सात समंदर पार भाइयों तक पहुंच रहीं राखियां, भारतीय डाक ने 25 दिनों में भेजे 10 हजार से ज्यादा पार्सल

खबर सार :-

रक्षाबंधन पर भारतीय डाक उन हजारों बहनों का भरोसा बन चुका है, जिनके भाई देश के बाहर रहते हैं। अब तक 25 दिनों में 10 हजार से ज्यादा राखियां 100 से अधिक देशों में भेजी जा चुकी हैं।
रक्षाबंधन पर सूरत से 100 देशों में भेजी गईं 10,600 से ज्यादा राखियां

खबर विस्तार : -

सूरत: रक्षाबंधन भाई-बहनों के बीच प्यार, भरोसे और सुरक्षा के अटूट बंधन का त्योहार है। भले ही नौकरी, पढ़ाई और काम-काज की वजह से भाई-बहन एक-दूसरे से हजारों किलोमीटर दूर हो गए हों, लेकिन भारतीय डाक विभाग राखियां पहुंचाकर उनके बीच के प्यार भरे रिश्ते को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

पिछले 25 दिनों में, सूरत से 100 से ज्यादा देशों में 10,600 से ज्यादा राखी कवर और पार्सल भेजे गए हैं। वहीं, अब तक गुजरात से विदेशों में 76,000 से ज्यादा राखी पार्सल भेजे जा चुके हैं। राखी शिपमेंट की सबसे ज्यादा संख्या USA, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और UK के लिए है। इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट सर्विस और स्पीड पोस्ट जैसी सेवाओं के जरिए, बहनें विदेशों में रहने वाले अपने भाइयों को न सिर्फ राखियां, बल्कि अपना प्यार, शुभकामनाएं और आशीर्वाद भी भेज रही हैं।

ऑनलाइन ट्रैकिंग तक की सुविधाएं

राखी की सुरक्षित डिलीवरी पक्की करने के लिए, डाक विभाग ने खास वॉटरप्रूफ राखी कवर, WhatsApp-आधारित पिकअप, खुद से बुकिंग करने के विकल्प और ऑनलाइन स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं शुरू की हैं। रियल-टाइम ट्रैकिंग से भेजने वाला अपने पार्सल की स्थिति पर नजर रख सकता है। पिछले 14 सालों से सूरत में रह रहीं शिवांगी सिंह हर साल इंडिया पोस्ट के जरिए अपने भाई को राखी भेजती हैं। उन्होंने बताया कि इस साल उन्होंने जो राखी भेजी, वह सिर्फ तीन दिनों में उनके भाई तक पहुंच गई।

भावनात्मक पुल बन गई है डाक सेवा

भारतीय डाक विभाग की यह सेवा सिर्फ डिलीवरी का जरिया नहीं है; यह एक भावनात्मक पुल बन गई है जो सीमाओं और महासागरों को पार करके बहन का प्यार, स्नेह और आशीर्वाद भाई की कलाई तक पहुंचाती है। सूरत के SVR कॉलेज पोस्ट ऑफिस में पोस्टल असिस्टेंट स्नेहल पटेल ने बताया कि विदेशों में भाइयों को राखी भेजने वाले लोगों के लिए भारतीय डाक सेवा पहली पसंद बनी हुई है। कई बहनें राखी के साथ तोहफे और दिल से लिखे संदेश भी भेजती हैं।

बाॅर्डर पर भाइयों के लिए भेजी राखियां

'एक राखी देश के जवानों के नाम' कैंपेन के तहत, गुजरात की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बॉर्डर पर तैनात सैनिकों के लिए राखियां भेजीं। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. मनीषाबेन वकील की मौजूदगी में तैनात सैनिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों को 'राखी कलश' (राखियों से भरे खास बर्तन) सौंपे गए। रक्षा बंधन के शुभ त्योहार पर देश की सीमाओं पर दिन-रात सेवा करने वाले बहादुर सैनिकों के प्रति सम्मान, आभार और स्नेह जताने के लिए, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा के प्रतीक के तौर पर 4.50 लाख राखियां भेजीं। पिछले तीन सालों से, गुजरात 'एक राखी देश के जवानों के नाम' कैंपेन के तहत यह सराहनीय पहल कर रहा है, ताकि इन सैनिकों को भरोसा दिलाया जा सके कि उनकी माताएं और बहनें उनके साथ खड़ी हैं।

देशभक्ति की भावना का संचार

इन राखियों के जरिए, गुजरात की बहनों ने भाई-बहन के प्यार के त्योहार में देशभक्ति की भावना का संचार किया है और बहादुर सैनिकों को सुरक्षा का एक प्रतीकात्मक कवच प्रदान किया है। इन पवित्र धागों को सेना, BSF और CRPF के जवान पहन रहे हैं और गांधीनगर में तैनात NDRF के जवानों ने भी इन्हें स्वीकार किया है। इस मौके पर मौजूद गणमान्य लोगों में महिला एवं बाल विकास सचिव राकेश शंकर, महिला एवं बाल विकास आयुक्त डॉ. रंजीत कुमार सिंह, महिला एवं बाल कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, BSF, CRPF और NDRF के जवान और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल थे।

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