गोरखपुर: महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की स्मृति में होगी श्रीमद्भागवत कथा, सीएम होंगे शामिल

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं एवं महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि मनाई जाएगी। इस मौके पर कई कार्येक्रम एक सप्ताह तक चलते रहेंगे।
गोरखपुर में महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की स्मृति में होगी श्रद्धांजलि सभा, सीएम योगी भी पहुंचेंगे

खबर विस्तार : -

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं एवं महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के मौके पर महत्वपूर्ण कार्यक्रम होने जा रहे हैं। इनमें श्रीमद्भागवत कथा और समाज व राष्ट्र को प्रभावित करने वाले ज्वलंत मुद्दों पर सम्मेलन में मंथन किया जाना है।

महत्वपूर्ण विषयों पर सम्मेलन में मंथन किया जाएगा

इस खास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित हो सकते हैं। आयोजक ने बताया कि उनके मार्गदर्शन में कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। महंत की पावन स्मृति में कथा का शुभारंभ 23 सितंबर को किया जाना है। इसी अवसर पर सामयिक विषयों पर आधारित सम्मेलन को 24 सितंबर को शुरू किया जाएगा। पुण्यतिथि सप्ताह समारोह के नाम से इन खास कार्यक्रमों का उद्घाटन किया जाएगा।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने कहा है कि श्रीगोरक्षपीठ की गौरवशाली आध्यात्मिक-धार्मिक परंपरा को महंत दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यनाथ ने निभाया है। वह समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। दिग्विजयनाथ की 57वीं एवं महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 

वृंदावन से गोरखपुर आएंगे कथाव्यास 

 24 सितंबर से 30 सितंबर तक आयोजन होंगे। उन्होंने बताया कि श्रद्धांजलि समारोह का समय निर्धारित है। इसके अंतर्गत 23 से 29 सितंबर तक दोपहर बाद 3ः00 बजे से सायं 6ः00 बजे तक संगीतमय ‘श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ’ का आयोजन किया जाएगा। इसे गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया जाना है। श्री रेवासा धाम, वृंदावन से मलूकपीठाधीश्वर, श्रीमद्जगद्गुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज कथाव्यास के रूप में आ रहे हैं। इसी कार्यक्रम में 23 सितंबर को दोपहर बाद 2ः30 बजे अखण्ड ज्योति और श्रीमद्भागवत महापुराण की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह से दिग्विजयनाथ स्मृति भवन तक निकाली जाएगी। 

कई विषयों पर बुद्धिजनों के सुने जाएंगे विचार

आयोजन के बारे में योगी कमलनाथ ने बताया कि दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं अवेद्यनाथ जी ने समाज और देश के लिए धर्म, संस्कृति, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर पीछे नहीं रहे। उनकी हर जगह पर उपस्थिति रहती थी। इसीलिए उनके बारे में कहा गया है कि पुनर्जागरण के अग्रदूत थे। प्रतिष्ठित तो वह हुए, महत्वपूर्ण कार्य भी किए। पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक, चिकित्सा, तकनीकी पुनर्जागरण के लिए उनका हमेशा योगदान रहा है।

उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन बड़ा परोपकारी कार्य होने जा रहा है। इसके अंतर्गत समाज एवं राष्ट्र को प्रभावित करने वाले समसामयिक विषयों पर 24 सितंबर से सम्मेलन प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन पूर्वाह्न 10ः30 बजे से सम्मेलन का आयोजन होगा। इसके पहले दिन ‘भारतीय ज्ञान परंपरा का वर्तमान परिप्रेक्ष्य’ विषय पर विमर्श सुने जाएंगे। इसके दूसरे दिन 25 सितंबर को ‘नशा नाश का कारण है, सम्मेलन का विषय रखा गया है। इसमें नशे को लेकर जानकारी देते हुए विचार दिए जाएंगे। यह जानकारी लोगों के लिए महत्वपूर्ण होंगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहेंगे मौजूद

 सम्मेलन के तीसरे दिन 26 सितंबर को ‘लोकतंत्र की जननी है, भारत’ और चौथे दिन 27 सितंबर को ‘संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति विषय पर लोगों के विचार शामिल किए जाने हैं। सम्मेलन के पांचवें दिन 28 सितंबर को ‘भारतीय संस्कृति एवं गोसेवा’ को लेकर सम्मेलन में प्रबुद्ध जनों के विचार सुने जाएंगे। 29 सितंबर को युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ की एवं 30 सितंबर को अवेद्यनाथ की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। खास बात यह है कि इन दोनों श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होगा। 

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