SIR के खिलाफ दिल्ली में INDIA गठबंधन का जोरदार प्रदर्शन, आकाशवाणी में घुसे नेता, धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका

खबर सार :-

India Alliance Protest: इंडिया ब्लॉक के 140 से ज़्यादा सांसद ने इलेक्शन कमीशन और SIR के खिलाफ पार्लियामेंट हाउस से चुनाव सदन तक प्रोटेस्ट मार्च निकाला है। दिल्ली पुलिस ने सिक्योरिटी कड़ी कर दी है, और 3,000 से ज़्यादा पुलिसवालों को तैनात किया गया है।
SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन का जोरदार प्रदर्शन, धरने पर बैठ राहुल-प्रियंका

खबर विस्तार : -

India Alliance Protest: राजधानी दिल्ली में इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) का मुख्य चुनाव अयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और  स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ संसद से निर्वाचन सदन तक जोरदार मार्च निकाला गया है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों समेत विपक्षी गठबंधन के कई सांसदों ने मार्च में शामिल है। इस दौरान  राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन समेत इंडिया ब्लॉक के तमाम नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है।

धरने पर बैठ के राहुल-प्रियंका गांधी

उधर पुलिस ने राहुल गांधी को आकाशवाणी भवन में घुसते समय रोक दिया गया। राहुल गांधी आकाशवाणी भवन के रास्ते इलेक्शन कमीशन ऑफिस जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल इलेक्शन कमीशन से करीब 200 मीटर दूर पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। राहुल वहां तक जाने देने की मांग कर रहे हैं।

पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया 

कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी आकाशवाणी भवन गेट के बाहर पहुंच गए। NSUI और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी आकाशवाणी भवन के बाहर पहुंच गए। पुलिस ने ऑल इंडिया रेडियो में बिना इजाजत घुसने के लिए कुछ NSUI कार्यकर्ताओं हिरासत में लिया है। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। दरअसल दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पिछले गेट की ओर जाने वाली लेन पर बैरिकेड्स लगा दिए हैं, जिससे इलेक्शन हाउस का रास्ता ब्लॉक हो गया है। पिछले गेट पर लगे बैरिकेड्स और आगे की लेन पर पुलिस तैनात है। इंडिया गठबंधन के नेता यहां पर प्रदर्शन कर रहें हैं।

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विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल

दरअसल चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पिछले पांच दिनों में सातवां प्रदर्शन है। विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और वोटरों के हितों के खिलाफ बताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह एक लड़ाई है और विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है और यह मुद्दा जारी रहेगा। BJP MP संबित पात्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर रिएक्शन देते हुए उन्होंने कहा कि उनका टाइम खत्म हो गया है और अपोज़िशन उनके बयानों पर ध्यान नहीं देना चाहता। कांग्रेस MP पवन खेड़ा ने कहा, "उन्हें हमें रोकने दो। आप इस देश को कब तक रोकोगे? अपोजिशन की वजह से पूरा देश सड़कों पर है। आप इस देश को नहीं रोक सकते। अंग्रेजों ने कोशिश की, लेकिन वे चले गए। जो आज कोशिश कर रहे हैं, वे भी चले जाएंगे। हम ज्ञानेश पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन BJP जवाब दे रही है। दोनों के बीच क्या रिश्ता है?"

अखिलेश ने की ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल में घपला करके बीजेपी की जीत हुई। अखिलेश ने इलेक्शन कमीशन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पर पहले भी चुनावों में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं। 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव आयोग के रोल पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। 

उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र करते हुए कहा कि इसे भुलाया नहीं जा सकता। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने विपक्ष की मुख्य मांगों को साफ करते हुए कहा कि तीन हैं: पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। दूसरी, SIR प्रोसेस खत्म किया जाना चाहिए, और तीसरी, चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए।

कार्ति चिदंबरम ने भी साधा निशाना

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने SIR प्रोसेस पर कानूनी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरा प्रोसेस गैर-संवैधानिक है और उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इलेक्शन कमीशन में जरूरी फैसले तीनों इलेक्शन कमिश्नरों की आम सहमति या बहुमत से होने चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर एकतरफा फैसले ले रहे हैं। कार्ति चिदंबरम ने आरोप लगाया कि SIR प्रोसेस का मकसद वोटरों को जोड़ना नहीं बल्कि उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर करना है। 

उन्होंने फॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें पूछे गए कुछ सवाल इलेक्शन कमीशन के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। कांग्रेस MP अमर सिंह ने कहा, "उन्होंने अब इसे पब्लिक कर दिया है। देखिए, सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा है कि हमने Form 6 में बदलावों को मंज़ूरी नहीं दी थी। इसलिए, झूठ बोलकर उन्होंने 130 मिलियन लोगों के नाम हटा दिए हैं। और उन्होंने कई जगहों पर BJP की जीत का रास्ता बनाया है। इसलिए, हम चाहते हैं कि वे इस्तीफ़ा दें और पद छोड़ दें।"

FAQ:

1. सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर क्या फैसला सुनाया?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने या उनकी शक्तियां वापस लेने की मांग पर तत्काल अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।

2. सुप्रीम कोर्ट ने किन पक्षों को जारी किया नोटिस ?

अदालत ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू तथा विवेक जोशी को नोटिस जारी किया है।

3. एसआईआर क्या है?

SIR यानी Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण) मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूची में नामों और पात्रता से जुड़ी जानकारी की विस्तृत जांच की जाती है।

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