दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 22 हाॅटस्पाॅट चिह्नित

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल में बढ़े डेंगू के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में 14 डेंगू के हाॅटस्पाॅटों की पहचान की है, इनमें सबसे ज्यादा मुर्शिदाबाद में हैं।
पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ रहे मामले, मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा मरीज

खबर विस्तार : -

कोलकाता: पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल के ग्रामीण और शहरी इलाकों में डेंगू के मामलों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने दुर्गा पूजा त्योहार से पहले प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने कुछ खास इलाकों में मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के बाद 14 ग्राम पंचायतों और आठ शहरी निकायों (जिनमें तीन नगर निगम और पांच नगरपालिकाएं शामिल हैं) को डेंगू हॉटस्पॉट के तौर पर पहचाना गया है।

अधिकारी ने कहा, "डेंगू हॉटस्पॉट के तौर पर पहचानी गई 14 ग्राम पंचायतों में से ज्यादातर मुर्शिदाबाद जिले में हैं। बाकी दक्षिण 24 परगना, नदिया, जलपाईगुड़ी, बीरभूम और हुगली जिलों में हैं।" जिन तीन नगर निगमों में ऐसे ही हालात देखे गए हैं, वे हैं कोलकाता नगर निगम (KMC), उत्तर 24 परगना जिले में बिधाननगर नगर निगम (BMC) और कोलकाता से सटे हावड़ा जिले में हावड़ा नगर निगम (HMC)। अधिकारी के मुताबिक, KMC के तहत छह वार्ड, HMC के तहत तीन वार्ड और BMC के तहत चार वार्ड ऐसे इलाकों के तौर पर पहचाने गए हैं, जहां पिछले महीने डेंगू के नए मामलों में अचानक उछाल देखा गया।

अब तक डेंगू के 10,177 मामले सामने आए 

संवेदनशील इलाकों के तौर पर पहचानी गई नगरपालिकाओं में नदिया जिले का चकदाह और उत्तर 24 परगना जिले के दम दम, साउथ दम दम, कमारहाटी और बारानगर शामिल हैं। इस साल डेंगू के सबसे ज्यादा मामले मुर्शिदाबाद, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली, हावड़ा, मालदा और पूर्वी बर्धमान से सामने आए हैं। हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 2026 में अब तक सामने आए डेंगू के कुल मामले 2025 की इसी अवधि के आंकड़ों की तुलना में थोड़े कम हैं। 7 अक्टूबर 2025 तक पश्चिम बंगाल में डेंगू के 12,652 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2026 में इसी अवधि के दौरान 10,177 मामले सामने आए।

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संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता

कुल मामलों की संख्या कम होने के बावजूद, हाल ही में संक्रमण के मामलों में हुई बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सितंबर में 3,948 नए मामले सामने आए, जबकि अकेले अक्टूबर के पहले सप्ताह में लगभग 1,100 मामले दर्ज किए गए। अधिकारी ने कहा, "इस साल कुल मामलों की संख्या कम होने के बावजूद, हाल ही में संक्रमण के मामलों में हुई बढ़ोतरी चिंता का विषय है। जहां सितंबर में डेंगू के 3,948 नए मामले सामने आए, वहीं अकेले अक्टूबर के पहले सप्ताह में लगभग 1,100 मामले दर्ज किए गए।"

पानी की टंकियों को ढककर रखें

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी डेंगू के फैलाव को रोकने के लिए घर-घर जाकर निगरानी कर रहे हैं। "हेल्थ वर्कर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे घर के पानी की टंकियों और सिस्टर्न को ढककर रखें। अगर ढक्कन न हो, तो उन्हें मच्छरदानी या जाली से ढक देना चाहिए।" राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "छत पर रखे फूलों के गमलों और बेकार पड़े कंटेनरों में पानी जमा होने से रोकने के बारे में भी जागरूकता फैलाई जा रही है।"

15 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को डेंगू के लक्षण वाले व्यक्तियों की जांच के लिए 15 अक्टूबर तक एक व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। जिला अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे बुखार से पीड़ित पाए जाने वाले लोगों की दैनिक संख्या और डेंगू के लिए जांच किए गए व्यक्तियों की संख्या के बारे में विभाग को नियमित रिपोर्ट सौंपें।

FAQ

1- डेंगू कैसे फैलता है?

डेंगू मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छरों के काटने से फैलता है।

2- पश्चिम बंगाल के किस जिले में सबसे ज्यादा डेंगू के हाॅटस्पाॅट मिले हैं?

डेंगू हॉटस्पॉट के तौर पर पहचानी गई 14 ग्राम पंचायतों में से ज्यादातर मुर्शिदाबाद जिले में हैं। 

3- राज्य में इस साल अब तक डेंगू के कितने मामले सामने आए?

पश्चिम बंगाल में इस साल अब तक डेंगू के 10,177 मामले सामने आए। 

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