AIAPGET परीक्षा के दौरान जयपुर में बिजली गुल, अभ्यर्थी नहीं दे सके पूरा पेपर, हंगामा
खबर सार :-
जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज में AIAPGET परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने से 49 अभ्यर्थी पेपर पूरा नहीं कर सके। NTA ने 1 सितंबर को री-एग्जाम कराने का फैसला किया।
खबर विस्तार : -
जयपुरः राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से शनिवार को अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा (AIAPGET) का आयोजन देशभर के 200 निर्धारित केंद्रों पर किया गया। परीक्षा की पहली शिफ्ट में कुल 36,979 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 35,837 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए और 35,788 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी हो गई। हालांकि जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बिजली की समस्या के कारण 49 उम्मीदवार अपना पेपर पूरा नहीं कर सके।
परीक्षा केंद्र पर बिजली जाने के बाद अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक ऑनलाइन मोड में आयोजित होनी थी। अभ्यर्थियों को कंप्यूटर पर परीक्षा देनी थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद ही बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
जनरेटर में डीजल नहीं होने से बढ़ी परेशानी
बिजली गुल होने के बाद परीक्षा केंद्र पर जनरेटर चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसमें डीजल नहीं था। इसके बाद दूसरा जनरेटर मंगवाया गया, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह भी शुरू नहीं हो सका। स्थिति को संभालने के लिए तीसरा जनरेटर भी मंगाया गया, लेकिन उससे भी तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। अभ्यर्थियों के अनुसार करीब दोपहर 12 बजे बिजली वापस आई। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर हंगामा शुरू हो गया। बिजली की समस्या के कारण कई उम्मीदवारों की ऑनलाइन परीक्षा बाधित हुई और उन्हें पेपर पूरा करने का अवसर नहीं मिल सका।
परीक्षा में गड़बड़ी के भी आरोप
बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए। कुछ उम्मीदवारों ने परीक्षा के दौरान नकल और गड़बड़ी के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही से पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। हंगामे के बीच केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर भी अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई। कुछ अभ्यर्थियों का आरोप था कि कॉलेज प्रबंधन ने अंदर से गेट बंद कर दिया था और किसी को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा था। बाद में पुलिस के पहुंचने के बाद गेट खोले जाने की बात कही गई।
49 अभ्यर्थियों की परीक्षा दोबारा होगी
घटना के बाद एनटीए ने प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। एनटीए की ओर से बताया गया कि श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज केंद्र पर परीक्षा में शामिल हुए 192 उम्मीदवारों में से 49 उम्मीदवार बिजली चले जाने के कारण अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इन 49 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे आयोजित की जाएगी। री-एग्जाम के लिए परीक्षा केंद्र राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वुमेन, जयपुर निर्धारित किया गया है। एनटीए ने प्रभावित उम्मीदवारों को हुई असुविधा पर खेद जताया है। साथ ही बताया गया है कि जिन उम्मीदवारों की परीक्षा अधूरी रह गई है, उनके लिए संशोधित एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। संशोधित एडमिट कार्ड और इससे संबंधित आगे की जानकारी एनटीए की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
36,979 उम्मीदवारों ने कराया था रजिस्ट्रेशन
AIAPGET की पहली शिफ्ट में देशभर से 36,979 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। निर्धारित 200 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इनमें से 35,837 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 35,788 उम्मीदवारों की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई। जयपुर के परीक्षा केंद्र की घटना को छोड़कर अन्य केंद्रों पर परीक्षा प्रक्रिया पूरी कराई गई। जयपुर में बिजली आपूर्ति की समस्या के कारण प्रभावित हुए 49 अभ्यर्थियों को अब पुनर्परीक्षा में शामिल होना होगा।
आयुष पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होती है परीक्षा
अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा यानी AIAPGET राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी में एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। जयपुर परीक्षा केंद्र पर बिजली की समस्या के कारण प्रभावित हुए उम्मीदवारों को अब 1 सितंबर को दोबारा परीक्षा देनी होगी। हालांकि परीक्षा केंद्र पर हुई अव्यवस्था और लगाए गए गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी बनी हुई है। एनटीए के री-एग्जाम के फैसले से उन 49 उम्मीदवारों को राहत मिली है, जो तकनीकी समस्या के कारण शनिवार को अपना पेपर पूरा नहीं कर सके।
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