देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंकना चाहती है कांग्रेस: राजनाथ सिंह
खबर सार :-
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार को डंके की चोट पर गिराने की बात करते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह गुरूवार को लखनऊ में थे। उन्होंने यहां पर एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और उनके गठबंधन की ओर से की जा रही विवादित टिप्पणियों और संवैधानिक शक्तियों पर सवाल उठाने पर नाराजगी जाहिर की है। अपने सांसदीय क्षेत्र में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रस देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंकना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्वयं को महात्मा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी होने का दावा करने वाली कांग्रेस हिंसा और अराजकता के सहारे सत्ता परिवर्तन चाहती है। कांग्रेस को अब सीख लेना चाहिए, क्योंकि उनका जो प्रयास चल रहा है,उससे देश का हर स्तर पर नुकसान हो रहा है।
सबसे ज्यादा विदेशों में देश की छवि खराब हो रही है। कहा कि कोग्रेस अपनी राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेना चाहती है। रक्षामंत्री अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ दौरे के दूसरे दिन प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। यह देश को सोचना होगा, क्योंकि चुनी हुई सरकार वह भी बहुमतवाली के खिलाफ कांग्रेस बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने के सपने देख रही है। राजनाथ ने कहा कि मैं कह सकता हूं कि कांग्रेस ने ‘गांधी’ नाम का इस्तेमाल करने का नैतिक आधार खो दिया है। राजनाथ ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 37 वर्षों से सत्ता से बाहर है। जनता के लिए यह सवाल है कि आखिर कांग्रेस सत्ता से बाहर क्यो रही? इसमें उनकी कमजोरी रही या वोट चोरी।
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लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक स्वार्थों की बलि नहीं चढ़ाई जा सकतीं
यह सवाल राजनाथ ने पूछा और कहा कि कामकाज की विफलता के कारण, यह प्रदेश और देश की जनता भली-भांति समझती है।राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में अंग्रेज़ों के शासनकाल के दौरान हिंसा की घटना के बाद महात्मा गांधी ने पूरा असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। गांधी जी की कई बातें याद दिलाईं। कहा कि देश की आजादी के लिए रास्ता सड़क से ही निकलेगा। इसके लिए हमें सत्ता परिवर्तन नहीं चाहिए। प्रतिरोध की स्थिति भी नहीं चाहिए। श्री सिह कहा कि दिल्ली के प्रदर्शन सोची समझी चाल है। देश को अराजकता की आग में झोंकने की साजिश चल रही है। उनको देश कभी माफ नहीं करेगा। जितनी भी इनकी निंदा की जाए कम है।
राजनाथ ने कहा कि राहुल गांधी को लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर ‘व्यवधान की राजनीति’ के अलावा और कुछ नहीं आता है। उनको जनमत का सम्मान करना नहीं आता है। अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करना वह भी नहीं आता। सत्ता का मोह इस कदर चढा कि वह तख्ता पलट करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक स्वार्थों की बलि नहीं चढ़ाई जा सकतीं। झूठ का सहारा लेकर देश में आक्रोश फैलाने की कोशिश चल रही है। संस्थाओं को बदनाम करने के प्रयास काफी दिनों से चल रहे हैं। भारत की विकास यात्रा को बाधित करने का विपक्ष कुचक्र चल रहा है।
देश को आगाह करते हुए कहा कि कुछ शक्तियों के हाथों वह खेलते नजर आ रहे
राजनाथ ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को समझना होगा कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। उनका कहना है कि देश से बढ़कर वह राजनीतिक स्वर्थ को महत्व दे रहे हैं। लोकतांत्रिक विमर्श तथ्यों और तर्कों के बजाय दुराग्रहों और दुष्प्रचार का शिकार हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति और वैश्विक उभार से कई शक्तियां असहज महसूस करती होंगी। देश को आगाह करते हुए कहा कि कुछ शक्तियों के हाथों वह खेलते नजर आ रहे हैं। रक्षामंत्री नेे कहा कि देश को मोदी के प्रधानमंत्री बनने से विकास की गति मिली है।
इसलिए ऐसे मामलो उठा रहे हैं, जो देशव्यापी बना रहे हैं। इससे देश की प्रगति रूक सकती है। राजनाथ ने कहा कि युवाओं को मोहरा बनाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ की कोशिश कर रहे हैं। देश को बदनाम करने के लिए युवाओं के जरिए अराजकता फैंलाने की कोशिश की जा रही है। राजनाथ ने कहा कि इनका एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना है। यह लोग देश को आग में झोंकना चाहते हैं। राजनाथ ने कहा कि सत्ता परिवर्तन’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाना यह स्पष्ट करता है कि उनकी लड़ाई सुधार के लिए नहीं है।
उनकी लड़ाई विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है और न ही उनकी लड़ाई देश के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए है। बल्कि, यह लड़ाई देश में अराजकता पैदा करने और किसी भी तरह सत्ता हासिल करने की उनकी साज़िश का हिस्सा है।
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