Indore: खाद्य सुरक्षा प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रोमियो लेन के किचन सहित दो प्रतिष्ठानों में खाद्य निर्माण कराया बंद

खबर सार :-

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में होटल वालों को किसी के स्वास्थ्य की चिंता और न ही स्वच्छता की परवाह। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के निरीक्षण में ऐसे ही तथ्य सामने आए हैं। डिब्बों में रखी सामग्री में कीड़े भी पाए गए।
इंदौर के hotel में तैयार कर रहे थे बीमारीः  मसरूम-खसखस में कीड़े, फ्रिज में मांसाहारी के साथ शाकाहारी भोजन

खबर विस्तार : -

इंदौरः मध्य प्रदेश के Indore शहर दुनिया में स्वच्छता के लिए मशहूर है। लेकिन इस शहर में कुछ होटल प्रतिष्ठानों में बीमारी तैयार की जा रही है। यहां पर शाकाहारी के साथ मांसाहारी भोजन एक ही फ्रिज में रखा जा रहा है। खसखस और मशरूम में कीडे़ भरे थे। यह जानकारी अधिकारियों के निरीक्षण में निकल कर आई है। इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। 

एक ही जगह पर कई-कई कमियां मिल रहीं

जानकारी के अनुसार, Indore में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों को परखने के लिए अभियान चलाया है। इसी क्रम में बीते दिन खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम हाई स्ट्रीट अपोलो, एबी रोड, निपानिया स्थित ट्रिनिटी हॉस्पिटैलिटी (रोमियो लेन) तथा खातीवाला टैंक स्थित बैराठी कॉलोनी के गोस्वामी मोमोज पर एक-एक कर जा पहुंचे। यहां दोनों प्रतिष्ठानों में जांच का विरोध किया गया, लेकिन सरकारी काम में बाधा का हवाला देकर अधिकारियों ने काम जारी रखा।

खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजने की तैयारी पूरी कर दी। इन दोनों प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं प्रसंस्करण का कार्य बंद करा दिया गया है। इनके बारे में बताया गया है कि खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताओं की भरमार है। इनके पास आवश्यक वैध दस्तावेज भी नहीं हैं। ट्रिनिटी हॉस्पिटैलिटी (रोमियो लेन) के किचन में भी अनियमितताएं पाई गईं। यहां का भी खाद्य निर्माण बंद करा दिया गया है।

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मेडिकल सर्टिफिकेट और लाइसेंस भी नहीं दिखा पाए

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि टीम हाई स्ट्रीट अपोलो, एबी रोड, निपानिया स्थित ट्रिनिटी हॉस्पिटैलिटी (रोमियो लेन) निरीक्षण करने पहुंची थी। वहां पर होटल के जनरल मैनेजर अमोघ शरण मौजूद रहे। किचन में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी कई अनियमितताएं मिलीं। किचन के फ्रीजर में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे हुए थे। इनकी उचित टैगिंग भी नहीं कराई गई। 

टीम को और भी कमियां मिलीं, इनमें खसखस एवं मशरूम की हालत चिंताजनक थी। यह बहुत पुराने थे। इनमें कीडे़ भरे थे। इनको मौके पर ही नष्ट कराया गया। पीने के पानी की जांच रिपोर्ट और खाद्य कर्मियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी नहीं थे। इसके अतिरिक्त खाद्य पदार्थों के भंडारण में कई कमियां थीं। पनीर, दही, मूंगफली दाना, खड़ा धनिया एवं ग्लास वर्मीसेली के कुल पांच नमूने लिए गए हैं। इनको भी राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेज दिया जाएगा। चौकाने वाली बात यह है कि प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस अवधि समाप्त होने के बाद भी नया नहीं बनवाया गया। इस पर किचन परिसर में खाद्य पदार्थों का निर्माण कराना रोक दिया गया।

दस्तावेज तैयार होने तक नहीं कर पाएंगे काम

टीम को कुछ प्रतिष्ठानों के खिलाफ शिकायत मिली थी। इसलिए वह खातीवाला टैंक स्थित बैराठी कॉलोनी के गोस्वामी मोमोज पहुंची। यहां पर  विक्रेता पंकज गिरी के पास खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए वैध अनुज्ञप्ति नहीं थी। जिस स्थान पर निर्माण किया जा रहा था, उसके बाहर एवं बैक लाइन क्षेत्र में अत्यधिक गंदगी थी। खाद्य कारोबार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी मौके पर नहीं थे। उपयोग किए जाने वाले पानी की जांच रिपोर्ट, परिसर का पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र तथा खाद्य कारोबार करने वाले  का मेडिकल प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं था।

टीम ने यहां से पनीर मोमोज एवं चीज मोमोज के नमूने लिए हैं। जब तक इनके सरकारी कागज तैयार नहीं करा लिए जाते एवं सफाई की शिकायतें दूर नहीं कर ली जातीं, इनको किसी प्रकार का खाद्य निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। 

बंद प्रतिष्ठान की निगरानी होती रहेगी 

इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि सरकार की गाइडलाइन के ही अनुसार प्रतिष्ठानों को चलाने की अनुमति दी जाएगी। जिन लोगों के पास जरूरी दस्तावेज और साफ सफाई नहीं मिल रही है या नियमों की अनदेखी की  जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया जाएगा। यह अभियान पहले से चल रहा है और आगे भी चलाया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि इंदौर शहर में कोई ऐसी गतिविधि नहीं होने दी जाएगी, जिससे प्रशासन पर आंच आए। जिन प्रतिष्ठानें को बंद कराया गया है, इनकी निगरानी होती रहेगी। जब यह लोग सरकार की गाइडलाइन का पालन कर लेंगे,उसके बाद इनको काम करने की इजाजत दे दी जाएगी। फिलहाल इन पर अभी बंदिशें लागू रहेंगी। जांच रिपोर्ट का भी इंतजार किया जाएगा। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

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