जंतर-मंतर पर मारपीट के मामले ने फिर पकड़ा तूल, सीजेपी नेताओं ने दिल्ली पुलिस से की कार्रवाई की मांग
खबर सार :-
जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान संजय आजाद से कथित मारपीट का मामला फिर गरमाया। सीजेपी नेताओं ने दिल्ली पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर गरमा गया है। घटना को लेकर दिल्ली में दोबारा प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी नेताओं ने मामले में आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इसी मांग को लेकर सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग करते हुए नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी थाने पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों के सामने मामले में कार्रवाई की मांग रखी।
2,800 लोगों पर कार्रवाई की मांग
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन इसी दौरान वहां हिंसा हुई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने हिंसा और मारपीट की। दास ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों का एक आपराधिक गिरोह दिल्ली में पहले भी हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है। सौरव दास ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार दिल्ली पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग कर रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस के पास जंतर-मंतर की घटना से जुड़े करीब 2,800 लोगों की पहचान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर जानकारी है, तो उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को उन लोगों की पहचान करनी चाहिए जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यदि किसी व्यक्ति ने संगीन अपराध किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। दास ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए पुलिस से पूरे मामले में जवाब देने की मांग की।
गिरफ्तारी की मांग
सौरव दास के मुताबिक, सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के पुलिस स्टेशन पहुंचने की वजह यह है कि जंतर-मंतर की घटना के बाद से अब तक पुलिस की ओर से ऐसी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पैदा हो। उन्होंने कहा कि पार्टी घटना के पहले दिन से ही छात्रों और प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और आगे भी उनके समर्थन में आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हिंसा करने वाले लोगों की पहचान की जानी चाहिए और जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हों, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने विशेष रूप से उन लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है, जिनके बारे में उसका दावा है कि उन्होंने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- कठोर कार्रवाई जरूरी
वहीं, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट की गई और उनके सिर में चोट आई। रांका ने दावा किया कि घटना सार्वजनिक रूप से हुई और इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी टीम और सौरव दास लगातार दिल्ली पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मामले में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग किए जाने का भी दावा किया। रांका ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल बताए जा रहे एक व्यक्ति ने कथित तौर पर संजय आजाद को नुकसान पहुंचाने की बात स्वीकार की है। उनके मुताबिक, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिस को संबंधित व्यक्ति और अन्य आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सीजेपी प्रवक्ता ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की राजधानी में यदि किसी व्यक्ति पर सार्वजनिक रूप से हमला होता है और आरोपी के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
सीजेपी ने मांग की है कि जंतर-मंतर की घटना से जुड़े सभी आरोपियों की पहचान की जाए, उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए तथा जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। पार्टी ने यह भी मांग की है कि संजय आजाद के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में हत्या के प्रयास सहित सभी लागू गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, सीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ किन कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई बनती है।
यह भी पढ़ेंः-आकाश आनंद को किनारे कर मायावती ने दिया संदेश, कहा-जो कांशीराम ने किया, वही मैने किया
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर गरमा गया है। घटना को लेकर दिल्ली में दोबारा प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी नेताओं ने मामले में आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इसी मांग को लेकर सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग करते हुए नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी थाने पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों के सामने मामले में कार्रवाई की मांग रखी।
2,800 लोगों पर कार्रवाई की मांग
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन इसी दौरान वहां हिंसा हुई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने हिंसा और मारपीट की। दास ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों का एक आपराधिक गिरोह दिल्ली में पहले भी हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है। सौरव दास ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार दिल्ली पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग कर रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस के पास जंतर-मंतर की घटना से जुड़े करीब 2,800 लोगों की पहचान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर जानकारी है, तो उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को उन लोगों की पहचान करनी चाहिए जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यदि किसी व्यक्ति ने संगीन अपराध किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। दास ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए पुलिस से पूरे मामले में जवाब देने की मांग की।
गिरफ्तारी की मांग
सौरव दास के मुताबिक, सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के पुलिस स्टेशन पहुंचने की वजह यह है कि जंतर-मंतर की घटना के बाद से अब तक पुलिस की ओर से ऐसी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पैदा हो। उन्होंने कहा कि पार्टी घटना के पहले दिन से ही छात्रों और प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और आगे भी उनके समर्थन में आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हिंसा करने वाले लोगों की पहचान की जानी चाहिए और जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हों, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने विशेष रूप से उन लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है, जिनके बारे में उसका दावा है कि उन्होंने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- कठोर कार्रवाई जरूरी
वहीं, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट की गई और उनके सिर में चोट आई। रांका ने दावा किया कि घटना सार्वजनिक रूप से हुई और इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी टीम और सौरव दास लगातार दिल्ली पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे हैं। उन्होंने पुलिस से मामले में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग किए जाने का भी दावा किया। रांका ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल बताए जा रहे एक व्यक्ति ने कथित तौर पर संजय आजाद को नुकसान पहुंचाने की बात स्वीकार की है। उनके मुताबिक, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिस को संबंधित व्यक्ति और अन्य आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सीजेपी प्रवक्ता ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की राजधानी में यदि किसी व्यक्ति पर सार्वजनिक रूप से हमला होता है और आरोपी के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
सीजेपी ने मांग की है कि जंतर-मंतर की घटना से जुड़े सभी आरोपियों की पहचान की जाए, उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए तथा जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। पार्टी ने यह भी मांग की है कि संजय आजाद के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में हत्या के प्रयास सहित सभी लागू गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, सीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ किन कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई बनती है।
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