भारत और श्रीलंका की नौसेना का शक्ति प्रदर्शन, युद्धपोतों ने किया संयुक्त अभ्यास

खबर सार :-

भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं ने समुद्र तट पर सैन्य अभ्यास किया। इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक दूसरे देश के साथ सहयोग की बात की। दोनों देशों की सेनाओं ने पर्यावरण के लिए अनुकूल महौल बनाने पर जोर दिया। तटों की सफाई भी की।
समुद्र से किनारे तक भारत का साथ निभाएगा श्रीलंका, शक्तिप्रदर्शन के दौरान कही यह बात

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, भारतीय नौसेना अपने देश के जहाजों आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी के साथ समुद्री मार्ग से श्रीलंका दौरे पर पहुंची। वहां कोलंबो में नौसैनिक संबंधों को मजबूत करने के इरादे से कई मुद्दों पर बात किया। दोनों देशों की सेनाओं ने सैन्य अभ्यास किया। साथ ही महत्वपूर्ण स्थानों को करीब से देखा। वहीं दोनों देशों के नौसैनिकों को एक-दूसरे के अनुभवों और कार्यप्रणाली से परिचित होने का अच्छा अवसर मिला। सैन्य अधिकारियों की ओर से मिली अनुमति के बाद प्रशिक्षण का हिस्सा था।

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समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया

यहां पर स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे ओर उन्होंने तीनों जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों के साथ श्रीलंका नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर से मुलाकात की। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारतीय नौसेना के युद्धपोतों ने श्रीलंकाई नौसेना के साथ एक महत्वपूर्ण समुद्री अभ्यास भी किया है। इस नौसैनिक अभ्यास में भारत के तीन बड़े समुद्री जहाज शामिल हुए। नौसेना के आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी इस अभियान का हिस्सा थे।

इस दौरान दोनों नौसेनाओं ने समुद्र में समन्वित गतिविधियां कीं। इससे एक-दूसरे के साथ तालमेल बढ़ाने और मिलकर समुद्री अभियान संचालित करने की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिली। अभियान में शामिल यह भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन है। भारतीय नौसेना 29 अक्टूबर को श्रीलंका के कोलंबो से सफल दौरा पूरा कर पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन आगे रवाना हो गया। इस दौरान आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी ने श्रीलंकाई नौसेना के साथ कई गतिविधियों में हिस्सा लिया। वापसी के दौरान तीनों जहाजों ने श्रीलंका नौसेना के जहाज एसएलएनएस विजयबाहु के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास किया।

अकादमी पहुंच महत्वपूर्ण विषयों पर समाधान निकाला

भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं ने त्रिंकोमाली स्थित नौसेना एवं समुद्री अकादमी पहुंचकर महत्वपूर्ण विषयों पर समाधान निकाला। यहां उन्होंने श्रीलंका नौसेना के प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत की। इस दौरान अपने कई सवालों के उत्तर भी लिए। वहीं, श्रीलंका नौसेना के प्रशिक्षु भी भारतीय जहाजों पर पहुंचे। उन्होंने जहाजों पर उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और वहां होने वाली गतिविधियों को करीब से देखा। यह ऐसा मौका था जिसमें दोनों देशों की कार्य पद्धतियां सामने थीं। इस तरह दोनों देशों के भावी नौसैनिक अधिकारियों को एक-दूसरे की प्रशिक्षण व्यवस्था और कामकाज समझने का अवसर मिला।

भारत और श्रीलंका की इस साझीदार यात्रा व अभ्यास में समुद्री सुरक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी महत्व दिया गया। भविष्य में की जाने वाली कोशिशों के अंतर्गत समुद्री जल को अनुकूल बनाने और जलीय जीवों के संरक्षण में साथ निभाने की इच्छा जताई। साथ ही तटों की सफाई महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। भारतीय नौसेना के जवानों ने कोलंबो में समुद्र तट की सफाई के अभियान में हिस्सा लिया। यह मौका भी ऐसा था, जिस दौरान तीनों जहाजों के करीब भारत और लंका के लोग एक साथ मौजूद रहे। स्थानीय लोगों और श्रीलंका में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों के लिए खोला गया। जिस समय यह जहाज तट पर थे, इनमें अंदार की गतिविधि देखने के लिए लोग परेशान रहे।

अधिकारियों के कहने पर जहाजों में लोगों को प्रवेश दिया 

 अधिकारियों के कहने पर जहाजों में लोगों को प्रवेश दिया गया। नौसैनिकों से बातचीत करने और भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण एवं परिचालन गतिविधियों को करीब से देखकर कई आशंकाएं मिटाईं। कोलंबो से विदाई के समय संयुक्त समुद्री अभ्यास हुआ। यह इस दौरे का अहम पड़ाव रहा। भारत और श्रीलंका की नौसेना के बीच पैसेक्स अभ्यास किया गया। इसमें भारतीय जहाजों और श्रीलंका के एसएलएनएस विजयबाहु हिस्सा लिया। इन दोनों देशों के बीच सामरिक महत्व समुद्री क्षेत्रों में बढ़ जाता है।

नौसैनिकों ने एक दूसरे देश के प्रति पड़ोसी व क्षेत्रीय होने के साथ नौसैनिक क्षमता के निर्माण के मुताबिक सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सहयोग और सुरक्षा में साथ देने के प्रति समझदारी दिखाने पर भरोसा जताया है। यह दौरा भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी का एक और उदाहरण बना। इसमें श्रीलंका की नौसेना की ओर से कहा गया कि भारत की महासागर परिकल्पना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को साझा प्रयासों से आगे बढ़ाना है। 

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