इंदौरः जंग लगे बर्तन में बनता था अस्पताल में भोजन, होटल के किचन से एक्सपायरी डेट लापता !

खबर सार :-

मध्य प्रदेश के इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कई प्रतिष्ठानों पर नजरें टेढ़ी हैं। होटल और अस्पताल प्रबंधन को बता दिया है कि कहीं भी मनमानी नहीं चलने वाली है।
अस्पताल के किचन में थे जंग लगे बर्तन, होटल से एक्सपायरी डेट गायब!

खबर विस्तार : -

इंदौर : होटल, अस्पताल और स्कूलों में जब कभी भी जांच की जाती है, तो उनमें खाने-पीने की वस्तुओं या इनसे संबंधित वस्तु में गड़बड़ी जरूर मिलती है। इससे यही कहा जा सकता है कि मिलावट करने वालों को यह सहज और सफल टारगेट दिखता है। इन दिनों मध्य प्रदेश के होटल और अस्पताल में कहीं बेहद खराब बर्तन इस्तेमाल किए जा रहे थे, तो कहीं बिना एक्सपायरी डेट वाली सामग्री खपाई जा रही थी। पानी की गुणवत्ता और लाइसेंस की जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। 

मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रसिद्ध होटल सयाजी में खाद्य प्रशासन की ओर से निरीक्षण किया गया। इस दौरान यहां पर कई अनियमितताएं मिलीं, लेकिन प्रबंधन की कोशिशों के बाद भी शुक्रवार को खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई। साथ ही होटल के किचन को सील कर दिया गया।

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दरअसल, इंदौर में इन दिनों खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। टीम के लोग वहां पहुंच रहे हैं, जहां पर खाना पकाया जाता है। यह स्थान, स्कूल, होटल और अस्पताल में हैं। सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिष्ठानों में ऐसी कार्रवाई अक्सर की जाती हैं। खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का प्रभावी पालन नहीं होने पर प्रशासन निरीक्षण में मिली कमियों के आधार पर कार्रवाई करता है। गुरुवार को होटल सयाजी में अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, तापमान नियंत्रण, लेबलिंग, पेस्ट कंट्रोल, स्वच्छता, इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा लाइसेंस संबंधी कई कमियां पाई गई। मानकों में यह गंभीर खामी है। इनके सैंपल लिए गए। कमियों के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन अभिहित अधिकारी ने शुक्रवार को आदेश जारी कर सयाजी होटल्स इंदौर लिमिटेड की खाद्य अनुज्ञप्ति निलंबित कर दी गई। इसी के साथ होटल के किचन को सील कर दिया गया है। 

सिग्नेचर बुटीक होटल में संक्रमण का खतरा

कार्रवाई आगे बढ़ी तो कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में प्रशासनिक अमले के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन, इंदौर की टीम ने सिग्नेचर बुटीक होटल का निरीक्षण किया गया। तहसीलदार अजय अहिरवार, तहसीलदार सहदेव मौर्य, खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सोनी एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज श्रीवास्तव यहां मौजूद रहे। इस दौरान वह होटल के किचन में गए। यहां पर किचन की फर्श टूटी थी। सफाई न होने से खाद्य स्वच्छता की दृष्टि से संक्रमण की संभावना बनी हुई थी। खाद्य पदार्थों के भंडारण की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। जो भी खाने के लिए बनाया जा रहा था, संबंधित वस्तु में एक्सपायरी डेट नहीं थी। इससे संबंधित मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी नहीं थे। इनके कर्मचारी हेड कैप एवं एप्रन जैसे आवश्यक उपकरणों का उपयोग नहीं करते थे। पेस्ट कंट्रोल का वैध प्रमाण-पत्र भी यह लोग नहीं दिखा पाए। इनको 7 दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पानी की गुणवत्ता का प्रमाणपत्र नहीं था

टीम ने द भवन प्रॉमिनेंट इंटरनेशनल स्कूल, खसरा नंबर 71, ग्राम पिपलिया कुमार, तुलसी नगर, बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान यहां से खाद्य पदार्थों के कुल 5 नमूने लिए गए। इनमें टोमैटो कैचअप, विनेगर, रेड चिली सॉस, पाव एवं भाजी शामिल हैं। इनके पास चॉपिंग बोर्ड खराब थी। खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं पाए गए। पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। कुछ बर्तनों में जंग लगी थी। अधिकारियों ने सभी खाद्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। अब रिपोर्ट एवं निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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