सरकार कर रही धन की बरसात, दीपावली से पहले चमकेगी रामनगरी Ayodhya

खबर सार :-

सरकार अयोध्या को सजाने में लगी है। यहां के परिक्रमा मार्ग पर सबसे ज्यादा ध्यान है। बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों के लिए शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने और प्रकाश की व्यवस्था पर पूरी क्षमता लगा दी है।
deepotsav से पहले सज जाएगी Ayodhya, परिक्रमा मार्ग की हर चीज आकर्षक

खबर विस्तार : -

अयोध्या, Ayodhya को सजाया जा रहा है। यहां के परिक्रमा मार्ग का स्वरूप बदल चुका है। आस्था से जुड़े इस मार्ग को सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इसमें लाइट, बिजली, बेंच और पानी की व्यवस्था उत्कृष्ठ की जा रही है। डिवाइडर कलरफुल किए जा रहे हैं। खाली जमीन पर पौधे लगाए गए हैं। इनके बीच फूल खिलने लगे हैं।

पूरी दुनिया का ध्यान खींच रहा परिक्रमा मार्ग

रामनगरी की पहचान हर साल बदल रही है। अब Ayodhya राम की अयोध्या बन रही है। यहां के मंदिर विश्व के तमाम धार्मिक स्थलों के बीच अपनी अलग छाप छोड़ने लगे हैं। राम नाम की परंपरा और श्रद्धा सदियों से यहां के प्रति समर्पित रही है। श्रद्धालुओं की आस्था की छाप परंपराओं से लेकर व्यवस्था तक देखी जाती हैं। 14 कोसी परिक्रमा अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आवागमन के लिए विख्यात हो रहा है। जिस जगह के प्रति आस्था होने के बाद भी लोग कुछ कर नहीं पाते थे, आज वहां का स्वरूप विश्व की चकाचौंध के रूप में दिखाई देने लगा है। 

सीएम के नेतृत्व में कराए जा रहे विकास कार्य

श्रद्धालुओं के आस्था पथ को सुगम और सुविधाजनक लगभग बना दिया गया है। गुप्तार घाट से लेकर परिक्रमा मार्ग तक की सड़कें चौड़ीकरण और खूबसूरती का दृश्य दिखा रही हैं। deepotsav से पहले ही बचा काम भी पूरा करने का लक्ष्य बना लिया गया है। यहां का कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रहा है। उत्तर प्रदेश की सरकार अयोध्या में पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है। करीब 1140 करोड़ रुपये की लागत से 31 किलोमीटर लंबा परिक्रमा पथ का भी स्वरूप बदल रहा है।

अब लोगों को यह फोरलेन में मिलेगा। 42 किमी इस मार्ग की जानकारी दुनियाभर के लोगों को होगी। इसका ज्यादा हिस्सा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग से भी जुड़ा है। अयोध्या के विकास कार्य खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कराए जा रहे हैं। यहां के सारे काम दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अयोध्या विश्वस्तर पर प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है। यहां पर अपार भक्तिवाले संत भी बड़ी संख्या में रहते हैं। 

हर साल बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या

इनके प्रति भी सरकार का नजरिया स्नेहदिल है। परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क, शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बेंच और प्रकाश व्यवस्था होगी। लोक निर्माण विभाग खंड-3 की ओर से कई काम कराए जा रहे हैं। यह सभी अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। सरकार का ध्यान मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। अयोध्या ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है। यहां आस्था की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जा रही हैं। Ayodhya की प्राचीन धार्मिक परंपरा में परिक्रमा भी महत्वपूर्ण है।

श्रद्धालु इस परिक्रमा के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक सीमा की परिक्रमा करते हैं। श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर इस पारंपरिक धार्मिक यात्रा को कई अवसरों में निभाते हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां पैदल चलते हैं। ऐसे में परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना जरूरी बन रहा था। इससे हजारों श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक सुगम बनाने में कामयाबी मिल रही है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए इस मार्ग का फोरलेन निर्माण यातायात और परिक्रमा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है। 

आकर्षक लाइट लगाकर मार्ग को दी जा रही रौनकता

मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। इस मार्ग को अत्याधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। इसका उद्देश्य परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को रास्ते में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज नए लुक में है। इससे यहां का आवागमन सुगम हुआ है। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। केंद्र में भी भाजपा है।

चुनाव भी मंदिर मसले को लेकर ही जीते, इसलिए यहां के लिए धन और योजनाओं की कमी नहीं है। परियोजना के तहत परिक्रमा मार्ग के डिवाइडर पर रेलिंग लगाई जा रही है। मार्ग के बीच-बीच में पौधारोपण के बाद ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं।  मार्ग को लाइटों से सजाया जा रहा है। भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। अचारी सगरा के पास भी प्रकाश व्यवस्था शुरू हो गई है। 

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