सावधान, परखकर ही खरीदें राखी की मिठाई, दुकान में मिला 10 क्वींटल बीमारू छेना

खबर सार :-

रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनें अपनी भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं। वह दुकानों से मिठाई खरीद कर भाइयों को खिलाती हैं। दूसरी तरफ इसी मिठाई में दुकान वाले बेहद नुकसानदायक पदार्थ की मिलावट कर रहे हैं।
छापे में मिली मिलावट की मिठाई, रक्षाबंधन में खपाने की थी तैयारी

खबर विस्तार : -

गाजियाबाद:  शहर की एक दुकान में बड़े पैमाने पर मिलावट वाली मिठाई पाई गई है। प्रशासन ने इसे नष्ट करा दिया है, लेकिन सवाल यह है कि किस दुकान में बिना मिलावट की गुणवत्तापूर्ण शुद्ध मिठाई मिल रही है? त्योहारों के मौके पर सोमवार की शाम क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर में एक दुकान से 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला नष्ट कराया गया है।

रोशन जैकब के निर्देश पर अभियान

खाद्य विभाग की टीम ने सचिन छेना स्टोर पर छापा मारा था। इस टीम के लिए उच्च अधिकारियों से निर्देश मिले थे कि वह मिठाई की जांच पड़ताल करते रहें। खाद्य विभाग के अधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉक्टर रोशन जैकब के  निर्देश पर एक अभियान चलाया है। इसमें रक्षाबंधन के मौके पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। अब इन अधिकारियों के पास यह अच्छा अवसर भी है, जिसमें मिठाई में बड़े पैमाने पर मिलावट की जाती है। इन दुकानदारों को शिकंजे में लाया जा सकता है। अधिकारियों को शिकायत मिली थी की एक दुकान में छेना पनीर समेत कई खाद्य पदार्थ में मिलावट की जा रही है। 

पनीर सफेद करने की तरकीब थी

इस दौरान टीम मौके पर पहुंची और रसगुल्ला, अरारोट, पनीर के चार नमूने लिए। वहीं पर से सेफोलाइट में सोडियम फॉरमेल्डिहाइड सल्फ़ॉक्सिमेट नाम का के केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस केमिकल के बारे में जानकारी की गई तो पता चला है कि यह ब्लीचिंग और प्रिजर्वेटिव के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस दुकान में तैयार की जाने वाली सभी वस्तुओं में कुछ ना कुछ ऐसी ही चीज मिलाई जा रही थी।

मिठाई के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं केमिकल और अन्य संदिग्ध वस्तुओं का भी सैंपल लिया गया है। दुकान में पनीर को मैच करके स्टार्च मिलकर उसको सफेद करने के लिए सोडियम फोरमेल्डिहाइड सल्फोक्सिमेट नाम के केमिकल का उपयोग इनके द्वारा होता रहा है। इसका काम प्रिजर्वेटिव के साथ ब्लीचिंग का काम करना होता है। 

सचिन छेना स्टोर में मिलीं संदिग्ध वस्तुएं

अधिकारियों ने मौके पर मिली मिठाई को नष्ट कर दिया है। वहीं कानूनी कार्रवाई के अंतर्गत दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया का भी आश्वासन दिया है। हालांकि, यह गंभीर सवाल है की दुकान में संदिग्ध वस्तुएं, मिलावट की मिठाई मिल रही है तो अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की? दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया पर वह विचार क्यों करेंगे? उन्हें तत्काल ही फैसला लेना था।

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भीम नगर स्थित सचिन छेना स्टोर पर जब छापा डाला गया तो यहां पर सर्वोदय नगर निवासी उदय सिंह की यह दुकान बताई गई। छेना बड़े पैमाने पर तैयार हो चुका था। शुरुआत में ही अधिकारियों ने कह दिया कि यह गुणवत्तापूर्ण नहीं है। इस आधार पर 10 क्विंटल रसगुल्ला नष्ट कर दिया गया है। अधिकारियों को यह यकीन था कि यदि मिठाई रुक जाएगी तो वहीं से बेच लेगा। 

मिठाई पर संक्रमण की थी आशंका

इसी दौरान दुकान पर बनाया गया रसगुल्ला के सैंपल भी लिए गए। इन सैंपल को लैब में भेजा जाएगा। नोएडा की खाद्य विभाग टीम ने सरफाबाद सेक्टर 72 स्थित रसगुल्ला निर्माण शाला में छापा डाला। इस मिठाई में संक्रमण की पूरी आशंका थी, क्योंकि मिठाई खुली हुई थी और इसमें मच्छर मक्खी बैठे हुए थे। अधिकारियों ने मौके पर एक कुंटल रसगुल्ला नष्ट कर दिया।

पनीर और मावा  के सैंपल लिए गए

टीम ने साथ खाद्य नमूने लेकर जांच के लिए भेजा है। इन नमूनों के साथ पनीर मावा खोवा आदि के भी सैंपल लिए गए हैं। बता दे की चार दिन पहले ही मोदीनगर के पास भोजपुरी में भी एक दुकान पर टीम ने छापा मारा था। इस दौरान बड़ी मात्रा में पनीर मावा एवं कई और खाद्य सामग्री मिली थी। दुकान के बारे में अधिकारियों तक शिकायत भी पहुंचाई गई थी। 

छेना, मावा, केक और घेवर में मिलावट  

इलाके में छेना मावा केक और घेवर में मिलावट की जा रही है। रक्षाबंधन के मौके पर इसे खपाए जाने की पूरी तैयारी थी, इसी आधार पर खाद्य विभाग की टीम ने अभियान चलाने का निर्णय किया त्योहारों को देखते हुए गाजियाबाद रविंद्र कुमार मांदड न खाने-पीने की वस्तुओं को जांच करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत में लेकर जांच और संदिग्ध खाद्य वस्तुओं के सैंपल लेने की आदेश दिए हैं। त्वरित एक्शन का नतीजा भी देखा जा रहा है। खाद्य विभाग की अधिकारियों के मुताबिक सैंपल की रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित फार्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इनका लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।

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