बांग्लादेश में डेंगू के बढ़ रहे मामले, 24 घंटों में 2,249 नए मामलों की पुष्टि; 7 लोगों की गई जान

खबर सार :-

बांग्लादेश में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में 2,249 नए मरीजों की पुष्टि हुई। मंत्री सुल्तान सलाहुद्दीन ने कहा कि स्थिति और खराब हो सकती है।
बांग्लादेश में डेंगू का कहर! 24 घंटों में 2,249 नए मामलों की पुष्टि

खबर विस्तार : -

ढाका: बांग्लादेश में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार सुबह तक के 24 घंटों में, 2,249 नए मामलों की पुष्टि हुई, जो इस साल एक दिन में सामने आए मामलों की सबसे बड़ी संख्या है। इसी दौरान, डेंगू से सात लोगों की मौत की भी खबर है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, इन नए आंकड़ों के साथ इस साल बांग्लादेश में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 123,948 हो गई है, और मरने वालों की कुल संख्या 384 तक पहुंच गई है।

'यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश' (UNB) की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुई मौतों में ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन (DNCC) क्षेत्र और मैमनसिंह डिवीजन में दो-दो मौतें शामिल हैं। इसके अलावा, ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन (DSCC) क्षेत्र, तथा खुलना और राजशाही डिवीजन में एक-एक मौत दर्ज की गई। बांग्लादेश में डेंगू से हुई कुल मौतों में 52.8 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि 47.2 प्रतिशत पुरुष हैं। DGHS की रिपोर्ट के मुताबिक, 117,400 डेंगू मरीज ठीक होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं। 

सतर्क रहने और सावधानियां बरतने की अपील

पिछले महीने, बांग्लादेश के मत्स्य एवं पशुधन राज्य मंत्री सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू ने चेतावनी दी थी कि आने वाले महीनों में ढाका और अन्य जिलों में डेंगू की स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की। टुकू ने कहा, "आने वाले महीनों में डेंगू का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए अभी से सभी को जागरूक और सावधान रहने की जरूरत है।" वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मरने वालों की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण अस्पताल पहुंचने में देरी, सही इलाज न मिल पाना और 'हाई-रिस्क' (अधिक जोखिम वाले) मरीजों का ज्यादा संवेदनशील होना है। कई मरीज तब चिकित्सा सहायता लेते हैं जब उनकी हालत पहले ही गंभीर हो चुकी होती है।

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संक्रमण के मामलों में आई तेजी मौतों की वजह

ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एच.एम. नजरुल अहसान ने बताया कि हाल ही में डेंगू से होने वाली मौतों में जो बढ़ोतरी हुई है, उसका मुख्य कारण पूरे देश में संक्रमण के मामलों में आई भारी तेजी है। अहसान के अनुसार, इन मौतों के पीछे तीन मुख्य कारण हैं: वायरस से जुड़े कारक, मरीजों की पहले से मौजूद स्वास्थ्य संबंधी कमजोरियां, और इलाज के दौरान पैदा होने वाली जटिलताएं। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने डेंगू के मरीजों के बेहतर इलाज को सुनिश्चित करने के लिए तीन-स्तरीय स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिसमें प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल शामिल हैं।

FAQ

1- डेंगू कैसे फैलता है?

डेंगू मुख्य रूप से एक संक्रमित मादा 'एडीस' मच्छर—खास तौर पर एडीस एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। जब कोई एडीस मच्छर किसी ऐसे व्यक्ति का खून पीता है जो पहले से ही डेंगू वायरस से संक्रमित है, तो वह वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। 

2- डेंगू के क्या लक्षण हैं?

डेंगू के सामान्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार (101°F से 105°F), बहुत तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द (जिसे 'ब्रेकबोन फीवर' भी कहा जाता है), साथ ही जी मिचलाना और उल्टी आना शामिल हैं। डाॅक्टर के परामर्श पर ब्लड टेस्ट यानी रक्त जांच करवाने से डेंगू का पता चल पाता है।

3- डेंगू से बचाव के क्या उपाय किये जा सकते हैं?

ये मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय (खासकर सुबह और शाम को) काटते हैं। ऐसे में फुल बाहों के कपड़े पहनने चाहिए। इसके अलावा घर और आस-पास गंदगी और गमलों, पुराने टायरों, कूलर या टूटे-फूटे बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दें।

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