गुणों का खजाना हैं भीगे मेवे, स्वस्थ रहने के लिए रोज सुबह डाइट में करें शामिल
खबर सार :-
मेवे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। एक निश्चित मात्रा में रोज सुबह इनका सेवन करने से पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। NHM UP ने पोस्ट शेयर कर इसे अपनाने की सलाह दी है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: अगर दिन की शुरुआत पौष्टिक भोजन से हो तो शरीर को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल पाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सुबह के आहार में सूखे मेवों को शामिल करने की सलाह दी है. पोस्ट में बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे सूखे मेवों से मिलने वाले कई जरूरी पोषक तत्वों के बारे में भी बताया गया है।
सुबह भीगे हुए सूखे मेवों का मिश्रण लेना एक आसान और पौष्टिक विकल्प हो सकता है। सूखे मेवों को रात भर भिगोकर सुबह खाने का चलन भारतीय घरों में काफी समय से देखा जा रहा है, लेकिन अगर आप सूखे मेवों को भिगोना भूल जाते हैं, तो इन्हें सामान्य रूप से संतुलित मात्रा में खा सकते हैं। भीगे हुए बादाम, अखरोट और किशमिश का संयोजन आपके सुबह के आहार में विभिन्न पोषक तत्व जोड़ सकता है, लेकिन यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि कोई भी खाद्य पदार्थ संपूर्ण पोषण का विकल्प नहीं है। स्वस्थ रहने के लिए दैनिक आहार में सूखे मेवे, फल, सब्जियों के साथ-साथ साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त पानी भी शामिल करना चाहिए।
✨मेवे में हैं पोषण के कई फायदे!
— NHM UP (@nhm_up) September 23, 2026
बादाम, अखरोट और किशमिश को अपनी सुबह की थाली में शामिल करना आपके आहार में प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व जोड़ सकता है।????
सेहतमंद आहार, बेहतर पोषण।
Nuts Nutrition | Healthy Breakfast | Nutrient Intake
#HealthyMorning… pic.twitter.com/0Jfj3aTlMA
बादाम
बादाम पोषण से भरपूर मेवों में से एक है। इसमें विटामिन-ई, मैग्नीशियम, प्रोटीन और स्वस्थ वसा पाए जाते हैं। विटामिन ई शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है, जबकि मैग्नीशियम शरीर में कई सामान्य जैविक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। इनमें मौजूद स्वस्थ वसा और मैग्नीशियम खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करके हृदय को स्वस्थ रखते हैं। इसके अलावा बादाम में मौजूद राइबोफ्लेविन और एल-कार्निटाइन दिमाग और याददाश्त के लिए फायदेमंद होते हैं। सुबह के नाश्ते में सीमित मात्रा में बादाम शामिल करना आपके आहार को पौष्टिक बनाने का एक आसान तरीका हो सकता है। रोज सुबह भीगे हुए बादाम खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. छिलके वाले बादाम में मौजूद पोषक तत्व शरीर में आसानी से पच जाते हैं।
यह भी पढ़ेंः- आयुर्वेद में छिपा है स्वस्थ जीवन का राज, अच्छी सेहत के लिए भोजन में पोषक तत्वों के साथ विविधता भी जरूरी
अखरोट
वहीं, अखरोट को ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। रोजाना खाली पेट भीगे हुए अखरोट खाने से दिमाग तेज होता है, दिल स्वस्थ रहता है और शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है। अखरोट को भिगोने से फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे पेट आसानी से पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेता है और पाचन में सुधार होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट याददाश्त और फोकस में सुधार करते हैं। इसमें मौजूद विटामिन ई और स्वस्थ वसा बालों को मजबूत बनाते हैं और त्वचा में प्राकृतिक चमक लाते हैं। इसे सीधे खाया जा सकता है या फिर ओट्स, दलिया, दही अथवा फलों के साथ भी शामिल किया जा सकता है।
किशमिश
किशमिश स्वाद में मीठी होने के साथ-साथ पोटेशियम, आयरन और फाइबर जैसे पोषक तत्व भी प्रदान करती है। भीगी हुई किशमिश में प्राकृतिक ग्लूकोज और फ्रुक्टोज होता है, जो थकान और कमजोरी को दूर कर तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। इसमें आयरन और तांबा प्रचुर मात्रा में होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के निर्माण में मदद करता है, हालांकि इसमें प्राकृतिक शर्करा अपेक्षाकृत अधिक होती है। इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना ही बेहतर है। खासकर मधुमेह या ब्लड शुगर संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को अपने व्यक्तिगत आहार के अनुसार मात्रा तय करनी चाहिए।
अंजीर
रात भर पानी में भिगोए हुए अंजीर को सुबह खाली पेट खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज से राहत मिलती है। इसमें मौजूद उच्च फाइबर मल को नरम करता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है। इसमें मौजूद उच्च फाइबर मल को नरम करता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है। अंजीर आयरन और विटामिन का अच्छा स्रोत है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाता है। भीगे हुए अंजीर में कैलोरी कम होती है और यह आपको लंबे समय तक भरा रखता है।
यह भी पढ़ेंः- याददाश्त कमजोर होना सिर्फ उम्र का असर नहीं, अल्जाइमर के इन 3 लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अन्य प्रमुख खबरें
-
तमिलनाडु में फैल रहीं सांस संबंधी बीमारियां, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
2026-09-24
-
बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह में सुलह, दोनों ने दी सफाई
2026-09-23
-
telangana : अस्पताल में निगरानी की भूमिका की होगी जांच, मृतक बच्चों की संख्या पांच हुई
2026-09-23
-
आयुष्मान योजना: 60 करोड़ लोगों को मिली है 5 लाख रुपए तक की हेल्थ कवरेज
2026-09-23
-
केजीएमयू नर्सिंग छात्रा की मौत पर हंगामा, छात्रों के गंभीर आरोप
2026-09-21
-
world-alzheimer's-day: ब्लड टेस्ट से पहले मिल सकती है इस बीमारी को पहचानने में मदद
2026-09-21
-
अल्जाइमर में जरूरी है बुजुर्गों की देखभाल, ऐसे पहचानें शुरुआती संकेत
2026-09-20
-
स्वस्थ जीवन के लिए भोजन में शामिल करें फल-सब्जियां और ‘श्री अन्न’
2026-09-20
-
बच्चों में ये 6 लक्षण हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती लक्षण
2026-09-19
-
रायपुर: सरकार बनी सहारा, जीवन रक्षक महंगी दवा और इंजेक्शन अस्पताल में फ्री
2026-09-18
-
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर एनसीडी मरीजों की देखभाल पर हुई चर्चा
2026-09-18
-
पेशाब में जलन और यूटीआई के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
2026-09-18
-
केजीएमयू में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 519 टीबी मरीज गोद लिए गए
2026-09-17
-
up :97.75 लाख मरीजों को मुफ्त इलाज मिला, अभी और बढ़ेगा दायरा
2026-09-16
-
लखनऊ के सिविल अस्पताल में 26 सेमी और 450 ग्राम के पित्ताशय की सफल सर्जरी
2026-09-15