यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए मियामी में बातचीतः इधर, ट्रंप ने रूस से किया डीजल डील-उधर, जेलेंस्की ने की आलोचना

खबर सार :-

अमेरिका की रूस के साथ हुई तेल की डील कई देशों को चौंका गई है। ऐसा लगा कि नदी उलटी धारा में बह चली। रूस के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसकी निंदा की है।
जेलेंस्की की आलोचना के बावजूद ट्रंप ने रूसी तेल समझौते का बचाव किया, पुतिन को कहा धन्‍यवाद

खबर विस्तार : -

वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को धन्यवाद कहा है। यह इसलिए कि अमेरिका को डीजल सप्लाई करने के लिए रूस ने हां कह दिया है। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की आलोचना के बावजूद इस समझौते को स्वीकार किया है। 

युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने में सफलता मिलेगी

यूक्रेन और यूरोपीय देशों के वार्ताकारों ने शुक्रवार को मियाकी में बातचीत शुरू की। इसका मकसद यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए एक साझा प्रस्ताव तैयार करना था। इस बैठक में करीब 6 घंटे तक मंथन किया गया। दोनों पक्षों के लोग बैठक में शामिल हुए थे। इस बातचीत के बारे में एक व्यक्ति ने समाचार एजेंसी रायटर को जानकारी दी की आने वाले दिनों में युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने में सफलता मिलेगी और यह काम सर्दियां शुरू होने से पहले ही हो जाने की उम्मीद है। कुछ ही हफ्तों में इस प्रस्ताव पर सहमत बनाने की कोशिश की जा रही है। यूक्रेन और यूरोपीय देशों ने मियामी में 6 घंटे के करीब बैठक में युद्ध खत्म करने के लिए प्रस्ताव बनाकर चर्चा की थी।

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रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को समाप्त करना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि कई देशों पर इसका आर्थिक असर पड़ रहा है। इसमें यूक्रेन की सुरक्षा, आर्थिक पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल करने पर जोर दिया गया है। इसी बीच बैठक में ट्रंप ने रूस से डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा कर दी। यह सुनकर लोग बेहद हैरान रह गए। हाल ही में रूस के खिलाफ कई बार ट्रंप ने कहा कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसीलिए व्हाइट हाउस से नए कानून को भी पास कराकर ट्रंप ने नए कानून मसौदे पर हस्ताक्षर किया था। इसी बीच रूस से अमेरिका को तेल की आपूर्ति पर लोगों को हैरानी होना स्वाभाविक था।

फिलहाल पुतिन ने शांतिवार्ता को गंभीरता से नहीं लिया

इस घोषणा के बाद जेलेंस्की ने समझौते की आलोचना की। फिलहाल, पुतिन ने शांति वार्ता को गंभीरता से नहीं लिया। बैठक में सुरक्षा और यूक्रेन के मुद्दों पर बातचीत हुए। उनके साथ यूक्रेन यूरोपीय देशों और नाटो के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे। अमेरिका के कहने के अनुसार यूक्रेन को सुरक्षा दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया, लेकिन यूरोप की गारंटी उसकी अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने की योजना और यूरोपीय संघ में शामिल होने की राह पर भी यहां चर्चा हुई। नाटो देशों पर रूसी राष्ट्रपति बोल चुके हैं कि युद्ध के लिए वह भी जिम्मेदार है। बैठक में क्षेत्रीय विवाद, यूरोपीय, रूस, के बीच टकराव, सुरक्षा मुद्दे, क्षेत्रीय विवाद पर बातचीत हुई।

 इसका विस्तृत ब्योरा लोगों के सामने नहीं लाया गया। यूक्रेन लगातार मांग करता रहा है कि रूस संघर्ष के दौरान कब्जाए गए इलाके को छोड़ दे। अमेरिका से रूस का तेल समझौता हो जाने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति नाराज हो गए। ट्रंप का कहना है कि युद्ध खत्म करने के लिए रूस और यूक्रेन दोनों का समझौता करना ही होगा। उन्होंने कई और देशों से अपील की है कि वह हस्तक्षेप करें। ट्रंप ने कहा कि रूस के साथ हुआ समझौता अमेरिका के लिए बहुत जरूरी रहा है। ऊर्जा समझौता अमेरिकी सप्लाई और वैश्विक तेल बाजार के लिए महत्व रखता है। अमेरिकी पत्रकारों से पूछा कि आपने इस समझौते के बारे में सुना तो होगा? पत्रकारों को बताया कि यह बहुत बड़ा समझौता है।

ट्रंप ने कहा, हमारे देश को इस समय तेल की जरूरत

हमारे देश में भारी मात्रा में तेल आ रहा है और इसके लिए मैं पुतिन को धन्यवाद करता हूं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमारे देश को इस समय ज्यादा तेल की जरूरत है। बिना तेल और ऊर्जा के काम करना मुश्किल हो जाएगा। एक पत्रकार ने जेलेंस्की की आलोचना का जिक्र किया तो ट्रंप ने कहा कि समझौते को लेकर ट्रंप को फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने जवाब दिया कहा कि अमेरिका को ऊर्जा सप्लाई की जरूरत है। इस समझौते के बाद ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि ईरान आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका है। बताया की सेवा उनकी हार चुकी है। नौसेना भी नहीं है। उनके पास वायु सेना नहीं है। दावा किया है कि ईरान की महंगाई चरम पर पहुंच गई है।

यह जल्द ही 300 के पार हो जाएगी। इस दौरान कई और मुद्दों पर भी उन्होंने अपना पक्ष रखा कहा कि अब की राजधानी रियाद की एक हवाई अड्डे पर कथित हमले के बारे में सुना है। यह संतोषजनक नहीं है। अच्छी बात नहीं है। ऐसे ही और एक दो मामलों पर भी उन्होंने चिंता जताई। ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है की सजा को माफ नहीं किया जाए। अगर किसी को सजा हो रही है तो उसे मेरा मानना है कि वह बिल्कुल उचित है। डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन का ही जिक्र किया। ईरान के मुद्दे पर वह अपने आक्रमण की बात नहीं किया। उसकी कमजोरी जरूर बताया। 

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