खामनेई के इशारे का इंतजार कर रहे कमांडर, अमेरिका-इजरायल को मुंहतोड़ जवाब के लिए तैयार

खबर सार :-

ईरानी सेना के कमांडर ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के निर्दश पर जवानों को अमेरिका और इजरायल का डटकर मुकाबला करने के लिए अलर्ट किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर यह तनाव बढ़ा है। ईरान ने अमेरिका के सामने एक शर्त रखी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर मुकाबले को तैयार ईरान, हमला में परिणाम की चिंता नहीं करेगी सेना

खबर विस्तार : -

तेहरान, ईरान, अमेरिका और इजराइल की ओर से किए जाने वाले हमले या किसी प्रकार के खतरे का डटकर मुकाबला करेगा। अपने एक निर्देश में ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सैन्य कमांडरों को ऐसा करने के  लिए कहा है। खामनेई ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल की ओर से आने वाले किसी भी संभावित खतरे का मुकाबला डटकर करें। उसके लिए जरूरी नहीं है कि वह भौगोलिक सीमा का तत्काल आंकलन करेगा। उधर, शीर्ष कमांडर ने भी जवाब में कहा कि ईरानी सेना आधुनिक और उन्नत उपकरणों व तकनीकों का इस्तेमाल करेगा। चाहे वह अमेरिकी हो या कोई और दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

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ईरान ने अपनी महत्वाकांक्षा को उजागर किया

दरअसल, ईरानी सेना ओर अमेरिकी सेना के बीच का तनाव पूर्ण महौल शांति प्रयासों की ओर अभी सफल नहीं हो पाया है। इसीलिए सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने खामेनेई के निर्देश के बाद ईरानी बल को अलर्ट कर दिया हैं। इस बीच तनाव बढने का कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे को लेकर है। इसे खोलने के संबंध में ईरान के शीर्ष नेताओं की बातचीत के लिए कतर आगे आया है। उसके मध्यस्थों के साथ ईरान ने अपनी महत्वाकांक्षा को उजागर किया है। कतर को साफ कर दिया है कि अमेरिका को पहले उसकी शर्तें माननी होगी। इसे खोलने में दो दिन का समय लगेगा। ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची की बातचीत के कुछ अंश अल जजीरा और इरना की रिपोर्ट में हैं।

मध्यस्थता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति का नाम

इसमें किसी प्रकार की गोपनीयता भी नहीं है। ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कतरी मध्यस्थों के चल रही बातचीत को सार्वजनिक माना है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई हैं। उन्होंने भी इस विवाद को और बढाने की इच्छा पर रोक लगाने के लिए कहा है। इस मध्यस्थता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का भी नाम लिया जा रहा है। रक्षा  जानकारों और मीडिया की खबरें कह रही हैैं कि वाशिंगटन नहीं चाहता है कि तनाव किसी नए कारण पर बने और पहले के विवादों को समझा जाए। उन्होंने इस बदलाव को एक सकारात्मक संकेत बताया है। खामनेई की होर्मुज जलडमरूमध्य को दो दिन में फिर से खोलने की योजना को अंतिम रूप देने में अड़चन भी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इससे अभी यही लग रहा है कि युद्ध किसी नतीजे पर नहीं है। यानी कि मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने शनिवार जो बात कमांडर-इन-चीफ अयातुल्ला सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई के संबंध में उनके निर्देशों को लेकर थे। उनमें सच्चाई है। खामनेई को वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की ओर से ईरानी सशस्त्र बलों ने अपने एजेंडे में दुश्मन के ठिकानों और संपत्तियों की एक नई सूची शामिल की है। यह सूची तब दी गई, जबकि अमेरिका से उनकी बात मान लेने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि इस्लामिक क्रांति के नेता का समझदारी भरा और निर्णायक नेतृत्व सशस्त्र बलों के कमांडरों और सभी सदस्यों के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है।

आक्रामकता का सामना करने के लिए तैयार

अब्दुल्लाही ने कहा कि सशस्त्र बल किसी भी तरह की आक्रामकता का सामना करने के लिए तैयार हैं। अमेरिका का जिस तरह से दबाव रहा है, ऐसा लग नहीं रहा। ईरान की सेना अपने कमांडर के आदेश और देश के लिए मर मिटने के लिए तैयार है। कमांडर-इन-चीफ और देश को भरोसा दिलाया है कि वे अंतिम सांस तक देश की रक्षा के लिए लड़ेंगे।

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