Anurag Dhankar: त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस मुख्यालय में मिला शव

खबर सार :-

Tripura DGP Anurag Dhankar: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ का शव राज्य पुलिस मुख्यालय में मिलने से सनसनी फैल गई है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह सर्विस पिस्तौल से की गई आत्महत्या का मामला है।
Anurag Dhankar: त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस मुख्यालय में मिला शव

खबर विस्तार : -

Tripura DGP Anurag Dhankar: त्रिपुरा से पुलिस महकमे को हिला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार को त्रिपुरा पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ राज्य पुलिस मुख्यालय में अपने बाथरूम में संदिग्ध हालात में मृत पाए गए। खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आशंका है कि उन्होंने आत्महत्या की है। फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि, अनुराग धनखड़ ने यह कठोर कदम क्यों उठाया, इस बारे में अभी भी रहस्य बना हुआ है। उनकी मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगी।

क्या बोले डॉक्टर

डॉ. प्रदीप के अनुसार, अनुराग धनखड़ को 20 जुलाई को दोपहर करीब 12:00 बजे अस्पताल लाया गया था। उनकी नब्ज़ नहीं चल रही थी, इसलिए उन्हें CPR दिया गया। जब उन्हें होश नहीं आया, तो दोपहर 12:48 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि शरीर पर बाहर से चोट का कोई निशान नहीं दिख रहा है, लेकिन मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगी। पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है।

यूपी के बागपत जिले रहने वाले थे अनुराग धनखड़

बता दें कि डीजीपी अनुराग धनखड़ 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले थे। उन्होंने पिछले साल 17 मई को राज्य के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) का पद संभाला था। उन्होंने 1988-बैच के IPS अधिकारी अमिताभ रंजन की जगह ली थी। डीजीपी बनने से पहले, अनुराग ने त्रिपुरा में डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (इंटेलिजेंस) के तौर पर काम किया था। अनुराग धनखड़ ने त्रिपुरा में कई अहम पदों पर काम किया।

मैसूर के सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट से फूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट अनुराग के पास उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री भी थी। इसके अलावा, उन्होंने हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से साइबर क्राइम में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया था। डीजीपी अनुराग धनखड़ को त्रिपुरा में पुलिसिंग का काफी अनुभव था, क्योंकि उन्होंने 1995 से 2003 तक वहां काम किया था।

1984 के सिख दंगों की जांच में भी थे शामिल 

त्रिपुरा में अपने कार्यकाल के दौरान, अनुराग ने लॉन्गथराई वैली के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर और तत्कालीन अविभाजित पश्चिम त्रिपुरा और दक्षिण त्रिपुरा जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के तौर पर काम किया। Anurag Dhankar स्पेशल ब्रांच के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) और असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल (AIG) (मुख्यालय) के पदों पर भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने सीबीआई में पुलिस अधीक्षक (SP) और बाद में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) के तौर पर काम किया। इतना ही नहीं  अनुराग ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के प्रमुख के तौर पर भी काम किया।

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