अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयुष मंत्रालय ने योग के गिनाए फायदे, बुजुर्गों से नियमित अभ्यास करने की अपील

खबर सार :-

बुजुर्गों की सेहत व उनके सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाते हैं। आयुष मंत्रालय ने वृद्धजनों के लिए योग का महत्व बताया है।
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयुष मंत्रालय ने की योग करने की अपील

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: 'अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस' के मौके पर आयुष मंत्रालय ने बुजुर्गों के लिए स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन के महत्व पर जोर दिया है। X (पहले ट्विटर) पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए मंत्रालय ने कहा कि उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन योग, संतुलित आहार और सही देखभाल से इसे बेहतर बनाया जा सकता है।

मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में कहा, "उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक बदलाव शामिल हैं। योग, संतुलित आहार, पर्याप्त आराम और सही देखभाल के जरिए बुजुर्ग अपनी सेहत, आत्मनिर्भरता और खुशहाली बनाए रख सकते हैं।" अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हर साल 1 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन का मकसद बुजुर्गों के अधिकारों, उनकी देखभाल और समाज में उनकी भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस मौके पर आयुष मंत्रालय ने स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने (healthy aging) के लिए योग को एक अहम आधार बताया।

बुजुर्गों से योग के जरिए फिट रहने की अपील

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं। ऐसे में योग संतुलन, सेहत और खुशहाली को बढ़ावा देता है। मंत्रालय ने बुजुर्गों से योग के जरिए फिट रहने की अपील की है; हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां भी स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने में मदद करती हैं। मंत्रालय ने बताया कि नियमित योग अभ्यास के कई फायदे हैं, जैसे शरीर का लचीलापन और संतुलन बेहतर होना। यह शारीरिक आजादी बनाए रखने के साथ-साथ ताकत और चलने-फिरने की क्षमता को भी बढ़ाता है, ये ऐसी चीजें हैं जो बुजुर्गों के लिए अपने रोजमर्रा के काम खुद करने के लिए बहुत जरूरी हैं।

मानसिक खुशहाली में भी योगदान देता है योग

शरीर और मन दोनों का पोषण करना उतना ही जरूरी है। संतुलित मात्रा में पौष्टिक भोजन करना और शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने से ताकत बनी रहती है, स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने में मदद मिलती है और पोषण की कमी नहीं होती। मंत्रालय ने इस बात पर भी जोर दिया कि सेहत समग्र होती है; योग न केवल शारीरिक सेहत में, बल्कि मानसिक और सामाजिक खुशहाली में भी योगदान देता है।

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संतुलन बनाने के में भी सहायक है योग

उम्र बढ़ने के साथ गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है। जरा सी असावधानी या शरीर का संतुलन बिगड़ने से बुजुर्गों को गंभीर चोट लग सकती है। ऐसे में योग आसन एक सुरक्षित और असरदार उपाय साबित होते हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित योग अभ्यास से बुजुर्गों में गिरने का खतरा काफी कम हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चेतावनी दी है कि बुजुर्गों में चोट और विकलांगता का एक मुख्य कारण गिरना है। 

मांसपेशियों की कमजोरी और अकड़न होगी दूर

60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में संतुलन बिगड़ने, मांसपेशियों की कमजोरी और जोड़ों में अकड़न जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन वजहों से रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है और गिरने की संभावना बढ़ जाती है। रिसर्च से पता चलता है कि योग इन समस्याओं का एक बेहतरीन समाधान है। नियमित योग अभ्यास से शरीर के संतुलन, तालमेल और शारीरिक गतिशीलता में काफी सुधार होता है। 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों पर की गई स्टडीज के व्यवस्थित रिव्यू और मेटा-एनालिसिस से शानदार नतीजे सामने आए। जिन बुजुर्गों ने योग का अभ्यास किया, उनमें बेहतर संतुलन और गतिशीलता देखी गई, जिससे उनके गिरने का खतरा साफ तौर पर कम हो गया।

20-30 मिनट योग का अभ्यास करना फायदेमंद 

आसान योग आसन जैसे वृक्षासन (Tree Pose), ताड़ासन (Mountain Pose), भुजंगासन (Cobra Pose) और सेतु बंधासन (Bridge Pose) पैरों, कमर और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। ये आसन संतुलन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को स्थिर रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा, योग मन को शांत करता है और डर व चिंता को कम करता है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग न केवल शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाता है, बल्कि बुजुर्गों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने में भी मदद करता है। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि रोजाना सिर्फ 20-30 मिनट योग का अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है। सलाह दी जाती है कि योग की शुरुआत किसी योग इंस्ट्रक्टर की देखरेख में की जाए, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से कोई बीमारी है।

FAQ

1- अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कब मनाया जाता है?

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हर साल 1 अक्टूबर को मनाया जाता है।

2- अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाने का क्या महत्व है?

बुजुर्गों के अधिकारों, उनकी देखभाल और समाज में उनकी भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है।

3- अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई?

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 14 दिसंबर, 1990 को 'अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस' मनाए जाने का निर्णय लिया था और इसे पहली बार 1 अक्टूबर, 1991 को मनाया गया था।

4- बुजुर्गों के लिए योग का क्या महत्व है?

आयुष मंत्रालय के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं। ऐसे में योग संतुलन, सेहत और खुशहाली को बढ़ावा देता है। मंत्रालय ने बुजुर्गों से योग के जरिए फिट रहने की अपील की है। 

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