पुल निर्माण ठप होने से परेशान हैं दिलौरी के लोग, संपर्क मार्ग से जोड़ने की गुहार कर रहे भागलपुर के ग्रामीण

खबर सार :-

पीरपैंती प्रखंड के हरिनकोल पंचायत स्थित दिलौरी गांव में एक पुल बनाया जा रहा था। इसका निर्माण रूका हुआ है। इससे संपर्क मार्ग तक पहुंचना कठिन हो गया है।
बाढ़ को लेकर परेशान हैं ग्रामीण, संपर्क से कट गया भागलपुर का दिलौरी गांव

खबर विस्तार : -

भागलपुर: जिले के पीरपैंती प्रखंड के हरिनकोल पंचायत स्थित दिलौरी गांव में आरसीडी रोड से जोडकर एक पुल बनाया जा रहा था। इसमें कुछ ही काम हुआ है। अब बारिश में यहां पानी भरने लगा है। इससे संपर्क मार्ग तक भी मुश्किल से पहुंचा जा सकता है। यह पुल चंद्रशेखर यादव के घर तक बनाया जा रहा था। पुल निर्माण में विभागीय उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। इस कारण पिछले पांच महीनों से इसका काम समझ से परे है। एनडीबी राज्य योजना के तहत करीब 0.700 किलोमीटर लंबाई बनाकर इसे रोड से जोड़ना था। इसका निर्माण कार्य काफी धीमी गति को हो रहा है। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और संवेदक के खिलाफ आक्रोश भी दिखने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनाने में ठेकेदार मनमानी कर रहा है।

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कई दिनों के लिए निर्माण ठप रहता

जब कभी इस पर काम शुरू कर दिया जाता है। कभी तो सुबह काम शुरू होता है और शाम को पता चलता है कि अब यह कुछ दिन के लिए रोका जा रहा है। यानी इसका निर्माण बाद में होगा। लोगों द्वारा ठेकेदार द्वारा नियमित रूप से कार्य की मांग की जा रही है। लोगों ने बताया कि कभी तो साइट पर दो-तीन दिन मजदूर लगाकर काम शुरू किया जाता है, लेकिन फिर कई दिनों के लिए निर्माण ठप रहता है। गांव और पुल की हालत यह है। यहां के अन्य रास्तों का भी यही हाल है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और बाजार जाने वालों के अलावा आम लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

अधिकारियों से दौरा करने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुल निर्माण से संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि कार्य स्थल की नियमित निगरानी की जाए और ठेकेदार को पाबंद कर बाढ़ से पहले हर हाल में पुल का निर्माण पूरा कराया जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यहां लगातार मजदूर लगाकर काम कराया जाए। पांच महीने बीत जाने के बाद भी ढांचा तक तैयार नहीं कराया जा सका है। यह अधूरा निर्माण बारिश में दिलौरी गांव के लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। निर्माण स्थल पर बनाए जा रहे पिलर के आसपास बच्चे खेलते रहते हैं। यह गांव का मुख्य आवागमन मार्ग है।

इस पर काम होने के कारण लोग पिलर के पास से होकर निकलते हैं। ऐसे में निर्माण स्थल की घेराबंदी न होने से दुर्घटना का डर बना रहता है। अब सबसे ज्यादा चिंता बाढ़ को लेकर है। यहां के रहने वाले वकील मंडल, भगवान मंडल, शारदा देवी और शुक्री मंडल ने बताया कि दिलौरी गांव हर साल बाढ़ झेलता है। यहां आसपास पानी भर जाता है। यदि पुल नहीं बन रहा है तो लोगों को बड़ी मुसीबत उठानी पड सकती है। बाढ़ आने से पहले इस पुल का निर्माण कार्य पूरा होना जरूरी है। पूरे दिलौरी गांव का सड़क संपर्क कट जाएगा।

मरीजों को अस्पताल पहुंचाना संभव नहीं

पानी भरा होने के कारण गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। यहां तक कि मरीजों को अस्पताल ले जाना और रोजमर्रा का सामान लाना भी संभव नहीं होगा। इस संबंध में हरिनकोल पंचायत के मुखिया दीपक सिंह ने बताया कि उन्हें इस पुल निर्माण की आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। यदि ठेकेदार या निर्माण एजेंसी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, तो कार्रवाई की मांग की जाएगी। मांग की गई कि बाढ़ शुरू होने से पहले इस पुल का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। यद्यपि जहां कहीं भी काम हो रहे थे, वहां बारिश के कारण प्रभावित हो रहे हैं। कई स्थानों पर भी काम रोका गया है। अब देखना यह है कि अधिकारी ग्रामीणों की परेशानी पर कितना ध्यान देते हैं। हालांकि उनकी परेशानी गंभीर है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीे है। 

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