उत्तर कोरिया ने अपने हथियार सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए एक और टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का किया परीक्षण
खबर सार :-
उत्तर कोरिया ने अपने हथियार सिस्टम को और बेहतर बनाने के मकसद से बेहतर बनाने के लिए टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। टैक्टिकल बैलेस्टिक मिसाइल के परीक्षण को उत्तर कोरिया ने बड़ी सफलता बताया है। इस मिसाइल परीक्षण को अपनी नियमित गतिविधि का हिस्सा बताया है। मिसाइल परीक्षण के विषय में टेक्निकल जानकारी साझाा नहीं की है।
खबर विस्तार : -
सोल: उत्तर कोरिया ने अपने हथियार सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए एक और बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। उत्तर कोरिया ने टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण अपने हथियार सिस्टम के महत्वपूर्ण हिस्से को और बेहतर बनाने के मकसद से किया गया है। टैक्टिकल बैलेस्टिक मिसाइल के परीक्षण को उत्तर कोरिया ने बड़ी सफलता बताया है। उत्तर कोरिया से यह खबर ऐसे समय में आई है जब एक दिन पूर्व ही दक्षिण कोरिया की मिलिट्री ने प्योंगयांग क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर दागी गई कई बैलेस्टिक मिसाइल की जानकारी हासिल की थी।
उत्तर कोरिया ने इसे नियमित गतिविधि का हिस्सा बताया
उत्तर कोरिया की कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी केसीएएन के मुताबिक, नार्थ कोरियन मिसाइल प्रशासन ने 12 अक्टूबर को टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है। इस मिसाइल के परीक्षण का उद्देश्य महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्से के बेहतरी से जुड़े रिसर्च की सफलता को पुष्ट करना था। परीक्षण की सफलता के बाद मिसाइल प्रशासन ने शोध की सफलता का दावा किया है। साथ ही सभी आक्रामक हथियार प्रणाणियों की क्षमता और तकनीकी स्तर के उन्नयन की दिशा में अहम बदलाव का संकेत देता है। नार्थ कोरिया ने इस मिसाइल परीक्षण को अपनी नियमित गतिविधि का हिस्सा बताया है। वहीं, नार्थ कोरिया ने इस मिसाइल परीक्षण के विषय में टेक्निकल जानकारी साझाा नहीं की है।
मिसाइलों की जांची जा रही तकनीकी क्षमता
साउथ कोरिया की ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ जेसीएस ने इससे पहले जानकारी साझा की थी कि नार्थ कोरिया ने कई प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइल्स दागी हैं। इन मिसाइल्स में एक मिसाइल ने 900 किमी से अधिक की दूरी तय की थी। अब साउथ कोरिया व अमेरिका के अफसर नार्थ कोरिया की तकनीकी क्षमताओं का विस्तार से विश्लेषण करने में जुटे हैं। जेसीएस के प्रवक्ता कैप्टन जांग डो—यंग ने मंगलवार को कहा कि यह भी संभव है कि नार्थ कोरिया ने कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को उसकी अधिकतम दूरी तक दागा हो। साथ ही यह भी संभव हो सकता है कि मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को कम दूरी तक परीक्षण के लॉन्च किया हो। जानकारी के मुताबिक, कम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता 300—1000 किमी तक और मध्यम दूरी की मिसाइलों की मारक क्षमता 1000—3000 किमी तक होती है।
मिसाइलों का पता लगाने और रोकने में सक्षम
जेसीएस के प्रवक्ता कैप्टन जांग ने कहा कि साउथ कोरिया और अमेरिका की ज्वाइंट रक्षा तैयारियां काफी मजबूत हैं। साथ ही दोनों देश नार्थ कोरिया की मौजूदा मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें रोकने में सभी तरह से सक्षम भी हैं। नार्थ कोरिया के सोमवार के मिसाइल परीक्षण के बाद जापान के भी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उत्तर कोरिया ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। दागी गई मिसाइलों में से एक ने 220 किमी के करीब और दूसरी ने 910 किमी से अधिक की दूरी तय की। अमेरिकी पैसिफिक कमांड पीएकॉम ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि नार्थ कोरिया के हालिया प्रक्षेपण में कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइल्स शामिल थी।
उत्तर कोरिया का यह 16वां बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण था
नार्थ कोरिया का सोमवार को किया गया यह 16वां बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण था। इससे पूर्व बीते तीन अक्टूबर को मिसाइल लॉन्च की गई थी। नार्थ कोरिया का यह परीक्षण साउथ कोरिया के स्वदेशी हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल के पहले सफल परीक्षण की घोषणा के चार दिन बाद हुआ था। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ली जे म्युंग भी उपस्थित थे। दरअसल, हाइपरसोनिक मिसाइल्स को युद्ध के दौरान गेम चेंजर माना जाता है। इसका कारण है कि यह मिसाइल मैक पांच या उससे अधिक रफ्तार से उड़ सकती हैं। साथ ही सामान्य मिसाइल्स से अलग रास्ते पर भी चल सकती हैं। यही कारण है कि इस मिसाइल को ट्रैक करना और रोकना मुश्किल होता है। जानकारों का मानना है कि साउथ कोरिया की ओर से उन्नत हथियार परीक्षण को सार्वजनिक करना साउथ कोरिया को संदेश देने और प्रतिरोधक क्षमता दिखाने की कोशिश थी। यह कदम 21 सितंबर को असैन्यीकृत क्षेत्र में हुए लैंडमाइन विस्फोट के बाद उठाया गया। इस घटना में तीन सैनिक घायल हुए थे।
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