भोपाल में टेंडर पर सवाल, कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग

खबर सार :-

मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता अमित शर्मा का आरोप है कि उज्जैन में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम पर वास्तविक खर्च का विस्तृत ब्योरा जनता के सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि कार्यक्रम के विभिन्न मदों में कितनी राशि खर्च हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
भोपाल के दीपोत्सव कार्यक्रम का टेंडर: घोटाले का आरोप लगा कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग

खबर विस्तार : -

भोपाल, मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के ‘आशीर्वाद का दिया’ दीपोत्सव कार्यक्रम के टेंडर आवंटन और खर्च को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। इससे अब सरकार के लिए एक और बखेड़ा खड़ा हो गया हैं। दीपावली भी ज्यादा दूर नहीं है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में यह बात उठाई। मीडिया के लोगों को बताया कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता हुई हैं। उनकी  मांग है कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश शाखा में इन दिनों भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमित शर्मा ने भोपाल में आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित किए गए कार्यक्रम में टेंडर जारी किए गए थे। इनमें भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया के सामान्य कागज को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि जो समय दिया गया था, उसमें टेंडर नहीं हुए है। यह बाद तक जारी रहे।

कितने समय तक टेंडर जारी किया गया था

उन्होंने पूछा है कि यह सरकार बताए की कितने समय तक टेंडर जारी किया गया था और उनके लिए क्या मानक रखा गया था। प्रदेश महासचिव अमित शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा है कि कार्यादेश भुगतान तक की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं हुई है। आशंका है कि इसमें उच्च स्तरीय भ्रष्टाचार किया गया है। सरकारी खर्च और निर्णय की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई है।

इसलिए इसकी सीबीआई जांच की मांग हम कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम के लिए टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया है। कुछ कंपनियों को बाद में टेंडर जारी किए गए हैं, जबकि वह समय पर मौजूद नहीं रहीं। उन्होंने पूछा है कि वह समय बताया जाए, जिस समय टेंडर हुए हैं। यद्यपि इस मामले की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग जरूर की है।

ईमेल के माध्यम से कंपनियों को टेंडर जारी किया 

अमित शर्मा के अनुसार 16 सितंबर को पर्यटन विभाग के दोपहर 3ः46 पर ईमेल के माध्यम से कंपनियों को टेंडर जारी किया गया था। जबकि शाम के 5ः00 बजे तक प्रस्ताव जमा करने की सीमा तय की गई थी। उनका कहना है कि अहमदाबाद की कंपनी गो बनाना को काम आवंटित करने का आदेश जारी कर दिया गया, जबकि यह समय सीमा के बाद का मामला है। कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया है कि कितनी कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया गया था। 

दूसरा मामला मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ का है। इसमें पार्टी के पदाधिकारियों ने कई दिनों से मोर्चा खोल रखा है। वह मांग कर रहे हैं की मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा दें। साथ ही भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं कि वह उनकी पक्षधर क्यों बनी हुई है? जबकि यह चुनाव संवैधानिक नहीं हुए थे। जिसमें मध्य प्रदेश की सरकार काम कर रही है। यह गैरकानूनी सरकार है, जिसे बने रहने का कोई हक नहीं है। आज भी प्रदेश में कई जगहों पर धरना प्रदर्शन किए गए हैं। मांग की गई है कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए।

कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि कांग्रेस इस समय अराजकता का माहौल बना रही है। देश में कोई ऐसा विकल्प उसके हाथ नहीं आ रहा, जिसमें सत्ता पर काबिज हो जाए। इसीलिए वह युवाओं को आगे कर रही है। सरकार के कार्यों को बाधित कर रही है। कांग्रेस नहीं चाहती है कि देश प्रगति के रास्ते पर चले, इसलिए वह बदनामी का रास्ता अपना रही है।

विश्व समुदाय के बीच खराब माहौल बना रही है। इसके लिए उसे देश से माफी मांगना पड़ेगा। भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार ईमानदारी से काम कर रही है और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है। इसमें कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है, क्योंकि कई सालों से सत्ता से बाहर है। कैसे भी कितनी जल्दी सत्ता पर आ जाए, इसके लिए व्याकुल है।

यह भी पढ़ेंः वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, इस दिन सभी मतदान केंद्रों पर लगेंगे विशेष शिविर

अन्य प्रमुख खबरें