काजीकोरैया-राघोपुर बांध ध्वस्त, एक हजार से अधिक घर डूबे, 5 हजार की आबादी प्रभावित

खबर सार :-

काजीकोरैया-राघोपुर बांध ध्वस्त होने से एक हजार से अधिक घर डूब गए हैं। यहां की 5 हजार की आबादी प्रभावित है।
भागलपुर में बाढ़ का कहर, 1000 घर पानी में डूबे, संकट में पांच हजार लोग

खबर विस्तार : -

भागलपुरः  बिहार के भागलपुर में बाढ़ ने कहर ढहाना शुरू कर दिया है। जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर-शंकरपुर (काजीकोरैया) मुख्य जमींदारी बांध (मार्जिनल बांध) का एक हिस्सा टूटकर बिखर गया है। इसके से पूरे इलाके के लिए बड़ी मुसीबत उत्पन्न हो गई है।

बांध टूटने के कारण कई गांवों के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। अकेले राघोपुर गांव की करीब पांच हजार से अधिक आबादी के सामने फिलहाल घर होने का संकट गहरा गया है। राघोपुर में बांध टूटते ही पानी गांव की तरफ तेजी से भागने लगा। इस पानी ने 1000 से अधिक घरों को अपनी चपेट में ले लिया। अभी तक घरों का पानी कम नहीं हुआ है। 

वर्ष 2008 में आई थी प्रलयंकारी बाढ़

रात में लोगों के सोते समय बांध टूट गया था। अचानक घरों में घुस रहे पानी को देखकर लोग घबरा गए और घर छोड़कर बाहर भागने लगे। बाढ़ और बांध टूटने को लेकर लोगों में वर्ष 2008 का प्रलयंकारी खौफ देखा जा रहा है। गंगा में बाढ़ की हालत यह है कि इसके किनारे दूर तक डूबे हुए हैं। पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और नवगछिया शहर तथा निचले रिहायशी तथा कृषि इलाकों की ओर पहुंच रहा है। खरीक प्रखंड के राघोपुर, लोकमानपुर, उस्मानपुर, शंकरपुर और तुलसीपुर की हालत काफी खराब है। इनके अलावा कई और गांवों के जलमग्न होने का भी भय बना हुआ है। चारों ओर पानी भरा है। दूर-दूर तक किसानों के खेत दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। पानी होने के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।

वैकल्पिक व्यवस्था तेज कर दी

बाढ़ के दौरान लोगों तक इंतजाम पहुंचाने के लिए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, नवगछिया के एसडीओ, आपदा प्रबंधन विभाग के अपर समाहर्ता और पुलिस की टीम शंकरपुर स्थित घटनास्थल पर पहुंची थी। अधिकारियों ने हालात से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तेज कर दी हैं। हालात से निपटने के लिए तकनीकी टीम वहां कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

डीएम ने दिए हैं सख्त निर्देश

इस संबंध में सरकार की ओर से भी निर्देशों दिए गए हैं। इनके आधार पर प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद कर दिया है। पानी के बीच फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पहुंचाने के प्रयास हो रहे हैं। साथ ही राहत शिविरों में भी भेजा जा रहा है। परेशानी को देखते हुए डीएम की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है।

अफवाह फैलाने पर होगी कार्रवाई 

बाढ प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से धैर्य बनाए रखने को कहा गया है। ऐसे मौकों पर लोग ज्यादा बातें करने लगते हैं, इसलिए इसके साथ ही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। बाढ़ का पानी रोकने एवं गांवों की ओर न बढ़े, इसके लिए प्रयास चल रहे हैं। बाढ़ से बचाव के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही हैं। इसके लिए प्रशासन ने बांध के दोनों किनारों को सुरक्षित करने की योजना बनाई है। टूटे हुए हिस्से पर रिंग बांध बनाया जाएगा। मौके पर पहुंची टीम ने काम शुरू भी कर दिया है।

हजारों की संख्या में भरे जाएंगे सैंड बैग

जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख वरुण कुमार अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर हैं। पानी बड़े पैमाने पर है। इस कारण कटाव बढ़ सकता है। इसको रोकने के लिए करीब 250 लाख सैंडबैग लगेंगे। इसमें जियो बैग की व्यवस्था की गई है। इससे पानी को रोकने में मदद मिलेगी। 20 नाव और 16 ट्रैक्टर भी मौके पर लगा दिए गए हैं। जहां जरूरत पड़ेगी, बाल, ईंट, पत्थर और मिट्टी इनके जरिए पहुंचाया जाएगा। तीन जेसीबी मशीनें चौबीसों घंटे काम में लगाई गई हैं। यह मामला बेहद गंभीर है। इसी के कारण तकनीकी विशेषज्ञों की भी जरूरत महसूस की जा रही है। पटना से भी एक विशेष तकनीकी टीम निगरानी के लिए पहुंच रही है।

सीएम ने कहा, बनाकर चलें तालमेल

उधर, गंगा नदी का पानी इस क्षेत्र में बढ़ा हुआ है। इसके जलस्तर के दबाव को कम किया जा सके, इसके लिए बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने फरक्का बैराज के महाप्रबंधक को एक पत्र लिखा है। उनसे अनुरोध किया गया है कि पानी को तुरंत छोड़ने में मदद करें। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उच्च अधिकारियों से संपर्क किया है। उन्होंने हालात से निपटने के लिए निर्देश दिए हैं। उनके निर्देषों के बाद लोगों की परेशानियों को देखते हुए किसी भी हालत में वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों के साथ तालमेल बनाने के लिए कहा है। 

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