गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीज बढ़े, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

खबर सार :-

बदलते मौसम और वातावरण में नमी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। गौतमबुद्ध नगर जिले में स्वाइन फ्लू के 12 और डेंगू के तीन नए मरीज सामने आए हैं।
गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के 12 और डेंगू के 3 नए मरीजों की पुष्टि

खबर विस्तार : -

नोएडा: मानसून के आखिरी दौर में लगातार उमस भरे मौसम और हवा में ज्यादा नमी का असर अब लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। गौतमबुद्ध नगर जिले में मौसमी और संक्रामक बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के 12 और डेंगू के 3 नए मामले सामने आए हैं। इन नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है, जिसने अस्पतालों को अलर्ट रहने और मरीजों के इलाज के लिए जरूरी इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 232 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इसके अलावा, मलेरिया के 44 मामलों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग इन बीमारियों से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रख रहा है और अस्पतालों में मरीजों की हालत पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद ज्यादा नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

मरीजों के इलाज में न करें लापरवाही

स्वाइन फ्लू के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हो सकते हैं। वहीं, मच्छरों के पनपने से डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है; इसलिए लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को निर्देश दिया है कि स्वाइन फ्लू, डेंगू या मलेरिया से पीड़ित मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही न बरती जाए। अस्पतालों को पर्याप्त बेड क्षमता, जरूरी दवाएं, जांच की सुविधा और मरीजों की निगरानी के सिस्टम बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जरूरी मेडिकल संसाधन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। 

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लोगों से सावधानी बरतने की सलाह

विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम में हो रहे इस बदलाव के दौरान अपनी सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें। निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें, क्योंकि जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने की मुख्य जगह होती है। मच्छरों से बचाव के लिए लोगों को पूरी बाजू के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी या बचाव के अन्य तरीकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, शरीर में तेज दर्द या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी जाती है। 

समय पर जांच होने पर बचाव संभव

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। मौसम में लगातार बनी हुई उमस को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में संक्रमण से जुड़े मामलों पर नजर रखना जारी रखेगा। विभाग ने सभी अस्पतालों को तैयार रहने और संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और जरूरी इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

FAQ

1. स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

बारिश के मौसम और मौसम बदलने के दौरान स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होती है। 

2. स्वाइन फ्लू और डेंगू होने के क्या कारण हैं?

स्वाइन फ्लू वायरस H1N1 इन्फ्लूएंजा A वायरस की वजह से होता है। यह वायरस हवा में मौजूद उन बूंदों के जरिए दूसरों में फैलता है जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर निकलती हैं। वहीं, डेंगू मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी नामक संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलता है।

3. स्वाइन फ्लू के क्या लक्षण हैं?

कंपकंपी के साथ अचानक तेज बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, पाचन संबंधी समस्याएं और थकान इसके मुख्य लक्षण हैं।

4. डेंगू के क्या लक्षण हैं?

अचानक तेज बुखार, मांशपेशियों व हड्डियों में तेज दर्द, आंखों को घुमाने पर तेज दर्ज, शरीर पर लाल चकत्ते उभरना, जी मचलाना और अत्याधिक थकान महसूस करना।

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