दिल्ली में बढ़ते एच1एन1 मामलों पर डीएमए की चिंता, 2,000 से ज्यादा केस

खबर सार :-

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ रहे हैं। यहां 2,000 से अधिक एच1एन1 मामले सामने आ चुके हैं। लोगों से सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की गई है।
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2,000 से अधिक मामले, बचाव एवं सतर्क रहने की अपील

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब तक 2,000 से अधिक एच1एन1 मामले सामने आ चुके हैं। यह मामले अब डराने लगे हैं। एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ रहे मामलों पर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी चिंता जताई है। एसोसिएशन ने अपील की है कि लोग सतर्क रहें। बचाव के इंतजाम करें। पहले के मामलों पर भी कहा जाता रहा है कि घबराने की बजाय सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के उपाय सुरक्षित रखने में कारगर रहे हैं। 

दिल्लीवालों खुद दिखाएं समझदारी

एसोसिएशन का कहना है कि जहां जरूरत होगी, वह जानकारियां पहुंचाते रहेंगे। उनकी नजर दिल्ली में इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर लगातार बनी हुई है। संगठन के स्तर से संक्रमण से जुड़ी बीमारी और मृत्यु दर की निगरानी की जा रही है। आम लोगों से कहा गया है कि मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों को व्यक्तिगत ध्यान देना चाहिए। ऐसे समय में श्वसन स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या टिश्यू से ढक लेना चाहिए। हर समय साबुन और पानी से धोएं हाथ होने चाहिए। आशंकित व्यक्ति अपने हाथों पर अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। गंदे या बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूना नुकसानदायक है। 

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भीड़ से दूरियां बनाकर चलें 

भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाना ज्यादातर लोगों को पसंद है। इससे बचना चाहिए। फ्लू जैसे लक्षण वाले लोगों से दूरी बनाकर रखें। पर्याप्त आराम करने की जरूरत रहती है। जब तक खुद में स्वस्थ रहने का अनुभव न महसूस हो, पौष्टिक भोजन और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ की जरूरत रहती है। सभ्य समाज में वैसे भी सार्वजनिक स्थानों पर थूकना बेहद निंदनीय है। बीमारी के लक्षण मिलने पर सावधानी बरतें। फ्लू के लक्षण होने पर एन95 मास्क पहनना चाहिए। डॉक्टरों व स्वास्थयकर्मियों को अस्पतालों, क्लीनिकों और ओपीडी में मास्क पहनना चाहिए है।

एसोसिएशन ने की लोगों से अपील

एसोसिएशन ने लोगों से अपील की है कि ऐसी बीमारियां अक्सर हाथ मिलाने या गले मिलने से फैलती हैं। ऐसे में फ्लू जैसे लक्षण होने पर लोगों से दूरियां बनाकर रहें। संगठन कहता है कि डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं नहीं लेना चाहिए। अक्सर चर्चा में रहने वाली दवाएं लोग खरीद लाते हैं। इससे दिक्कत बढ़ जाती है। बीमार होने पर किसी से न मिलें। 

दस दिन सार्वजनिक स्थल से रहें दूर

जिन लोगों ने हाल ही में कहीं की यात्रा की है या घूमकर लौटे हैं, उनको ज्यादा सावधानी की जरूरत रहती है। इन्फ्लूएंजा के मामले जिन क्षेत्रों में बढ़े हुए हैं, वहां पर लौटने के बाद 10 दिनों तक अपने स्वास्थय पर नजर रखें। सदी जुकाम और बुखार से किसी भी बीमारी का आगमन होता है। इस दौरान फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थय केंद्र पहुंचकर डाक्टरों को बताना चाहिए। सार्वजनिक जीवन और सार्वजनिक स्थल से करीब दस दिन दूर रहें। 

डाक्टरों को दी गई स्पेशल जिम्मेदारी

डीएमए के अनुसार, दिल्ली सरकार ने मौसमी इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड, डॉक्टर, दवाइयां और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सा अधिकारियों, सर्विलांस अधिकारियों और अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी और गंभीर श्वसन संक्रमण के मामलों में जरूरी उपाय करने के लिए कहा गया है।

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