नगर पालिका जीत के बाद गांवों पर कांग्रेस की नजर, 67 दावेदारों ने मांगा टिकट

खबर सार :-

शाहपुरा में नगर पालिका चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने पंचायत राज चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। पंचायत समिति सदस्य के टिकट के लिए 67 दावेदारों ने आवेदन किया।
शाहपुरा पंचायत समिति चुनाव में कांग्रेस की तैयारी, गांवों पर नजर

खबर विस्तार : -

शाहपुरा: नगर पालिका चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने अब अपना राजनीतिक फोकस ग्रामीण क्षेत्रों की ओर कर दिया है। आगामी पंचायत राज चुनाव में शाहपुरा पंचायत समिति में कांग्रेस का प्रधान बनाने के लक्ष्य के साथ रविवार को सेन छात्रावास में पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पंचायत समिति सदस्य के टिकट के लिए 67 दावेदारों ने आवेदन प्रस्तुत कर अपनी राजनीतिक दावेदारी जताई।

बैठक में दावेदारों के साथ उनके समर्थकों की मौजूदगी और नारेबाजी से पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी नजर आई। कई दावेदार अपने समर्थकों के साथ बैठक स्थल पहुंचे और अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। बैठक में पर्यवेक्षक एवं गुलाबपुरा के पूर्व पालिका अध्यक्ष चेतन पेसवानी, शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेंद्र कुमार रेगर, पालिका अध्यक्ष रमेश सेन, पूर्व प्रत्याशी राजकुमार बैरवा, शाहपुरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महावीर कुमावत और पूर्व प्रधान रामप्रसाद पारीक सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अर्पित कसेरा ने किया। इससे पहले अतिथियों का स्वागत किया गया।

पालिका की जीत को गांवों तक ले जाने की रणनीति

बैठक में नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद बने राजनीतिक माहौल को पंचायत चुनाव तक ले जाने पर जोर दिया गया। पर्यवेक्षक चेतन पेसवानी ने कहा कि पालिका चुनाव की जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हुआ है। अब इस उत्साह को ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की सहभागिता के साथ पंचायत चुनाव में बदलने की जरूरत है। पेसवानी ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता मिलकर प्रयास करें तो शाहपुरा पंचायत समिति में कांग्रेस का प्रधान बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पंचायत चुनाव के दौरान वह क्षेत्र में रहकर संगठन के लिए काम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जरूरत पड़ने पर सीधे संपर्क करने की बात कही।

67 दावेदारों ने पेश की दावेदारी

पंचायत समिति सदस्य के टिकट के लिए पार्टी संगठन के समक्ष कुल 67 आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। कई आवेदक अपने समर्थकों के साथ बैठक में पहुंचे। गांवों से आए समर्थकों ने नारेबाजी कर अपने-अपने दावेदारों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। बड़ी संख्या में आवेदन कांग्रेस के भीतर पंचायत चुनाव को लेकर सक्रियता को दर्शाते हैं। हालांकि एक-एक पंचायत समिति क्षेत्र में कई दावेदार सामने आने के बाद टिकट वितरण पार्टी संगठन के लिए चुनौती भी बन सकता है। टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं और उनके समर्थकों को साथ लेकर चलना कांग्रेस की रणनीति का अहम हिस्सा होगा।

नरेंद्र रेगर बोले- पालिका चुनाव से मिली सीख

शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेंद्र कुमार रेगर ने नगर पालिका चुनाव को संगठन के लिए सीख देने वाला चुनाव बताया। उन्होंने कहा कि पालिका चुनाव के दौरान पार्टी के साथ बगावत करने वालों को संगठन के स्तर पर अनुशासन का संदेश दिया जाएगा और समय आने पर कार्रवाई भी की जाएगी। रेगर ने पंचायत समिति चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं के सामने स्पष्ट लक्ष्य रखते हुए कहा कि उन्होंने शाहपुरा में कांग्रेस का प्रधान बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के सहयोग से इस लक्ष्य को पूरा करने की बात कही। उनके बयान को नगर पालिका चुनाव के बाद संगठन में अनुशासन बनाए रखने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पंचायत चुनाव में पार्टी के सामने टिकट वितरण के बाद संभावित असंतोष और बगावत को नियंत्रित रखने की चुनौती रहेगी।

राजकुमार बैरवा ने एकजुटता पर दिया जोर

पूर्व प्रत्याशी राजकुमार बैरवा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर चुनाव में एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और संगठन के निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया। बैरवा ने कहा कि पंचायत चुनाव में पार्टी के सामने एक स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए और सभी कार्यकर्ताओं को उसी दिशा में मिलकर काम करना चाहिए।

रमेश सेन बोले- कांग्रेस के पक्ष में माहौल

शाहपुरा नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश सेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भी कांग्रेस को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि शाहपुरा में कांग्रेस का पालिका बोर्ड बनने के बाद गांवों में भी पार्टी के पक्ष में माहौल बनने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस माहौल को केवल राजनीतिक उत्साह तक सीमित नहीं रखने और इसे बूथ तथा पंचायत स्तर पर संगठन मजबूत करने में इस्तेमाल करने की अपील की। सेन ने कहा कि जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन के जरिए ही इस माहौल को चुनावी परिणाम में बदला जा सकता है।

युवाओं की भागीदारी पर जोर

पालिका उपाध्यक्ष इशाक मोहम्मद ने पंचायत चुनाव में युवाओं को अधिक से अधिक राजनीतिक भागीदारी देने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवा कार्यकर्ताओं की सक्रियता पार्टी के चुनाव अभियान को नई ऊर्जा दे सकती है। बैठक में शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से कांग्रेस नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे। दावेदारों के समर्थकों की मौजूदगी और नारेबाजी ने चुनावी गतिविधियों की शुरुआत का संकेत दिया।

टिकट वितरण होगी संगठन के लिए चुनौती

नगर पालिका चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस अब पंचायत राज चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। शाहपुरा पंचायत समिति में प्रधान बनाने का लक्ष्य पार्टी ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से सामने रखा। हालांकि 67 दावेदारों का सामने आना यह भी बताता है कि टिकट को लेकर पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा तेज है। कुछ आवेदकों ने ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन किया है। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन के बाद सभी दावेदारों और उनके समर्थकों को एकजुट रखना कांग्रेस संगठन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

शाहपुरा की राजनीति में नगर पालिका चुनाव के बाद बदला राजनीतिक समीकरण अब पंचायत राज चुनाव की तैयारियों को प्रभावित करता नजर आ रहा है। कांग्रेस जहां पालिका चुनाव की जीत से बने उत्साह को गांवों तक पहुंचाने की कोशिश में है, वहीं पंचायत समिति स्तर पर संगठन की एकजुटता और टिकट वितरण के बाद की स्थिति उसके लिए अहम रहेगी।

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