तनाव और थकान शरीर को कर दे खोखला, सुकून के लिए कुछ देर बैठ जाएं घुटनों के बल पर
खबर सार :-
योग अब दुनिया की पसंद बन रहा है। इसे करने से शरीर की तमाम दिक्कतें दूर हो जाती हैं। इनमें शशकासन का महत्व काफी है। स्वस्थ रहने के लिए इसे नियमित करना चाहिए।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली, आजकल की भागदौड़ और मानसिक तनाव के चलते शरीर को खोखला होने में देर नहीं लगेगी। जिंदगी की रफ्तार थम जाएगी और दिन गुजारने मुश्किल हो जाएंगे। इसलिए थोड़ा सा समय अपने शरीर को योग के लिए निकलें। ऐसा करना हर किसी के लिए बहुत जरूरी है।
कई ऐसे योग हैं, जिन्हें करने से आपके शरीर का तनाव और थकान कम हो जाएगा। जिंदगी की कई परेशानियां भी दूर हो जाएंगी। इसलिए योगासन करने का संकल्प लें। योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। कई ऐसे आसन हैं जो बहुत ही सरल हैं, उनका प्रभाव भी उतना ही है। हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए यह प्राकृतिक तरीका है। शरीर के लिए लाभकारी योगासन में एक सरल आसन शशकासन नाम से जाना जाता है। शशकासन का शब्द अर्थ खरगोश होता है। यह बहुत ही सरल तरीके से किया जा सकता है। यह शरीर को अच्छा प्रभाव भी देता है।
यह भी पढ़ें : यूएस ने पेश किया ग्रीन कार्ड सिस्टम में बदलाव वाला बिल, जाने... नए बिल का भारतीय प्रोफेशनल्स पर क्या होगा असर
योग के लाभ को माना गया है सार्वभौमिक सत्य
योग के बारे में आयुष मंत्रालय के भी अपने अर्थ होते हैं। शशकासन के बारे में मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि यह शांत वातावरण में किया जा सकता है। एकांत वातावरण में जमीन पर कुछ बिछा लें। इसके बाद वज्रासन में बैठ जाएं। आपकी रीढ़ सीधी हो और दोनों पैरों के घुटनों को धीरे-धीरे एक दूसरे से दूर फैलाएं। इस दौरान यह ध्यान रखना जरूरी होगा कि पैरों के अंगूठे आपस में मिले रहें। मन को स्थिर रखें और अपने आसन पर ध्यान दें। दोनों पैरों के अंगठे एक दूसरे से छूते रहें। लंबी-लंबी सांस लेते हुए दोनों हाथों की हथेलियों को घुटने के बीच जमीन पर चिपकाने की कोशिश करें। आसन को आगे बढ़ाते हुए अपने शरीर को आगे की ओर झुकाएं और यह प्रक्रिया करते समय श्वांस छोड़ते जाएं। अपनी ठुड्ढी को जमीन पर रखने की कोशिश करें।
नियमित अभ्यास करने से परेशानियां कम होंगी
इस दौरान दोनों भुजाओं को समानांतर रखें और सामने की ओर देखते हुए सामान्य गति से सांस ले। यह स्थिति 12 से 28 सेकंड तक की या 10 से 30 सेकंड तक रहेगी। ध्यान रखें की इसके बाद आप पहले की स्थिति में वापस आ जाएं। अपने आसन पर वज्रासन की स्थिति के रूप में स्थिर रहें। अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार यह प्रक्रिया कई बार करें और शशकासन नियमित रूप करें। इससे मानसिक और शारीरिक दिक्कतें दूर करने में यह काफी सहायता मिल सकती है।
कई ऐसी परिस्थितियां भी सामने आती हैं, जबकि हर किसी के सामने तनाव और चिंता का सामना करना पड़ जाता है। इन परिस्थितियों में भी यह आसन नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि यह आसन तनाव और चिंता को दूर करने में बेहद लाभकारी है। हम अपने शरीर को झुकाते हैं तो मन शांत होता है और मन ही मस्तिष्क होता है। योग अब व्यावसायिक दर्जा भी हासिल कर रहा है। कई स्थानों पर फीस देकर योग का प्रशिक्षण लिया जा रहा है। योग के शिक्षक भी हैं। योग स्कूल और कालेजों में विषय भी बन रहा है।
पेट की दिक्कतें दूर करने में मिलती है मदद
यही नहीं तमाम पेट से संबंधित दिक्कतें भी इस आसन को करने से दूर हो जाती हैं। हमारे शरीर में पाचन शक्ति को बेहतर बनाता है और लीवर मजबूत होता है। कब्ज से भी छुटकारा मिल जाता है। कई ऐसी पेट की समस्याएं हैं जो शशकासन करने से दूर हो जाती हैं। इसके अलावा भी कई फायदे हैं। जननांगों में कसावट लाने, पीठ दर्द में राहत देने और हड्डियों को लचीला बनाने में भी यह आसन मदद करता है।
कुछ स्थितियों में इसे करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। जैसे शरीर के किसी अंग में ज्यादा दर्द होने पर यह आसन न करें। इसके साथ ही ऑस्ट्रियो आर्थराइटिस से अगर पीड़ित हैं तो शशकासन नहीं करना चाहिए अथवा डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही करें। शशकासन ही नहीं हमारे देश में आसन की परंपरा सदियों से रही है। इसका अब रूप बदल रहा है, लेकिन शरीर को लाभ देने वाला हैं। इसीलिए कई योगाचार्य भी योगासन के प्रति रूझान पैदा कर रहे है।
यह भी पढ़ें : युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 शुरू: 8 देशों के 3 हजार से ज्यादा एयर वॉरियर्स हो रहे शामिल
अन्य प्रमुख खबरें
-
आयुष्मान भारत का बड़ा आंकड़ा, 13 करोड़ से ज्यादा लोगों का इलाज
2026-09-25
-
ड्राई फ्रूट्स से करें दिन की शुरुआत, पोषक तत्वों के साथ मिलेगी एनर्जी
2026-09-24
-
तमिलनाडु में फैल रहीं सांस संबंधी बीमारियां, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
2026-09-24
-
बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह में सुलह, दोनों ने दी सफाई
2026-09-23
-
telangana : अस्पताल में निगरानी की भूमिका की होगी जांच, मृतक बच्चों की संख्या पांच हुई
2026-09-23
-
आयुष्मान योजना: 60 करोड़ लोगों को मिली है 5 लाख रुपए तक की हेल्थ कवरेज
2026-09-23
-
केजीएमयू नर्सिंग छात्रा की मौत पर हंगामा, छात्रों के गंभीर आरोप
2026-09-21
-
world-alzheimer's-day: ब्लड टेस्ट से पहले मिल सकती है इस बीमारी को पहचानने में मदद
2026-09-21
-
अल्जाइमर में जरूरी है बुजुर्गों की देखभाल, ऐसे पहचानें शुरुआती संकेत
2026-09-20
-
स्वस्थ जीवन के लिए भोजन में शामिल करें फल-सब्जियां और ‘श्री अन्न’
2026-09-20
-
बच्चों में ये 6 लक्षण हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती लक्षण
2026-09-19
-
रायपुर: सरकार बनी सहारा, जीवन रक्षक महंगी दवा और इंजेक्शन अस्पताल में फ्री
2026-09-18
-
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर एनसीडी मरीजों की देखभाल पर हुई चर्चा
2026-09-18
-
पेशाब में जलन और यूटीआई के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
2026-09-18
-
केजीएमयू में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 519 टीबी मरीज गोद लिए गए
2026-09-17