मायावती का फेक सर्वे को लेकर बड़ा आरोप, बोलीं- बसपा को कमजोर दिखाने की हो रही साजिश

खबर सार :-

मायावती ने यूपी, उत्तराखंड और पंजाब चुनावों से पहले कथित फेक सर्वे पर सवाल उठाए। बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और यूपी में पांचवीं बार सरकार बनाने की अपील की।
मायावती का फेक सर्वे पर हमला, बोलीं- बसपा को कमजोर दिखाने की साजिश

खबर विस्तार : -

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सामने आ रहे कथित फेक सर्वेक्षणों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए धनबल का दुरुपयोग कर बसपा को कमजोर दिखाने तथा जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं और बहुजन समाज के लोगों से ऐसे प्रचार से सावधान रहने की अपील करते हुए उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। मायावती ने शनिवार को कहा कि बसपा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी हुई है। पार्टी अच्छे और दमदार उम्मीदवारों के चयन के साथ जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। इसी बीच कथित तौर पर फेक और प्रायोजित सर्वेक्षणों के जरिए बसपा को कमजोर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

फेक सर्वे के जरिए बसपा को कमजोर दिखाने का आरोप

बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल के बीच जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया पर ऐसे सर्वेक्षणों का प्रचार किया जा रहा है, जिनके जरिए लोगों के बीच भ्रम पैदा करने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो रही है। उनके मुताबिक, इन सर्वेक्षणों में बसपा की स्थिति को कम करके आंका जाता है, जिससे पार्टी के समर्थकों और आम मतदाताओं की सोच को प्रभावित किया जा सके। मायावती ने कहा कि चुनाव के दौरान बसपा के खिलाफ मिथ्या और अनर्गल प्रचार कोई नई बात नहीं है। उनका आरोप है कि पार्टी को पहले भी चुनावी आकलनों और सर्वेक्षणों में कमजोर दिखाया जाता रहा है, जबकि चुनाव परिणाम कई बार इन अनुमानों से अलग रहे हैं।

2007 के विधानसभा चुनाव का दिया उदाहरण

मायावती ने अपने बयान में वर्ष 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी मीडिया का रवैया बसपा के प्रति जातिवादी और द्वेषपूर्ण था, लेकिन पार्टी ने तमाम अनुमानों को गलत साबित करते हुए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। गौरतलब है कि 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उत्तर प्रदेश में स्पष्ट बहुमत हासिल किया था और मायावती मुख्यमंत्री बनी थीं। उन्होंने इस जीत को पार्टी की राजनीतिक क्षमता और जनता के समर्थन का उदाहरण बताते हुए कहा कि चुनावी सर्वेक्षणों के आधार पर बसपा की ताकत का आकलन करना सही नहीं है।

मायावती ने कहा कि उस समय प्रदेश में उनकी सरकार ने कानून के शासन को स्थापित करने और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर काम करने पर जोर दिया था। उन्होंने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए इसे कल्याणकारी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। बसपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन की तैयारियों में जुटी है। पार्टी की ओर से संगठन को मजबूत करने और समर्थकों को सक्रिय करने पर जोर दिया जा रहा है।

सपा और भाजपा पर भी साधा निशाना

मायावती ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की सरकारों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सपा और भाजपा के शासन से त्रस्त सर्व समाज, खासकर बहुजन समाज के लोगों को विरोधी दलों की राजनीतिक रणनीतियों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियां और जातिवादी तत्व चुनाव के दौरान साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में जनता को किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से प्रभावित होने के बजाय अपने विवेक से निर्णय लेना चाहिए। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर बसपा की नीतियों और विचारधारा को पहुंचाएं। उन्होंने संगठन के सभी स्तरों पर सक्रियता बढ़ाने और चुनावी तैयारियों में जुटे रहने पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सरकार बनाने का आह्वान

बसपा प्रमुख ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और बहुजन समाज के लोगों से पूरी ताकत के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने की अपील की। मायावती के अनुसार, बसपा की सरकार बनने से सर्व समाज के हितों की रक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में काम किया जा सकेगा। उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे फेक सर्वेक्षणों और दुष्प्रचार से विचलित हुए बिना पार्टी को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करें। राजनीतिक रूप से मायावती का यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बसपा की रणनीति और उसके समर्थक आधार को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी एक ओर उम्मीदवारों के चयन और संगठनात्मक तैयारियों पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी ओर अपने समर्थकों को चुनावी अनुमानों से प्रभावित न होने का संदेश दे रही है।

यह भी पढ़ेंः-हिंसक संघर्ष करके तख्ता पलट करने का इरादा आज सामने आया :सुधांशु त्रिवेदी
 

अन्य प्रमुख खबरें