अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दोहरे मौसमी खतरे, केरल से आंध्र तक अलर्ट
खबर सार :-
अरब सागर में बना डिप्रेशन और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में तेज बारिश और हवाओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः देश के समुद्री सीमांत इलाकों में मौसम की दो गंभीर प्रणालियां सक्रिय हो चुकी हैं, जिससे आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा और तेज हवाओं का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को जारी अपने बुलेटिन में बताया कि एक ओर अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में डिप्रेशन सक्रिय हो गया है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र बना है जो तेजी से डिप्रेशन का रूप ले सकता है।
अरब सागर में बना डिप्रेशन
दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में बने इस डिप्रेशन की स्थिति बुधवार सुबह तक अमिनीदीवी (लक्षद्वीप) से लगभग 630 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम और गोवा की राजधानी पणजी से करीब 1,020 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित थी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रणाली अगले 24 घंटों में उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगी। इससे प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में लक्षद्वीप, केरल और तटीय कर्नाटक भी शामिल हैं, जहां आगामी दिनों में तेज हवाओं के साथ वर्षा होने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरों के चलते मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की कड़ी चेतावनी जारी की गई है। तटीय इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
बंगाल की खाड़ी में नया खतरा
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में भी एक नई मौसमी प्रणाली ने जन्म लिया है। यह निम्न दबाव क्षेत्र बुधवार सुबह तक तमिलनाडु के नजदीकी समुद्री क्षेत्र में केंद्रित पाया गया। यह सिस्टम उत्तर श्रीलंका तट के पास बना था और धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। आईएमडी के अनुसार, यह निम्न दबाव क्षेत्र आगामी 12 घंटों में और सघन होकर डिप्रेशन का रूप ले सकता है। इसके बाद अगले 12 घंटों में इसके उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों को पार करने की संभावना है। इससे इन इलाकों में मूसलधार बारिश, आंधी-तूफान और जलभराव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने इन तटीय राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा है और विशेष रूप से मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है। साथ ही, राज्य प्रशासन को आपात प्रबंधन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। देश के दोनों प्रमुख समुद्री मोर्चों पर मौसमी गतिविधियों के तेज़ होने से दक्षिण भारत के कई तटीय जिलों में मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
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