक बैठे हुए थे। हादसे में करीब 30 से ज्यादा लोगों के मरने की खबर दी गई थी। इसी तरह पिछले महीने अमेरिका में भी विमान हादसा हुआ था और इसमें जनहानि हुई थी। कैप्टन मच्छार पर को पायलट के द्वारा हमला भी विमान में ही हुआ था। इसलिए विमान पर हादसों को लेकर लोगों में डर पैदा होने लगा है।
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17000 फिट की ऊंचाई पर हुई जानकारी
एक नई घटना ने भी लोगों का ध्यान खींच लिया है। इस घटना के बाद डीजीसीए ने जांच शुरू कर दी है। इस विमान में 6 क्रू सदस्यों के साथ 104 यात्री थे।.यह विमान बुधवार को अपने तय समय से आठ मिनट पहले लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा गया। सबसे पहले एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्ट में इस घटना की जानकारी दी गई। घटना के बाद सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए।
दरअसल, जब यह विमान ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसे समय करीब विमान 17,000 फीट की ऊंचाई पर था। इसी दौरान इस पर बिजली गिरी थी। घटना जैसे ही हुई आपातकालीन परिस्थितियों में इसको रोकने की कोशिश भी की गई। लखनऊ कंसर्ट करके चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर उतर गया। जरूरी जांच और रखरखाव का काम पूरा होने तक ऑपरेशन से बाहर रखा जाएगा। गनीमती यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सभी यात्रियों के साथ विमान को भी सुरक्षित कर लिया गया है।
उड़ान भरने से पहले विमान की होगी जांच
भारत के एविएशन रेगुलेटर, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इसके नई उड़ान के बारे में अभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी मिलनी बाकी है। उसके बाद ही विमान को फिर से उड़ान भरने की इजाजत दी जाएगी। बताया जा रहा है कि जिस समय विमान को नीचे उतर गया था, उस समय ओलावृष्टि भी हुई थी। इंडिगो प्रवक्ता ने बताया कि 7 अक्टूबर को पटना से लखनऊ जा रही फ्लाइट 6ई-625 को खराब मौसम का सामना करना पड़ा।
विमान के रेडोम (विमान के अगले हिस्से में लगा कवर) को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार से यात्रियों को नुकसान नहीं पहुंचा है। फिलहाल, इस विमान को अभी उड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। विमान के सभी पार्ट्स की जांच की जाएगी। अधिकारियों को इस संबंध में सूचना भी पहुंचा दी गई है। एयरलाइंस ने कहा कि आगे की उड़ानों के लिए मंजूरी मिलने से पहले विमान का जरूरी रखरखाव और जांच की जाएगी। इंडिगो की एक और घटना का भी जिक्र किया गया। इस मामले की भी जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी टला था हादसा
बताया जा रहा है कि बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान की लर्निंग की कराई जा रही थी। इसी दौरान विमान का पिछला हिस्सा टकरा गया था। यह मामला पिछले महीने का है और विमान गुवाहाटी से बेंगलुरु पहुंच था। केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंडिगो की लैंडिंग के दौरान टेल स्ट्राइक विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया था। इसके बाद इसे उड़ान भरने से रोक दिया गया।
एयरलाइन ने घटना की पुष्टि की थी और कहा था कि तेज हवाओं वाले मौसम में लैंडिंग के दौरान ए321 नियो विमान का रनवे से असामान्य संपर्क हुआ था। विमानों में घटनाएं लगातार हो रही हैं और मौजूदा समय में इनसे निपट पाने की स्थिति बहुत कम है। अब तो विमान के अंदर से भी खतरे होने लगे हैं। इससे पहले केवल बाहरी आवरण में ही खतरा होता था, जिस समय को पायलट और मुख्य मौजूदा टीम हालातों से निपटती थी, उस दौरान मुख्य पायलट विमान संभालता था।
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