विधान परिषद चुनावः सपा का बड़ा फेरबदल, गोरखपुर-फैजाबाद और आगरा शिक्षक सीट पर बदले प्रत्याशी

खबर सार :-

यूपी विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीटों के चुनाव से पहले सपा ने दो उम्मीदवार बदल दिए। गोरखपुर-फैजाबाद से डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा से डॉ. आकाश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है।
सपा ने बदले गोरखपुर-फैजाबाद और आगरा के प्रत्याशी

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने दो प्रत्याशियों को बदल दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पहले घोषित कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्त की जगह पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है।

अखिलेश यादव ने दोनों बदलावों को संबंधित नेताओं की सहमति से लिया गया फैसला बताया। उन्होंने नए प्रत्याशियों का स्वागत करते हुए पहले घोषित उम्मीदवारों कमलेश यादव और प्रकाश चंद्र गुप्त के साथ उनके परिवारों और समर्थकों के प्रति भी आभार जताया। सपा अध्यक्ष ने कहा कि दोनों नेताओं ने पार्टी के फैसले में जिस तरह सहयोग किया, उसके लिए वह उनके आभारी रहेंगे और समय आने पर उन्हें उचित सम्मान दिया जाएगा। सपा ने इससे पहले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से कमलेश यादव और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्त को प्रत्याशी घोषित किया था। अब दोनों सीटों पर पार्टी ने नए चेहरों को मैदान में उतारा है।

23 अक्टूबर को मतदान

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। चुनाव कार्यक्रम को देखते हुए राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि दोनों अनुभवी नेताओं के पार्टी के साथ आने से चुनाव में मजबूती मिलेगी। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से नए प्रत्याशियों के साथ पूरी ताकत से जुटने और पार्टी के सभी उम्मीदवारों को जिताने के लिए काम करने की अपील की।

भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे संजयन त्रिपाठी

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाए जाने को चुनावी लिहाज से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान त्रिपाठी भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। भाजपा की ओर से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद संजयन त्रिपाठी ने पार्टी से दूरी बना ली थी और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। अब समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपने टिकट पर चुनाव मैदान में उतार दिया है। इससे इस सीट पर मुकाबले का राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बनी है। हालांकि, किसी प्रत्याशी के मैदान में आने से चुनाव का परिणाम क्या होगा, यह मतदाताओं के रुख और मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।

पूर्व एमएलसी आकाश अग्रवाल को मौका

आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा ने पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। अग्रवाल इससे पहले निर्दलीय एमएलसी रह चुके हैं। उनका कार्यकाल भी उन सीटों में शामिल है जिन पर मौजूदा चुनाव के तहत मतदान होना है। सपा की ओर से अग्रवाल को उम्मीदवार बनाए जाने को उनके पूर्व चुनावी अनुभव के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी अब उनके अनुभव और क्षेत्र में संपर्क को चुनाव अभियान में इस्तेमाल करने की तैयारी में है।

शिक्षकों के मुद्दों पर सपा का फोकस

उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने गलत तरीके से वोट बनवाए हैं। हालांकि, ऐसे आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब अलग से सामने आना बाकी है। अखिलेश यादव ने प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने गोरखपुर में सड़क पर पानी भरे होने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने का दावा किया। उन्होंने संतकबीरनगर में एक पहलवान की हत्या सहित प्रदेश में हुई अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया। सपा अध्यक्ष ने पुलिस व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को भी आगामी चुनावी विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

पेपर लीक और शिक्षकों के मुद्दे शामिल करने का संकेत

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं और सरकारी नौकरियों में भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा कि सपा शिक्षकों से जुड़े कई मुद्दों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी। इनमें तदर्थ शिक्षक, वित्तविहीन शिक्षक, शिक्षामित्र और पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दे शामिल हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षकों के साथ भेदभाव एक बड़ा सवाल है और उनकी पार्टी इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

इस तरह उम्मीदवार बदलने के साथ सपा ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में संगठनात्मक और मुद्दा आधारित अभियान की दिशा भी स्पष्ट करने के संकेत दिए हैं। अब गोरखपुर-फैजाबाद और आगरा शिक्षक सीटों पर नए प्रत्याशियों के साथ पार्टी का चुनावी अभियान किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर नजर रहेगी।

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