लखनऊ ओटीएस में उत्तर प्रदेश के 17 नगर निगमों में सबसे आगे, सर्वाधिक 06.50 करोड़ की गृहकर वसूली

खबर सार :-

एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत गृहकर वसूली में महापौर की भुमिका सराहनीय है। उन्होंने लखनऊ नगर निगम के अंतर्गत आने वाले नागरिकों से अपील की है कि वह अपनी शिकायतों को निस्तारित कराएं और बकाया कर जमा करें।
नगर निगम लखनऊ ने बनाया रिकॉर्ड, गृहकर वसूली में 17 निगमों को पिछाड़ा

खबर विस्तार : -

लखनऊ, एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत गृहकर वसूली में लखनऊ उत्तर प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में सबसे आगे है। लखनऊ नगर निगम ने अब तक 06.50 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली कर रिकॉर्ड बनाया है। योजना के तहत बड़े बकायेदार भी आवेदन कर रहे हैं। किसी आवेदन से पहले उपभोेक्ता की परेशानी का समाधान भी नगर निगम स्तर पर ही निस्तारित कर दिया जाता है।

लखनऊ नगर निगम में अब तक ओटीएस योजना के तहत 3967 आवेदन किए गए हैं। इनमें से 3723 आवेदनों को स्वीकार किया गया है। 239 आवेदन प्रकिया वालों को छोड़कर कुल आवेदनों में 05 को निरस्त कर दिया गया है। नगर निगम की ओर से कहा गया है कि 14 नवंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं। ओटीएस योजना के तहत पात्र बकायेदारों के लिए अभी समय है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदनों का निस्तारण की प्रक्रिया बढ़ाकर भुगतान की कार्रवाई होगी। नगर निगम की ओर से जो सुविधा दी जा रही है, उसमें घर बैठे ऑनलाइन आवेदन भी पसंद की जा रही है। ओटीएस योजना के लिए नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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महापौर सुषमा खर्कवाल ने शहर के लोगों से की अपील

 लखनऊ नगर निगम की ओर से महापौर सुषमा खर्कवाल ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें। कोशिश करें कि जल्दी आवेदन कर पात्र बनें और योजना का लाभ लें। इसके लिए निर्धारित ओटीएस पोर्टल पर सुविधा दी जा रही है। उनका कहना है कि आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश चल रही है। इसे चरणबद्ध तरीके से रखा गया है। इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन के लिए जोनल हेल्पडेस्क भी बनाए गए हैं। ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी आसान है। यह उपलब्ध व्यवस्था हमेशा रही है। नगर निगम के सभी आठ जोन में ओटीएस हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। 

ऑफलाइन आवेदन पर रिसीविंग भी है मिलती

हेल्प डेस्क पर सभी नागरिक योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी पा सकते हैं। उनके आवेदन प्रक्रिया में भी यह डेस्क सहायता करेगी। ऑफलाइन आवेदन जमा करने पर आवेदक को हस्ताक्षर और मुहर वाली रिसीविंग दी जाती है। इस योजना को 15 दिसंबर तक इसी तरह से चलाया जाएगा। इसमें एकमुश्त समाधान योजना के तहत पात्र बकायेदारों को लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर के भुगतान पर लाभ दिया जाता है। 

15 अगस्त से 15 दिसंबर का समय है निर्धारित 

शासन के आदेश के अनुसार भुगतान पर ब्याज और सरचार्ज में छूट की व्यवस्था दी जाती है। इस योजना की पूरी अवधि 15 अगस्त से 15 दिसंबर निर्धारित है। यही कारण है कि नगर निगम की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वह समय रहते आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर लें। वहीं, नगर आयुक्त गौरव कुमार का कहना है कि ओटीएस सॉफ्टवेयर और योजना की प्रक्रिया से नगर निगम मुख्यालय के अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षित हैं।

इन लोगों का प्रशिक्षण मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह और विनय कुमार राय की अध्यक्षता में हुआ था। इसमें सभी जोन के टैक्स सुपरिंटेंडेंट और कर्मचारी पहुंचे थे। ओटीएस योजना के तहत जहां आम लोग जिम्मेदारी दिखा रहे हैं, वहीं सरकारी विभागों की ओर से भी आवेदन पहुंच रहे हैं। इनमें विद्युत विभाग ने अपने सभी भवनों के लिए ओटीएस योजना के तहत आवेदन किया है। 

आसान है ओटीएस पोर्टल की ऑनलाइन प्रक्रिया

ओटीएस पोर्टल के लिए प्रक्रिया आसान है। इसमें सबसे पहले ओटीएस पोर्टल खोलकर होम पेज पर दिए गए ‘ऑनलाइन आवेदन करें’। इसके साथ ही विकल्प पर क्लिक करें। आप जिस निगम के हैं, उस नगर निकाय को चुने और फिर उत्तर प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों की सूची में से अपना संबंधित नगरीय निकाय चुनें। लखनऊ दिखने पर बकायेदार नगर निगम लखनऊ का चयन करेंगे। इसमें मोबाइल नंबर दर्ज डालने के बाद ओटीपी से सत्यापन करें। मोबाइल पर प्राप्त 06 अंकों का ओटीपी दर्ज कर दें। लॉगिन करने के बाद आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारियां दें। जानकारी में प्रॉपर्टी आईडी, आवेदक का नाम और प्रॉपर्टी का प्रकार आदि पूछा जाता है। अंत में आवेदन पोर्टल पर आवेदन जमा होते ही आप की स्थिति दिखने लगेगी।

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