दिल्ली में स्वाइन फ्लू को लेकर स्कूलों के लिए एडवाइजरी, मास्क और साफ-सफाई पर जोर
खबर सार :-
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की। छात्रों और स्टाफ को मास्क, हाथ धोने, साफ-सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने मंगलवार को सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को छात्रों और स्टाफ के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सांस से जुड़ी स्वच्छता और व्यक्तिगत साफ-सफाई की आदतों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सावधानी और जागरूकता के साथ संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाएं।
एडवाइजरी में कहा गया है कि मौजूदा स्थिति को लेकर अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन समय पर जानकारी हासिल करना और जिम्मेदारी के साथ बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है। खासकर स्कूल जैसे वातावरण में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए छात्रों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानियों के बारे में लगातार जागरूक करने की आवश्यकता बताई गई है।
'हेल्दी स्कूल-हेल्दी कम्युनिटी' पर जोर
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को 'हेल्दी स्कूल-हेल्दी कम्युनिटी' की अवधारणा अपनाने को कहा है। इसके तहत सांस से जुड़ी स्वच्छता और हाथों की साफ-सफाई को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों और स्टाफ को खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकने, इस्तेमाल किए गए टिश्यू को उचित तरीके से फेंकने तथा नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। खास तौर पर खाना खाने से पहले और खांसने या छींकने के बाद हाथों की अच्छी तरह सफाई करने पर जोर दिया गया है। स्कूलों से कहा गया है कि वे इन आदतों को केवल एडवाइजरी तक सीमित न रखें, बल्कि रोजमर्रा की स्कूल गतिविधियों का हिस्सा बनाएं।
लक्षण वाले लोगों से उचित दूरी की सलाह
एडवाइजरी में स्कूलों को सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण वाले लोगों से उचित दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि संक्रमण के फैलाव की संभावना को कम किया जा सके। जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई है। इसके अलावा, स्कूलों को क्लासरूम, कॉमन एरिया और बार-बार छुई जाने वाली सतहों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां संभव हो, वहां पर्याप्त हवा और रोशनी की व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। स्कूल परिसर और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के खिलाफ भी छात्रों और स्टाफ के बीच जागरूकता फैलाने को कहा गया है।
पर्याप्त पानी, पौष्टिक भोजन और आराम जरूरी
शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को छात्रों और कर्मचारियों के बीच पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और पर्याप्त आराम करने की आदत को बढ़ावा देने की सलाह दी है। सामान्य व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। स्टाफ को संक्रमण के संभावित जोखिम को कम करने के लिए अपनी आंखों, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने की सलाह दी गई है। निदेशालय ने दवाओं के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी के मुताबिक, डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स या अन्य दवाएं नहीं लेनी चाहिए।
स्कूलों में एडवाइजरी का व्यापक प्रचार
डीओई ने स्कूलों से कहा है कि वे एडवाइजरी में दिए गए दिशा-निर्देशों की जानकारी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाएं। इसके लिए सुबह की असेंबली, क्लासरूम में बातचीत, नोटिस बोर्ड, अभिभावकों के साथ संवाद और स्कूल के डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने को कहा गया है। शिक्षा निदेशालय ने सभी डीडीई (जिले/जोन) को भी एडवाइजरी के पालन की निगरानी करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित स्कूलों में जरूरी सावधानियां अपनाई जा रही हैं। इसके साथ ही अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट 31 अगस्त तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
इस बीच पत्रकारों से बातचीत में दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि देश या दिल्ली में फिलहाल ऐसी कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है। हालांकि, उन्होंने इलाज से बेहतर बचाव को बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। आशीष सूद ने कहा कि एडवाइजरी में छोटे बच्चों और स्कूली छात्रों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ धोने, स्कूल और क्लासरूम की सफाई तथा व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि साल के इस समय मौसमी बीमारियां सामने आती हैं, इसलिए लोगों को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली सरकार और शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकना और छात्रों तथा स्टाफ के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थिति पर नजर बनाए रखें और जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाएं।
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