युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 शुरू: 8 देशों के 3 हजार से ज्यादा एयर वॉरियर्स हो रहे शामिल

खबर सार :-

जोधपुर के आसमान में आज दुनिया के खतरनाक लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। यह मौका था युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह शनिवार से शुरू हो गया।
भारत के साथ युद्ध अभ्यास के लिए उत्साहित है फ्रांस, बोला. भारतीय राफेल के साथ मजा आएगा

खबर विस्तार : -

जोधपुर, जोधपुर एयरबेस पर 12 अक्टूबर तक चलने वाले युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का आयोजन आज से हो रहा हैै। इस आयोजन में भारत समेत 8 देशों की वायु सेनाओं की मौजूदगी रहेगी। तरंग में 3000 से ज्यादा एयर वॉरियर्स भाग ले रहे हैं। यहां के अंतरराष्ट्रीय आयोजन में शामिल होने के लिए 32 ऑब्जर्वर की मौजूदगी बन रही है। इसमें लगभग 100 एयरक्राफ्ट जयपुर की धरा पर लोगोें की आंखों के सामने से निकलेंगे। 

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में बताया गया था कि राफेल, तेजस, सुखोई 30 एमकेआई, पांचवीं पीढ़ी का एफ 35, एफ 16 और हवा में ईंधन भरने वाले एयरक्राफ्ट आदि करतब दिखाएंगे। इनकी क्षमता भी अत्याधुनिक है। इनमें कई विमान एक साथ ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। कई विमान ऐसे भी हैं, जिनमें हवा में उड़ते ही ईंधन भर जाएगा। इस कार्यक्रम में अपनी क्षमता का प्रदर्शन के अलावा अपना अनुभव भी साझा करेंगे। युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना खासतौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिली क्षमता का अभ्यास करेगी। इसे इंटरनेशनल एक्सरसाइज का नाम दिया गया है। इसमें जोधपुर सहित वेस्टर्न बॉर्डर के 4-5 एयरबेस का इस्तेमाल किया जाना है। 

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भारत की होगी मजबूत भागीदारी 

जोधपुर में आठ देश अमेरिका, फ्रांस, यूएई, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, बांग्लादेश और श्रीलंका अपने विमानों और वायुसैनिकों के साथ युद्धाभ्यास में होंगे। तरंग शक्ति में भारत की मजबूत भागीदारी होगी। कई मित्र देशों के वायुसेना प्रमुख भी जोधपुर पहुंचेंगे। भारत की भी जिज्ञासा है कि स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरा जाए। यहां प्रदर्शन करने वाले विमानों का अपना टास्क होगा, उसी के अनुसार, ऑन एयर यह टारगेट को तबाह करते दिखाएंगे। तरंग में युद्धाभ्यास के लिए अमेरिकी वायु सेना का फाइटर जेट एफ-35 लाइटनिंग सेकंड भी आ रहा है। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला यही विमान होगा। 

अमेरिकी एफ-35 भारत से ऑपरेट होगा

अमेरिका का यह उन्नत स्टील विमान भारतीय धरती से सीधे ऑपरेट करेगा। यह पहला अवसर है, जबकि इस तरह के आयोजन में इसकी मोजूदगी होने जा रही है। पाकिस्तान सीमा के करीब जोधपुर एयरबेस पर एफ-35 की मौजूदगी रणनीतिक और तकनीकी रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अमेरिका का लड़ाकू विमान एफ-35 रनवे पर दौड़ में समय नहीं गंवाता है। यह सीधा उड़ान भरता है।

पड़ोसी देश के लिए यह आयोजन हैरान करने वाला हो सकता है। फ्रांस ने अपने राफेल को डेवलप किया है। यह भी यहां रहेगा। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ओर से एफ-16 लड़ाकू विमानों इस अभ्यास में शामिल होने आ रहे हैं। 100 से अधिक लड़ाकू विमानों की यहां उपस्थिति रहेगी। इनमें 3000 सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद है। तरंगशक्ति का यह दूसरा संस्करण है। इससे पहले पहला संस्करण वर्ष 2024 में तमिलनाडु के सुलूर और जोधपुर में आयोजित किया गया था। इस बार इसका दायरा बढ़ाया गया है। 

यह आयोजन एक मेगा इवेंट की तरह

इस युद्धाभ्यास में भारत के अलावा अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, यूएई, श्रीलंका, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया कुल 8 देश अपने लड़ाकू विमानों के साथ मैदान में उतर रहे हैं। यह एक मेगा इवेंट की तरह है। इसको सेना की ओर से आयोजित किया जा रहा है। जोधपुर एयरबेस मुख्य कमांड सेंटर के रूप में जबकि 4 और एयरबेसों का उपयोग किया जाएगा। इस आयोजन के लिए फ्रांसीसी दल पहुंच चुका है। फ्रांस का यह दस्ता अपने पेगास-26 मिशन के तहत यहां पहुंचा है। यह अपने सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार भारत के साथ द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को आसमान दिखाएगा। फांस की ओर से कहा गया है कि हम भारतीय राफेल विमानों के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से उत्सुक हैं।

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