विपक्षी सांसद आज चुनाव आयोग कार्यालय तक निकालेंगे मार्च
खबर सार :-
आज निर्वाचन आयोग के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के आवाहन पर सभी दलों के लोगों को मार्च में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। यह विरोध प्रदर्शन और मार्च जंतर-मंतर, संसद भवन और निर्वाचन कार्यालय के आसपास हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को दुरूस्त कर दिया है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली, देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसकी मांग का समर्थन कई राजनीतिक दल कर रहे हैं। मतदाता सूची में गड़बड़ी व वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल रखा है। इसी विरोध को जताने के लिए पार्टी ने देशभर में व्यापक प्रदर्शन की तैयारी में है।
निर्वाचन सदन तक मार्च निकालेंगे सांसद
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को बताया था कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों और प्रभारियों की बैठक हुई है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली थी और इसमें आंदोलन की रणनीति पर मंथन किया गया था। इस मंथन में लिए गए निर्णय के अनुसार, 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी विपक्षी पार्टियों के सांसद पार्लियामेंट हाउस से निर्वाचन सदन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।
सभी सांसदों को सुबह 10ः30 बजे मकर द्वार पर इकट्ठा होने के लिए कहा गया था। इस आंदोलन के लिए पार्टी ने पहले ही चेता दिया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। उनके इस आवाहन पर सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से नई दिल्ली में व्यापक तैयारियां की हैं। इसके अंतर्गत जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विपक्ष के इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में कई दलों के नेता पहुंच सकते हैं।
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विपक्ष के लोगों को शामिल होने के लिए कहा
इसलिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से सरकार और पुलिस के सामन्जस्य पर जंतर-मंतर की ओर आने-जाने वाले लोगों पर बराबर ध्यान रखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस आंदोलन या मार्च में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो सकते हैं। सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विपक्ष के ज्यादातर लोग इस आंदोलन से कन्नी चाट चुके हैं। फिर भी कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। ज्यादा समर्थन में लोगों को बुलाया गया है।
इसलिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। वाहनों का प्रवेश रोका गया है। प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर पुलिस बैरिकेडिंग की गई है। कई स्थान यहां पर संवेदनशील माने गए हैं। यहां पर जंतर मंतर प्रुमुख स्थान है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था के तहत जंतर-मंतर के आसपास संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। खुद कई पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों पर नजर बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। जंतर-मंतर और उसके आसपास भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू की गई है। विपक्ष की ओर से केवल दिल्ली में ही नहीं, जिलों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे। यद्यपि यह कांग्रे का अपनी पार्टी का प्लान है। इसलिए आज के विरोध में सभी पार्टी के लोग प्रमुखता से रहेंगे? यह कह पाना मुश्किल है।
25 नवंबर तक पार्टी रैलियां आयोजित करेगी
8 अक्टूबर तक इंडी गठबंधन में शामिल सभी पार्टियों के लिए कहा गया है कि वह जिला स्तर पर वोट चोरी और सीईसी को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगी। इसके बाद 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस पार्टी बाइक रैली, साइकिल रैली और पदयात्रा करेगी। इसके साथ ही कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में आगे की रणनीति साझा किया, कहा कि 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक पार्टी राज्य, जिला और गांव स्तर पर वोट बचाओ-देश बचाओ रैलियां आयोजित करेगी।
इसके साथ और कार्यक्रम चलते रह सकते हैं। इस दौरान गांव-गांव में चौपाल लगाई जाएगी और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि देश में करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश का दावा है कि 6-7 राज्यों से पूरी जानकारी मिल चुकी है।
पार्टी की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली होगी। इसमें शामिल होने के लिए सभी विपक्षी दलों को निमंत्रण भेजा जा रहा है। इसके बाद 25-26 नवंबर को 6 अलग-अलग राज्यों से दिल्ली चलो यात्रा निकाली जाएगी और वोट बचाओ, देश बचाओ के नारे के साथ राजधानी में महाप्रदर्शन किया जाएगा।
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